छत्तीसगढ़

आम फल बहार की नीलामी 9 अप्रैल को
Posted Date : 02-Apr-2025 9:22:08 pm

आम फल बहार की नीलामी 9 अप्रैल को

रायगढ़।  शासकीय उद्यान रोपणी बोईरदादर रायगढ़ के आम फल बहार की नीलामी प्रक्रिया 9 अप्रैल 2025 को प्रात: 11 बजे से शासकीय उद्यान रोपणी बोईरदादर, रायगढ़ में किया जाएगा। इच्छुक व्यक्ति नियत तिथि एवं समय पर उपस्थित होकर नीलामी प्रक्रिया में भाग ले सकते है। इस संबंध में अन्य विस्तृत जानकारी के लिए उद्यान अधीक्षक शासकीय उद्यान रोपणी, रायगढ़ में संपर्क कर सकते है।  

 

लू से बचाव, तैयारी एवं प्रबंधन कार्य हेतु नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त
Posted Date : 02-Apr-2025 9:21:53 pm

लू से बचाव, तैयारी एवं प्रबंधन कार्य हेतु नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त

  • कलेक्टर कार्तिकेया गोयल ने जारी किया आदेश

रायगढ़।  कलेक्टर कार्तिकेया गोयल ने जिले में माह अप्रैल से जून 2025 के दौरान भीषण गर्मी लू से उत्पन्न स्थिति से निपटने तथा जनसामान्य को लू से बचाव, तैयारी व प्रबंधन कार्य हेतु आदेश जारी करते हुए डिप्टी कलेक्टर/ प्रभारी अधिकारी राहत एवं आपदा शाखा रेखा चन्द्रा को जिला स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। इनका मोबाइल नम्बर 97528-06153 है। इसी तरह नगरीय तथा ग्रामीण स्तर पर नोडल/ सहायक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए है।
नगरीय क्षेत्र हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त
नगर पालिक निगम रायगढ़ में ब्रजेश सिंह क्षत्रिय, आयुक्त नगर पालिक निगम मोबा. 7898511789 को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसी तरह नगर पंचायत किरोड़ीमल नगर के लिए देवेन्द्र सिंह चंदेल, मुख्य नगर पालिका अधिकारी धरमजयगढ़ मोबा.88396-33803, नगर पंचायत पुसौर में एस.के.दुबे, मुख्य नगर पालिका अधिकारी पुसौर मोबा.94064-25892, खरसिया नगर पालिका परिषद में विक्रम भगत, मुख्य नगर पालिका अधिकारी खरसिया मोबा.94792-74016, घरघोड़ा नगर पंचायत में निलेश केरकेट्टा, मुख्य नगर पालिका अधिकारी घरघोड़ा मोबा.79870-79663, लैलूंगा नगर पंचायत में सीपी श्रीवास्तव, मुख्य नगर पालिका अधिकारी लैलूंगा मोबा.9893791647 तथा नगर पंचायत धरमजयगढ़ में प्रभाकर शुक्ला, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, धरमजयगढ़ मोबा.99265-60347 को नोडल अधिकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है।
ग्रामीण क्षेत्र हेतु नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त
जनपद पंचायत रायगढ़ अंतर्गत शिव कुमार डनसेना, तहसीलदार खरसिया मोबा.79877-12715 को नोडल अधिकारी एवं राजेश कुमार साहू मु.कार्य.अधि.जनपद पंचायत रायगढ़ मोबा.8966990098 को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसी तरह पुसौर के लिए नोडल अधिकारी-श्रीमती नेहा उपाध्याय, तहसीलदार पुसौर मोबा.73893-60406 एवं सहायक नोडल अधिकारी-श्री अभिषेक बनर्जी मु.कार्य.अधि.जनपद पंचायत पुसौर मोबा.7724005773, खरसिया के लिए नोडल अधिकारी-श्री लोमश कुमार मिरी, तहसीलदार रायगढ़ मोबा.91094-73606 एवं सहायक नोडल अधिकारी-श्री पवन कुमार पटेल मु.कार्य.अधि.जनपद पंचायत खरसिया मोबा.8770052419, घरघोड़ा के लिए नोडल अधिकारी-श्री मनोज कुमार गुप्ता, तहसीलदार घरघोड़ा मोबा.88398-36408 एवं सहायक नोडल अधिकारी-श्री विनिय कुमार मु.कार्य.अधि.जनपद पंचायत, घरघोड़ा मोबा.88170-11779, तमनार के लिए नोडल अधिकारी-श्री विकास जिंदल, प्र.तहसीलदार तमनार मोबा.नं.7000947541 एवं सहायक नोडल अधिकारी-श्री संजय कुमार चन्द्रा मु.कार्य.अधि.जनपद पंचायत तमनार मोबा.87704-51842, लैलूंगा एवं मुकडेगा के लिए नोडल अधिकारी-श्री शिवम पाण्डेय तहसीलदार लैलूंगा अतिरिक्त प्रभारी तहसीलदार मुकडेगा मोबा.87706-97391 एवं सहायक नोडल अधिकारी प्रेमसिंह मरकाम मु.कार्य.अधि.जनपद पंचायत लैलूंगा मोबा.8120404016, धरमजयगढ़ के लिए सहायक नोडल अधिकारी भोजकुमार डहरिया तहसीलदार धरमजयगढ़ मोबा.62673-23260, कापू के लिए नोडल अधिकारी उज्जवल कुमार पाण्डेय प्रभारी तहसीलदार मोबा.8839723975, छाल के लिए नोडल अधिकारी अनुराधा पटेल तहसीलदार छाल मोबा.8770810450 तथा धरमजयगढ़, कापू एवं छाल के लिए मदन लाल साहू मु.कार्य.अधि.जनपद पंचायत धरमजयगढ़ मोबा.7415680700 को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

 

एवियन इन्फ्लुएन्जा (बर्ड फ्लू) से बचाव के संंबंध में एडवायजरी जारी
Posted Date : 02-Apr-2025 9:21:35 pm

एवियन इन्फ्लुएन्जा (बर्ड फ्लू) से बचाव के संंबंध में एडवायजरी जारी

रायगढ़।  उप संचालक पशु चिकित्सा सेवायें, रायगढ़ ने एवियन इन्फ्लुएन्जा (बर्ड फ्लू) से बचाव के संबंध में एडवायजरी जारी किया है। उन्होंने बताया कि बर्ड फ्लू रोग पक्षियों का संक्रामक एवं घातक रोग है, जिससे बैकयार्ड पोल्ट्री पालक एवं पोल्ट्री व्यवसायों को अत्यधिक हानि होती है।
            वर्तमान में छ.ग.के कोरिया जिले में स्थित शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र में बर्ड फ्लू रोग की पुष्टि हुई है। उपरोक्त परिस्थितियों को देखते जिले के पोल्ट्री पालकों एवं पोल्ट्री व्यवसायियों को सलाह दी जाती है कि संक्रमित क्षेत्र एवं उसके आसपास के ईलाकों से किसी भी प्रकार की पोल्ट्री पक्षियों/उत्पादों की खरीद बिक्री न की जाए। पक्षियों में किसी भी प्रकार की असामान्य मृत्यु होने पर तत्काल अपने नजदीकी पशु चिकित्सा संस्था में सूचित करें। जिले के समस्त पोल्ट्री पालकों एवं पोल्ट्री व्यवसायिक केन्द्र इत्यादि में जैव सुरक्षा के सभी नियमों का कड़ाई से पालन किया जाना सुनिश्चित करें।

 

ग्रीष्म ऋतु से तैयारी एवं बचाव हेतु दिशा-निर्देश जारी
Posted Date : 02-Apr-2025 9:21:22 pm

ग्रीष्म ऋतु से तैयारी एवं बचाव हेतु दिशा-निर्देश जारी

  • लू के लक्षण एवं बचाव के संबंध में दी गई जानकारी

रायगढ़।  ग्रीष्म ऋतु के मौसम को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राज्य में लू-तापघात से आवश्यक तैयारी एवं बचाव हेतु निर्देश जारी किए गए है।  
       लू के लक्षण-सिर में भारीपन और दर्द होना, तेज बुखार के साथ मुंह का सूखना, चक्कर और उल्टी आना, कमजोरी के साथ शरीर में दर्द होना, शरीर का तापमान अधिक हो जाने के बाद भी पसीने का न आना, अधिक प्यास और पेशाब कम आना, भूख कम लगना एवं बेहोश होना।
        लू से बचाव के उपाय-लू लगने का प्रमुख कारण तेज धूप और गर्मी में ज्यादा देर तक रहने के कारण शरीर में पानी और खनिज मुख्यत: नमक की मात्रा कम हो जाने से होता है। अत: इससे बचाव के लिए निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए। बहुत अनिवार्य न हो तो घर से बाहर ना जाये, धूप में निकलने से पहले सर व कानों को कपड़े से अच्छी तरह से बांध लें, पानी अधिक मात्रा में पीयें, अधिक समय तक धूप में न रहें, गर्मी के दौरान नरम मुलायम सूती कपडे पहनने ताकि हवा और कपड़े पसीने को सोखते रहे, अधिक पसीना आने की स्थिति में ओआरएस घोल पीये, चक्कर आने, उल्टी आने पर छायादार स्थान पर विश्राम करें तथा शीतल पेय जल अथवा उपलब्ध हो तो फल का रस, लस्सी, मठा आदि का सेवन करें, प्रारंभिक सलाह के लिए 104 आरोग्य सेवा केन्द्र से नि:शुल्क परामर्श ले, उल्टी, सर दर्द, तेज बुखार की दशा में निकट के अस्पताल अथवा स्वास्थ्य केन्द्र से जरूरी सलाह ले।
लू लगने पर किये जाने वाला प्रारंभिक उपचार-बुखार पीडि़त व्यक्ति के सर पर ठण्डे पानी की पट्टी लगाये, पीडि़त व्यक्ति को पंखे के नीचे हवा में लिटाये, शरीर पर ठण्डे पानी का छिड़काव करते रहे, पीडि़त व्यक्ति को यथाशीघ्र किसी नजदीकी चिकित्सा केन्द्र में उपचार हेतु ले जाये, मितानिन, एएनएम से ओआरएस के पैकेट हेतु संपर्क करें।
क्या करें- जितना हो सके पर्याप्त पानी पीएं, भले ही प्यास न लगी हो। मिर्गी, ह्दय, गुर्दे या लीवर से संबंधित रोग वाले जो तरल प्रतिबंधित आहार लेते हो, तरल पदार्थ लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श ले, हल्के, हल्के रंग के ढीले कपड़े पहने, ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन) घोल, घर का बना पेय लस्सी, (तोरानी चावल) का पानी, नींबू का पानी, छाछ आदि का उपयोग करें। बाहर जाने से बचें, यदि बाहर जाना आवश्यक है, तो अपने सिर (कपड़े/टोपी या छाता)और चेहरे को कवर करें। जहां तक संभव हो किसी भी सतह को छूने से बचें।
नियोक्ता और श्रमिकों के लिए
क्या करें- कार्यस्थल पर स्वच्छ और ठंडा पेयजल प्रदान करें। श्रमिकों को सीधे धूप से बचने के लिए सावधानी बरतें। यदि उन्हें खुले में काम करना पड़ता है जैसे कि (कृषि मजदूर, मनरेगा मजदूर, आदि) तो सुनिश्चित करें कि वे हर समय अपना सिर और चेहरा ढकें रहें। दिन के समय निर्धारित समय सारणी निश्चित करें। खुले में काम करने के लिए विश्राम गृह की अवधि और सीमा बढ़ाएं। गर्भवती महिलाओं या कामगारों की चिकित्सकीय स्थिति पर विशेष ध्यान दें। यदि कोई बीमार है तो उसे उयूटी पर्यवेक्षक को सूचित करे। क्या न करें-कार्यस्थल पर धूम्रपान या तंबाकू का सेवन न करें, न ही थूके और न ही चबाएं। जो लोग बीमार हैं उनके निकट संपर्क से बचें। बीमार होने पर काम पर न जाएँ घर पर ही रहें।
वरिष्ठ नागरिक के लिए उपाय-जितना हो सके घर के अंदर रहें। पार्क, बाजारों और धार्मिक स्थानों जैसे भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर न जाएँ। अपने घर को ठंडा रखें, पर्दे और पंखे या कूलर का उपयोग करें। यदि आप बीमार महसूस करते हैं और निम्न में से किसी एक का अनुभव करते हैं, तो तुरंत डॉक्टर को बुलाएँ उच्च शरीर का तापमान, शरीर में दर्द लगे, सिरदर्द, चक्कर आना, मतली या भटकाव लगना, सांस की तकलीफ  होना, असामान्य रूप से भूख लगना। यदि आप एक वरिष्ठ नागरिक की देखरेख कर रहे हैं तो नियमित रूप से हाथ धोने में उनकी मदद करें। समय पर भोजन और पानी का सेवन सुनिश्चित करें। उनके पास जाते समय अपना नाक और मुंह ढकने के लिए फेस कवर का इस्तेमाल करे। यदि आप बुखार, खाँसी, साँस लेने जैसे चीजों से पीडि़त हैं, तो आपको वरिष्ठ नागरिक के पास नहीं जाना चाहिए। उस दौरान किसी और को उसके पास जाने के लिए कहे वो भी पूरी सावधानी के साथ।

 

अनाज भण्डारण योजना का जिले को मिले लाभ, समितियों का करें चिन्हांकन-कलेक्टर कार्तिकेया गोयल
Posted Date : 02-Apr-2025 9:21:02 pm

अनाज भण्डारण योजना का जिले को मिले लाभ, समितियों का करें चिन्हांकन-कलेक्टर कार्तिकेया गोयल

  • कलेक्टर गोयल ने प्रधानमंत्री ‘सहकार से समृद्धि’ योजना की समीक्षा की

रायगढ़।  कलेक्टर कार्तिकेया गोयल ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में प्रधानमंत्री ‘सहकार से समृद्धि’ योजना अंतर्गत कार्य योजना के संबंध में जिला सहकारी विकास समिति (डीसीडीसी) की बैठक ली। कलेक्टर गोयल ने प्रधानमंत्री सहकार से समृद्धि योजना के तहत जिले में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भण्डारण योजना के तहत गोदाम निर्माण, प्रधानमंत्री जनऔषधि एवं अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के क्रियान्वयन के लिए बनाए गए कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर अपर कलेक्टर रवि राही, अपर कलेक्टर अपूर्व प्रियेश टोप्पो उपस्थित रहे।
           उप आयुक्त सहकारिता सी.एस.जायसवाल ने जिले में विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना के तहत गोदाम निर्माण हेतु अतिरिक्त उपयुक्त पैक्स की पहचान के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि योजनांतर्गत रायगढ़ एवं पुसौर के 3-3 समितियों का चयन किया गया है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार सहकारिता मंत्रालय के निर्देशानुसार प्रदेश में सहकारी आंदोलन को मजबूती प्रदान करने एवं इसकी जमीनी स्तर पर पहुंच बनाने हेतु राज्य शासन द्वारा जिला सहकारी विकास समिति का गठन किया गया है। जिले में खाद्यान्न भंडारण क्षमता की कमी को दूर करने के लिए सहकारी क्षेत्र में जिला सहकारी विकास समिति के माध्यम से अतिरिक्त उपयुक्त पैक्स की पहचान कर विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना को लागू करने के रूपरेखा बनायी गई है। जिसके तहत पैक्स समितियां में विगत 2 वर्ष की प्रगतिशील नेटवर्थ पूंजी बेहतर हो, विगत 3 वर्षों से समिति में 5 लाख से अधिक की लाभ की स्थिति, समिति के पास स्वयं अथवा शासकीय भूमि की पर्याप्तता, पैक्स समिति में अधिक से अधिक व्यापारिक गतिविधियां संचालित हो, रेलवे रेक पॉइंट से पैक्स की दूरी 25 किलोमीटर से अधिक ना हो जैसे मापदंड भारत सरकार सहकारिता मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है।
       कलेक्टर गोयल ने विभाग द्वारा दिए गए समितियों की गतिविधियों के साथ ही जारी मापदंड की समीक्षा करते हुए विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि मापदण्ड अनुसार अधिक से अधिक समितियों को शामिल करें। उन्होंने कहा कि जिले से अधिक से अधिक प्रस्ताव जाने चाहिए, ताकि जिले को अनाज भंडारण योजना का लाभ मिल सके। उप आयुक्त सहकारिता जायसवाल ने कलेक्टर गोयल को जानकारी देते बताया कि सहकारी क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के क्रियान्वयन हेतु जिला सहकारी विकास समिति द्वारा सहकारी गतिविधियों को सुधारने हेतु अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता समारोह के आयोजन हेतु सहकारिता कैलेंडर जारी किया गया है। जिसके तहत पैक्स समितियां के मुख्यालय एवं जिला मुख्यालय स्तर पर नवीन समिति गठन कर प्रशिक्षण, समिति का पंजीयन, नए सदस्य बनाने की कार्यशाला एवं पैक्स में कॉमन सर्विस सेंटर की भूमिका, माइक्रो एटीएम से संव्यवहार तथा पैक्स में डिजिटल सेवाओं की जागरूकता, फसल चक्र परिवर्तन, केसीसी कार्ड, कृषि आदान शिविर तथा सहकारिता जागरूकता संबंधित शिविर लगाने, सहकारी समितियां के कर्मचारियों का लेखा-जोखा एवं लेखांकन प्रशिक्षण कार्यक्रम के साथ ही बेहतर कार्य करने वाले समिति तथा समिति कर्मचारियों को सम्मान के संबंध में कार्यक्रम आयोजित करना प्रस्तावित है। कलेक्टर गोयल ने आयोजित कार्यक्रम में जुड़े अन्य विभागों के विभागीय अधिकारियों को सहयोग करने के निर्देश देते हुए कहा कि गतिविधियों के माध्यम से समितियों को बेहतर तरीके से क्रियान्वयन किया जाए। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में कार्य व्यवसाय को समीक्षा करते हुए कुल क्रय दवाईयों एवं विक्रय की समीक्षा की। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी महेश पटेल, मत्स्य पालन एम.के.पाटले सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

 

कोरिया जिले में आया है बर्ड फ्लू का मामला, जिले के पोल्ट्री व्यवसायियों को सतर्कता बरतने की दी गई सलाह
Posted Date : 02-Apr-2025 9:20:39 pm

कोरिया जिले में आया है बर्ड फ्लू का मामला, जिले के पोल्ट्री व्यवसायियों को सतर्कता बरतने की दी गई सलाह

रायगढ़।  उप संचालक पशु चिकित्सा सेवायें, रायगढ़ ने एवियन इन्फ्लुएन्जा (बर्ड फ्लू) से बचाव के संबंध में एडवायजरी जारी किया है। उन्होंने बताया कि बर्ड फ्लू रोग पक्षियों का संक्रामक एवं घातक रोग है, जिससे बैकयार्ड पोल्ट्री पालक एवं पोल्ट्री व्यवसायों को अत्यधिक हानि होती है।
वर्तमान में छ.ग.के कोरिया जिले में स्थित शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र में बर्ड फ्लू रोग की पुष्टि हुई है। उपरोक्त परिस्थितियों को देखते जिले के पोल्ट्री पालकों एवं पोल्ट्री व्यवसायियों को सलाह दी जाती है कि संक्रमित क्षेत्र एवं उसके आसपास के ईलाकों से किसी भी प्रकार की पोल्ट्री पक्षियों/उत्पादों की खरीद बिक्री न की जाए। पक्षियों में किसी भी प्रकार की असामान्य मृत्यु होने पर तत्काल अपने नजदीकी पशु चिकित्सा संस्था में सूचित करें। जिले के समस्त पोल्ट्री पालकों एवं पोल्ट्री व्यवसायिक केन्द्र इत्यादि में जैव सुरक्षा के सभी नियमों का कड़ाई से पालन किया जाना सुनिश्चित करें।