0 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी नया रायपुर को ऐतिहासिक रेल कनेक्टिविटी की सौगात
रायपुर, 31 मार्च (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ का नया रायपुर, जो अब तक स्मार्ट सिटी के रूप में पहचाना जाता था, आज एक नए अध्याय में प्रवेश कर चुका है – स्मार्टली कनेक्टेड सिटी के रूप में।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 मार्च को बिलासपुर के मोहभट्टा ग्राम में आयोजित आमसभा और लोकार्पण शिलान्यास समारोह में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अभनपुर-रायपुर मेमू ट्रेन सेवा का शुभारंभ कर नया रायपुर को भारतीय रेल नेटवर्क से सीधे जोडऩे की ऐतिहासिक शुरुआत की। इस नई मेमू सेवा के शुरू होने से अब रायपुर रेलवे स्टेशन से मंदिरहसौद, सीबीडी, केंद्री होते हुए नया रायपुर तक की यात्रा सीधी, सहज और मात्र 10 रुपये में संभव हो गई है। राज्य सचिवालय, मंत्रालय, आवासीय क्षेत्र और शैक्षणिक संस्थानों में कार्यरत हजारों कर्मचारी, विद्यार्थी और आमजन इससे लाभान्वित होंगे।
रेल सेवा की शुरुआत से अब रायपुर रेलवे स्टेशन से मंदिर हसौद, सीबीडी, केंद्री होते हुए नया रायपुर तक यात्रियों के लिए सीधी और किफायती ट्रेन सुविधा उपलब्ध होगी। इसका सीधा लाभ नया रायपुर के मंत्रालय, सचिवालय, आवासीय क्षेत्रों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को मिलेगा। यह सेवा नया रायपुर को रायपुर शहर और क्षेत्रीय रेल नेटवर्क से जोडऩे की दिशा में मील का पत्थर है। यह न केवल यात्रियों के समय और धन की बचत करेगा, बल्कि नया रायपुर को आवागमन, निवेश और आवासीय विकास की दृष्टि से नई उड़ान देगा।
मेमू ट्रेन सेवा की प्रमुख विशेषताएँ:
अत्याधुनिक थ्री-फेज़ मेमू ट्रेन – उच्च गति, ऊर्जा दक्षता और आरामदायक यात्रा अनुभव
स्टॉपेज: रायपुर, मंदिर हसौद, नया रायपुर सीबीडी, केंद्री और अभनपुर
विशेषता: कुशन वाली सीटें, बड़ी खिड़कियाँ, मोबाइल चार्जिंग सॉकेट, जीपीएस-आधारित स्टेशन डिस्प्ले, सीसीटीवी निगरानी, बायो-टॉयलेट्स
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की 4 पूर्ण रेल परियोजनाओं (कुल लागत: 2,695 करोड़) को राष्ट्र को समर्पित किया और 7 नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जो आने वाले समय में राज्य के रेल नेटवर्क को और सशक्त बनाएँगी।
रायपुर | छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मोहभट्ठा ग्राम में आयोजित आमसभा और लोकार्पण-शिलान्यास समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के दौरान एक ऐसा मानवीय और भावनात्मक पल आया, जिसे सभा में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति ने देखा और दिल से सराहा।
जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंच से जनसभा को संबोधित कर रहे थे, तभी उनकी नजर एक बालिका पर पड़ी, जो उनकी पेंटिंग हाथ में उठाकर काफी देर से खड़ी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसकी भावना को समझा, और मंच से ही उन्होंने कहा वहाँ एक बेटी पेंटिंग बना के लाई हैं, बेचारी कब से हाथ ऊपर रखे खड़ी हैं। मैं जऱा सिक्योरिटी वालों से कहूंगा। उस बेटी को... पेंटिंग के पीछे बेटा नाम-पता लिख देना, मैं आपको चिट्ठी भेजूंगा। जरा इस पेंटिंग को कोई कलेक्ट करके मेरे तक पहुंचा दे। बहुत-बहुत धन्यवाद बेटा, बहुत धन्यवाद।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस आत्मीयता भरी पहल से वहां मौजूद जनता की तालियों की गडग़ड़ाहट से सभास्थल गूंज उठा। यह घटना प्रधानमंत्री मोदी की सरलता और संवेदनशील स्वभाव को दर्शाती है, जिससे वे हमेशा जनता के दिलों में विशेष स्थान बनाए रखते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ये बातें न सिर्फ उस बच्ची के चेहरे पर मुस्कान ले आईं, बल्कि वहाँ मौजूद हजारों लोगों के मन को भी छू गईं। इस दृश्य ने यह भी दर्शाया कि यदि बच्चे की प्रतिभा को सही समय पर सही व्यक्ति से सराहना मिले, तो उसके मन में आत्मविश्वास और प्रेरणा के दीप जलते है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह छोटा-सा लेकिन भावनाओं से भरा कदम, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे अभियानों को और भी अधिक मानवीय अर्थ प्रदान करता है। यह प्रतिभा का सम्मान था - और वह सम्मान मिला देश के सर्वोच्च नेता के हाथों से। एक बेटी की कला, एक प्रधानमंत्री की संवेदना – यही है नया भारत।
रायगढ़। प्रदेश में माननीय प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इस अवसर पर विभिन्न विभागों समेत पुलिस महकमा अलर्ट मोड पर है। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल ने मार्ग व्यवस्था को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। वरिष्ठ अधिकारी और थाना प्रभारी इन निर्देशों के पालन में विभिन्न चेक पॉइंट्स पर ड्यूटी पर तैनात हैं।
इसी कड़ी में आज रायगढ़-पूंजीपथरा मार्ग पर हाईवे पेट्रोलिंग कर रहे सहायक उप निरीक्षक राजेंद्र पटेल और हमराह स्टाफ ट्रैफिक जवानों का एक सराहनीय कार्य सामने आया। वाहन चेकिंग के दौरान जवानों ने अपने पास रखी पानी की बोतलें और पाउच जरूरतमंद वाहन चालकों को वितरित किए। भीषण गर्मी में इस मानवीय पहल ने वाहन चालकों को राहत पहुंचाई।
मौके पर एडिशनल एसपी आकाश मरकाम और ट्रैफिक डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह भी मौजूद थे। उन्होंने जवानों की इस पहल की सराहना की और अतिरिक्त पानी की व्यवस्था कराकर और अधिक वाहन चालकों को राहत देने के निर्देश दिए।
ड्राइवरों ने पुलिस के इस कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसी मानवीय संवेदनाएं समाज में पुलिस के प्रति विश्वास को मजबूत करती हैं। भीषण गर्मी में ट्रैफिक जवानों की यह पहल लोगों के दिलों को छू गई।
पुलिस का यह कार्य दर्शाता है कि वे न केवल सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्पर रहते हैं, बल्कि समाज की भलाई और मानवता की सेवा में भी आगे रहते हैं। इस पहल ने पुलिस विभाग की सकारात्मक छवि को और अधिक सशक्त किया।
रायगढ़। घरघोड़ा पुलिस ने अमानत में खयानत के गंभीर मामले में सक्ती जिले के निवासी शकील अहमद को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने कंस्ट्रक्शन कंपनी मेसर्स आर्या के अधीन जल जीवन मिशन योजना के तहत जल-नल कनेक्शन के काम में ठेकेदारी ली थी, लेकिन काम अधूरा छोड़कर करीब 25 लाख रुपये की सामग्री का कोई हिसाब-किताब नहीं किया।
घटना को लेकर 28 मार्च को मेसर्स आर्या कंस्ट्रक्शन कंपनी रायगढ़ के एकाउंटेंट मिथलेश कुमार पटेल ने थाना घरघोड़ा में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, कंपनी ने तमनार और घरघोड़ा ब्लॉक में जल जीवन मिशन योजना के तहत जल-नल आपूर्ति का कार्यादेश लिया था। शकील अहमद को जुलाई 2023 में पेटी कॉन्ट्रैक्टर के रूप में ठेका दिया गया।
कंपनी ने उसे जुलाई-अगस्त, सितंबर-अक्टूबर में नकद और नवंबर में चेक के माध्यम से कुल 22.50 लाख रुपये का भुगतान किया। इसके अलावा, कार्य के लिए कोटरीमाल स्टोर में 330 टन सीमेंट, 30.93 टन स्टील, 52,000 मीटर पाइप, 17,000 मीटर कंपोजिट पाइप सहित अन्य निर्माण सामग्री उपलब्ध कराई गई।
जनवरी 2024 में शकील अहमद काम छोड़कर फरार हो गया। जब 11 जनवरी 2024 को सामग्री का मिलान किया गया, तो 135 टन सीमेंट, 13 टन स्टील, 3,000 मीटर पाइप, 4,000 मीटर कंपोजिट पाइप और अन्य सामान सहित करीब 25 लाख रुपये मूल्य की सामग्री गायब पाई गई। शिकायतकर्ता के अनुसार शकील अहमद ने नगद रु.22.50 लाख लेकर 25 लाख रुपए के समान गायब कर फरार हो गया।
आवेदन पर घरघोड़ा पुलिस ने अपराध क्रमांक 72/2025 धारा 409 भा.द.वि. के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। थाना प्रभारी रामकिंकर यादव के नेतृत्व में साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया।
इस कार्रवाई में निरीक्षक रामकिंकर यादव, सहायक उप निरीक्षक रामसंजीवन वर्मा, प्रधान आरक्षक पारसमनी बेहरा, आरक्षक हरीश पटेल, उद्यो पटेल और अन्य स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
रायगढ़। यातायात व्यवस्था बनाए रखने में तत्पर ट्रैफिक जवान केवल सड़कों पर नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं कराते, बल्कि कई बार समाज और पर्यावरण के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसा ही एक उदाहरण रायगढ़ के पूंजीपथरा मार्ग पर देखने को मिला, जहां आरक्षक अशोक सम्राट ने अपनी बहादुरी और तत्परता से एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया।
रविवार सुबह, किलो डेम नो एंट्री चेक पॉइंट पर ट्रैफिक आरक्षक अशोक सम्राट की ड्यूटी लगी थी। वे नियमित रूप से वाहनों को सड़क किनारे व्यवस्थित कर यातायात व्यवस्था सुचारू रखने में लगे थे। इसी दौरान, सड़क के किनारे स्थित झाड़ियों में अचानक आग लग गई। आसपास घना जंगल होने के कारण आग के तेजी से फैलने की संभावना थी।
आरक्षक अशोक सम्राट ने बिना समय गंवाए स्थिति को भांप लिया और तत्काल आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए। उन्होंने झाड़ियों का सहारा लेकर आग को काबू में करने का प्रयास किया। उनकी इस पहल को देखकर वहां मौजूद ट्रक ड्राइवर भी सहायता के लिए आगे आए और सभी के सामूहिक प्रयासों से आग पर जल्द ही काबू पा लिया गया।
इस साहसिक कार्य के लिए राहगीरों और स्थानीय नागरिकों ने आरक्षक अशोक सम्राट की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उनका यह कृत्य पर्यावरण के प्रति उनकी जागरूकता और समर्पण को दर्शाता है।
गौरतलब है कि जंगलों में आग लगने की घटनाएं अक्सर लोगों की लापरवाही के कारण होती हैं, जिससे छोटे पेड़-पौधे और वन्य जीवों को नुकसान पहुंचता है। ऐसे में ट्रैफिक जवान अशोक सम्राट का यह सराहनीय कार्य अन्य लोगों को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित करेगा।
यातायात पुलिस विभाग ने भी आरक्षक अशोक सम्राट की तत्परता और जिम्मेदारी निभाने के जज्बे की सराहना की है। यह घटना साबित करती है कि पुलिस जवान केवल कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि समाज और पर्यावरण की रक्षा के प्रति भी प्रतिबद्ध होते हैं।
रायगढ़। समाज कल्याण विभाग द्वारा 28 मार्च को लैलूंगा विकास खंड मुख्यालय के चिकित्सा केन्द्र में आंकलन शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में दिव्यांग जनों की उपस्थिति रही। आयोजित शिविर में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत नशे से होने वाली जान लेवा बीमारियों से अवगत कराया गया। साथ ही नशा खोरी के दुष्परिणामों के बारे में बताया गया। मौके पर नशा मुक्त हो कर नशा न करने के लिए शपथ दिलाई गई। इसी तरह आगामी 1 अप्रैल को लैलूंगा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत मुकडेगा में भी दिव्यांग जनों के लिए आंकलन शिविर का आयोजन किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांग जनों के लिए रायगढ़ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आंकलन चिन्हांकित शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें रायगढ़ के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम एवं समाज कल्याण विभाग के अधिकारी कर्मचारियों के द्वारा स्थानीय जनपद पंचायत के एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ के सहयोग से शिविर में पहुँचने वाले दिव्यांग जनों की चिकित्सीय परीक्षण कर उन्हें उचित मार्ग दर्शन एवं लाभ की सुविधा प्रदान कर रहे हैं।