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 इंडिगों ने यात्री को दिया ‘मिनी हार्ट अटैक’, उड़ान के दौरान हिलने लगी सीट
Posted Date : 20-Mar-2025 8:26:43 pm

इंडिगों ने यात्री को दिया ‘मिनी हार्ट अटैक’, उड़ान के दौरान हिलने लगी सीट

नई दिल्ली ।  दिल्ली से लखनऊ जा रही इंडिगो की एक उड़ान में एक यात्री को उस समय भयावह अनुभव हुआ जब उड़ान भरने के तुरंत बाद उसकी सीट अचानक जोर से हिलने लगी। यात्री ने इस घटना को ‘मिनी हार्ट अटैक’ जैसा बताया और इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसके बाद एयरलाइन ने माफी मांगी है और जांच का आश्वासन दिया है।
दक्ष सेठी नामक यात्री ने इंस्टाग्राम पर वीडियो साझा करते हुए लिखा कि यह उनके लिए एक डरावना अनुभव था और उन्होंने पहले कभी ऐसा महसूस नहीं किया था। उन्होंने बताया कि सीटें सचमुच आगे-पीछे हिल रही थीं। सेठी के अनुसार, चालक दल ने तुरंत उन्हें खाली सीटों पर स्थानांतरित कर दिया और विमान के उतरने के बाद रखरखाव कर्मियों को समस्या का निरीक्षण करने के लिए कहा गया।
यात्री ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह कोई बड़ी समस्या नहीं हो सकती है, लेकिन वह नहीं चाहेंगे कि कोई बीमार या बुजुर्ग व्यक्ति उड़ान के बीच में ऐसी सीट पर बैठे। वीडियो में, सेठी और दो अन्य यात्री एक पंक्ति में बैठे दिखाई दे रहे हैं, जिनकी सीटें अप्रत्याशित रूप से हिल रही हैं। सेठी ने इस अनुभव को भयावह बताते हुए विमान के खराब रखरखाव की ओर इशारा किया।
इंडिगो एयरलाइन ने सेठी के वीडियो पर टिप्पणी करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। एयरलाइन ने लिखा, श्री सेठी, हमसे संपर्क करने के लिए धन्यवाद। हम आपके उड़ान अनुभव के लिए खेद व्यक्त करते हैं। यह स्पष्ट रूप से एक विसंगति थी, एक बहुत ही असामान्य घटना क्योंकि इन सीटों में लॉकिंग मैकेनिज्म होता है।  एयरलाइन ने आगे कहा, कृपया निश्चिंत रहें, आपकी प्रतिक्रिया को बहुत गंभीरता से लिया जा रहा है और इसकी पूरी तरह से जांच की जाएगी। हम समझते हैं कि हमारे चालक दल ने स्थिति को संभालने के लिए तुरंत कार्रवाई की और आपको एक वैकल्पिक सीट प्रदान की। हमारे ग्राहकों की सुरक्षा और आराम हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम आपकी प्रतिक्रिया की सराहना करते हैं और आपको यह विश्वास दिलाते हैं कि हम अपने सभी ग्राहकों को एक सुरक्षित, परेशानी मुक्त और सुखद यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस घटना पर सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा, क्चङ्घह्रस् – अपनी सीट खुद लेकर आएं। वहीं, एक अन्य यूजर ने सेठी की सराहना करते हुए लिखा कि उन्होंने अपने अनुभव को साझा किया और एयरलाइन को उनकी गलती के लिए जिम्मेदार ठहराया। कुछ अन्य यूजर्स ने हाल के दिनों में इंडिगो की सेवाओं में गिरावट की शिकायत भी की है।

 

 छोटे डिजिटल पेमेंट पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, आप पर कैसे पड़ेगा असर
Posted Date : 20-Mar-2025 8:26:21 pm

छोटे डिजिटल पेमेंट पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, आप पर कैसे पड़ेगा असर

नई दिल्ली।  केंद्र की मोदी सरकार ने छोटे डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 1,500 करोड़ की प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है। यह योजना विशेष रूप से छोटे व्यापारियों को लाभान्वित करेगी और इसका उद्देश्य डिजिटल भुगतान की पहुंच को बढ़ाना है।
मंत्रिमंडल द्वारा जारी बयान के अनुसार, ‘कम वैल्यू वाले भीम-यूपीआई लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए व्यक्ति से व्यापारी (पी2एम) प्रोत्साहन योजना’ को 1,500 करोड़ की अनुमानित लागत से लागू किया जाएगा। इस योजना के तहत, केवल छोटे व्यापारियों के लिए 2,000 तक के यूपीआई लेनदेन को शामिल किया गया है।
सरकार छोटे व्यापारियों की श्रेणी से संबंधित 2,000 तक के प्रत्येक लेनदेन पर 0.15 प्रतिशत की दर से प्रोत्साहन प्रदान करेगी। इस पहल का मुख्य लक्ष्य व्यापारियों और उपभोक्ताओं पर वित्तीय बोझ को कम करते हुए डिजिटल भुगतान को व्यापक रूप से अपनाना है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल का मानना है कि यह प्रोत्साहन योजना छोटे व्यवसायों को डिजिटल भुगतान के माध्यम से लेनदेन करने के लिए प्रोत्साहित करेगी, जिससे अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता और दक्षता आएगी। यह कदम सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान को और मजबूत करेगा।

 

भारत और नॉर्वे द्विपक्षीय व्यापार व निवेश संबंधों को करेंगे मजबूत
Posted Date : 19-Mar-2025 7:15:02 pm

भारत और नॉर्वे द्विपक्षीय व्यापार व निवेश संबंधों को करेंगे मजबूत

नई दिल्ली । केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को नॉर्वे के विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ ईडे के साथ चर्चा के बाद कहा कि भारत और नॉर्वे अपनी व्यापार और निवेश साझेदारी को मजबूत करना चाहते हैं।
दोनों नेताओं ने आर्थिक सहयोग बढ़ाने तथा प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया।
अपनी बातचीत के दौरान उन्होंने कार्यबल गतिशीलता और कौशल विकास में सुधार लाने पर ध्यान केंद्रित किया, जिससे दोनों देशों के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
गोयल ने कहा, भारत और नॉर्वे व्यापार संबंधों को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ा सकते हैं और अगले दशक में द्विपक्षीय व्यापार को दस गुना बढ़ाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित कर सकते हैं।
भारतीय मंत्री ने ईएफटीए-टीईपीए (यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ - व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौता) और इसकी निवेश प्रतिबद्धताओं के महत्व पर भी जोर दिया तथा भारत-नॉर्वे व्यापार संबंधों के लिए इसके संभावित लाभों पर प्रकाश डाला।
गोयल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, हमारे द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को गहरा करने, कौशल विकास और कार्यबल गतिशीलता में सहयोग बढ़ाने, ईएफटीए-टीईपीए के महत्व और इसकी निवेश प्रतिबद्धताओं पर चर्चा की गई।
मंत्रियों ने वैश्विक व्यापार मुद्दों, विश्व व्यापार संगठन सुधारों तथा उभरते भू-राजनीतिक और आर्थिक रुझानों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
उन्होंने उच्च स्तरीय व्यावसायिक संबंधों को बढ़ावा देने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुन: पुष्टि की, जिससे पारस्परिक विकास और आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा मिल सके।
केंद्रीय मंत्री ने दोनों देशों के व्यवसायों से इस लक्ष्य को प्राप्त करने में सक्रिय योगदान देने का भी आग्रह किया।
इस बीच, ईएफटीए ने अगले 15 वर्षों में भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को 100 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने तथा ऐसे निवेशों के माध्यम से भारत में 1 मिलियन प्रत्यक्ष रोजगार के सृजन को सुगम बनाने के उद्देश्य से निवेश को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।
निवेश में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश शामिल नहीं है। ईएफटीए अपनी टैरिफ लाइनों का 92.2 प्रतिशत प्रदान कर रहा है, जो इस क्षेत्र में भारत के 99.6 प्रतिशत निर्यात को कवर करता है।
ईएफटीए की बाजार पहुंच पेशकश में 100 प्रतिशत गैर-कृषि उत्पाद तथा प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों (पीएपी) पर टैरिफ रियायत शामिल है।
समझौते के तहत भारत अपनी टैरिफ लाइनों का 82.7 प्रतिशत प्रदान कर रहा है, जो ईएफटीए निर्यात का 95.3 प्रतिशत कवर करता है, जिसमें से 80 प्रतिशत से अधिक आयात सोने का है।

 

कोल इंडिया ने बीएसई, एनएसई से जुर्माना माफ करने का किया अनुरोध
Posted Date : 19-Mar-2025 7:12:35 pm

कोल इंडिया ने बीएसई, एनएसई से जुर्माना माफ करने का किया अनुरोध

नई दिल्ली । राष्ट्रीय खनन दिग्गज कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने बीएसई और एनएसई से कंपनी पर लगाए गए जुर्माने को माफ करने का अनुरोध किया है। सीआईएल पर यह जुर्माना लगाया जा रहा है क्योंकि कंपनी ने अपने बोर्ड में एक महिला सहित स्वतंत्र निदेशकों की अपेक्षित संख्या की नियुक्ति के लिए सेबी के मानदंड का पालन नहीं किया है।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) प्रत्येक ने 31 दिसंबर, 2024 को समाप्त तिमाही के लिए सेबी (सूचीबद्धता दायित्व और प्रकटीकरण आवश्यकताएं) विनियम, 2015 (सेबी एलओडीआर) के प्रावधानों का अनुपालन नहीं करने के लिए सीआईएल पर 9.7 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
कोल इंडिया लिमिटेड की तरफ से इसको लेकर कहा गया कि सेबी विनियमों के संबंध में गैर-अनुपालन न तो कंपनी द्वारा किसी लापरवाही या चूक के कारण था और न ही सीआईएल के प्रबंधन के नियंत्रण में था।अनुपालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास भी किए गए थे।
सीआईएल ने कहा है कि यह कोयला मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में एक ‘सरकारी कंपनी’ है।
कोल इंडिया लिमिटेड के एसोसिएशन के लेखों के अनुसार, सभी बोर्ड सदस्यों की नियुक्ति अध्यक्ष द्वारा की जाती है।
इसलिए बोर्ड सदस्यों की नियुक्ति सीआईएल के प्रबंधन के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। सीआईएल अपने बोर्ड में एक महिला स्वतंत्र निदेशक सहित अपेक्षित संख्या में स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति के लिए कोयला मंत्रालय के साथ नियमित रूप से मामले का फॉलो अप ले रहा है।
18 मार्च को एक विनियामक फाइलिंग में, कोल इंडिया ने खुलासा किया कि उसे 17 मार्च, 2025 को एनएसई और बीएसई से सेबी एलओडीआर के विनियम 17(1), 18(1), 19(1 और 2), और 21(2) के उल्लंघन का हवाला देते हुए नोटिस मिले थे।
परिणामस्वरूप, दोनों स्टॉक एक्सचेंजों ने कंपनी पर 9,69,960 रुपये का जुर्माना लगाया है।
सरकारी स्वामित्व वाली कोयला क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ने अपने बयान में कहा, सीआईएल ने बीएसई और एनएसई से जुर्माना माफ करने का अनुरोध किया था। पूर्व में एक्सचेंजों ने जुर्माना माफ करने के अनुरोध पर सकारात्मक रूप से विचार किया था।

 

देश में 55 करोड़ से अधिक जनधन खाते खुले, ग्रामीण और अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों की हिस्सेदारी 66 प्रतिशत से अधिक
Posted Date : 19-Mar-2025 7:11:55 pm

देश में 55 करोड़ से अधिक जनधन खाते खुले, ग्रामीण और अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों की हिस्सेदारी 66 प्रतिशत से अधिक

नई दिल्ली । देश में 7 मार्च 2025 तक 55.05 करोड़ जनधन खाते खुले हैं। इसमें से 36.63 करोड़ या 66.57 प्रतिशत ग्रामीण और अर्द्ध-शहरी क्षेत्रों में खुले हैं। यह जानकारी सरकार द्वारा मंगलवार को दी गई।  
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) के अंतर्गत 7 मार्च तक कुल नामांकन की संख्या बढक़र 50.30 करोड़ हो गई है।
अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टैंड अप इंडिया योजना और अन्य वित्तीय समावेशन योजनाओं में भी मजबूत प्रगति हुई है।
अटल पेंशन योजना में कुल नामांकन की संख्या 7.49 करोड़ हो गई है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के अंतर्गत 28 फरवरी तक 33.19 लाख करोड़ रुपये के 52.07 करोड़ लोन स्वीकृत किए जा चुके हैं।
स्टैंड अप इंडिया योजना (एसयूपीआई) के तहत योजना की शुरुआत से लेकर अब तक (7 मार्च तक) 60,504 करोड़ रुपये के 2.67 लाख लोन स्वीकृत किए गए हैं।
सरकार ने वित्तीय समावेशन के लिए प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) की शुरुआत अगस्त 2014 में की थी, जिसका उद्देश्य बैंकिंग सुविधा से वंचित प्रत्येक वयस्क को बैंकिंग सेवाएं प्रदान करना है।
पीएमएसबीवाई एक व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना है, जिसका हर साल रिन्यूएबल किया जा सकता है। इसमें 20 रुपये प्रति वर्ष के प्रीमियम पर दुर्घटना के कारण मृत्यु या स्थायी पूर्ण विकलांगता के लिए 2 लाख रुपये और स्थायी आंशिक विकलांगता के लिए 1 लाख रुपये का कवरेज दिया जाता है।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) एक जीवन बीमा योजना है, जिसे हर साल रिन्यू किया जा सकता है। यह 436 रुपये प्रति वर्ष के प्रीमियम पर किसी भी कारण से मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये का कवरेज प्रदान करती है।
केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, पीएमजेजेबीवाई में अब तक 23.21 करोड़ से अधिक नामांकन हो चुके हैं।
अटल पेंशन योजना का उद्देश्य 18 से 40 वर्ष की आयु के पात्र ग्राहकों को मासिक पेंशन प्रदान करना है, जो किसी भी संगठित पेंशन योजना के अंतर्गत कवर नहीं होते हैं।
इस योजना के तहत ग्राहकों को योगदान के आधार पर 60 वर्ष की आयु में 1,000 रुपये, 2,000 रुपये, 3,000 रुपये, 4,000 रुपये और 5,000 रुपये प्रति माह की निर्धारित न्यूनतम पेंशन मिलेगी।

 

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की खुदरा महंगाई दर चार प्रतिशत रहेगी : मॉर्गन स्टेनली
Posted Date : 18-Mar-2025 8:42:00 pm

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की खुदरा महंगाई दर चार प्रतिशत रहेगी : मॉर्गन स्टेनली

नई दिल्ली । अमेरिकी निवेश बैंक एवं वित्तीय सेवा कंपनी मॉर्गन स्टेनली ने वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की खुदरा महंगाई औसतन चार प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई है। कंपनी ने मंगलवार को जारी रिपोर्ट में कहा है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति की दर चार प्रतिशत पर रहने का मतलब है कि आने वाले महीनों में आरबीआई द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में 0.75 प्रतिशत की कटौती की जा सकती है, जबकि पहले 0.50 प्रतिशत की कटौती का अनुमान जारी किया गया था।
मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, खाद्य पदार्थों की कीमतों में कमी के कारण मुद्रास्फीति में नरमी से अतिरिक्त कटौती की गुंजाइश बनती है।
रिपोर्ट में कहा गया है, लगातार दो महीने (जनवरी और फरवरी में) ओवरऑल मुद्रास्फीति की दर अनुमानों से कम रही है। इसे देखते हुए हम अपने मौद्रिक नीति परिदृश्य को अपडेट करते हैं, और (नीतिगत दरों में) 0.25 प्रतिशत की एक और कटौती को जोड़ते हैं।
इसमें उम्मीद जताई गई है कि वित्त वर्ष 2025-26 में खुदरा महंगाई औसतन चार प्रतिशत रहेगी, जबकि इसके पहले 4.3 प्रतिशत का अनुमान लगाया गया था।
अमेरिका कंपनी ने कहा, इस प्रकार, हम 0.50 प्रतिशत के अपने पिछले अनुमान से 0.75 प्रतिशत की संचयी दर कटौती की ओर अग्रसर हैं।
जनवरी और फरवरी के खुदरा महंगाई के आंकड़ों में अपेक्षा से तेज गिरावट देखी गई, जो खाद्य मुद्रास्फीति में कमी के कारण संभव हुई। वहीं, कोर मुद्रास्फीति निचले स्तर पर सीमित दायरे में बनी रही।
मॉर्गन स्टेनली ने कहा, 31 मार्च को समाप्त होने वाली तिमाही के लिए अब हम हमारे पूर्व अनुमान 4.3 प्रतिशत की तुलना में खुदरा महंगाई के औसतन चार प्रतिशत पर रहने का अनुमान लगाते हैं। आरबीआई का ओवरऑल मुद्रास्फीति का एक लक्ष्य (2-6 प्रतिशत) है, इसलिए हमारा मानना है कि इससे अतिरिक्त नरमी की गुंजाइश बनती है।
फरवरी में सीपीआई आधारित मुद्रास्फीति 3.61 प्रतिशत रही। छह महीने में पहली बार यह आरबीआई के चार प्रतिशत के लक्ष्य से नीचे आई है।
खाद्य मुद्रास्फीति पिछले 12 महीने में ओवरऑल मुद्रास्फीति से ज्यादा रही है। इसमें मौसम संबंधी व्यवधानों का भी योगदान रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया है, हालांकि, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए खाद्य मुद्रास्फीति के परिदृश्य में सुधार हुआ है क्योंकि रबी और खरीफ फसल उत्पादन में सालाना आधार पर वृद्धि का अनुमान है, जो अस्थिरता को कम करने में भी मदद करेगा।
भले ही विकास में तेजी आ रही है, लेकिन ऋण वृद्धि की प्रवृत्ति अब भी 11 प्रतिशत पर नरम है, जो वित्तीय स्थिरता की चिंताओं को दूर रखता है और विनियमन तथा तरलता के मोर्चे पर और अधिक कटौती की संभावना को दर्शाता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कोर मुद्रास्फीति में गिरावट आश्चर्यजनक रही है, जो कोर वस्तुओं और सेवाओं की मुद्रास्फीति के निचले स्तर से प्रेरित है।
वास्तव में, भले ही बेस इफेक्ट सामान्य होने पर कोर मुद्रास्फीति बढ़ सकती है, लेकिन कमोडिटी की कीमतों में सीमा-बद्ध प्रवृत्ति से प्रेरित होकर इसके चार प्रतिशत के आसपास रहने की उम्मीद है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति में कमी का असर ओवरऑल सीपीआई में गिरावट की प्रवृत्ति की निरंतरता पर दिखने की संभावना है, जिस पर आरबीआई का फोकस होता है।
इस संदर्भ में, ओवरऑल मुद्रास्फीति में नरमी आरबीआई द्वारा नीतिगत दरों में और अधिक कटौती के लिए अधिक गुंजाइश पैदा करती है।