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अदाणी इलेक्ट्रिसिटी को ब्रैंडन हॉल, यूएसए में गोल्ड एचआर एक्सीलेंस अवार्ड 2024 से सम्मानित किया गया
Posted Date : 18-Mar-2025 8:41:40 pm

अदाणी इलेक्ट्रिसिटी को ब्रैंडन हॉल, यूएसए में गोल्ड एचआर एक्सीलेंस अवार्ड 2024 से सम्मानित किया गया

मुंबई । अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने सोमवार को कहा कि उसे अमेरिका के फ्लोरिडा में आयोजित ब्रैंडन हॉल एचआर एक्सीलेंस अवार्ड्स 2024 में प्रतिष्ठित गोल्ड अवार्ड से सम्मानित किया गया है।  
कंपनी ने बताया कि उसे यह सम्मान अदाणी मार्वेल्स (ए-मार्वेल्स) लीडरशिप प्रोग्राम के लिए बेस्ट लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम कैटेगरी में मिला है। यह सम्मान नेतृत्व के लिये प्रतिभा को बढ़ावा देने और कर्मचारियों के विकास में कंपनी का समर्पण दिखाता है।
फ्लोरिडा के ब्रैंडन हॉल एक्सीलेंस कॉन्फ्रेंस में अदाणी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई लिमिटेड के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी, डॉ संजीव मुरामकर को गोल्ड अवार्ड प्रदान किया गया।
इस दौरान डॉ मुरमकर ने कहा, यह प्रतिष्ठित पुरस्कार हमारे कर्मचारियों को सशक्त बनाने पर हमारे मजबूत फोकस को दर्शाता है। हमारा मानना है कि कार्यबल में निवेश करना हमारी सफलता के लिए महत्वपूर्ण है और हम उन्हें भविष्य की चुनौतियों का सामना करने और ग्राहकों की बढ़ती मांगों को पूरा करने के लिए उपकरण और ज्ञान से लैस करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
ए-मार्वल्स प्रोग्राम नेतृत्व के विकास के लिए सावधानी से तैयार किया गया एक साल का कार्यक्रम है, जिसका मकसद भविष्य के लीडर्स को आवश्यक कौशल तथा जानकारियां प्रदान करना है।
अवार्ड का मूल्यांकन कई मानदंडों पर किया गया है, जिसमें इनोवेशन, डिजाइन, रचनात्मकता, टेक्नोलॉजी एप्लीकेशन और फीडबैक के माध्यम से कर्मचारियों से जुड़ाव शामिल है।
ब्रैंडन हॉल ग्रुप एक अग्रणी वैश्विक अनुसंधान और विश्लेषक फर्म है, जो लगभग 30 वर्षों से दुनिया भर में 10,000 से अधिक ग्राहकों को सेवाएं प्रदान कर रही है।
इस महीने की शुरुआत में, अदाणी इलेक्ट्रिसिटी और अदाणी फाउंडेशन ने मुंबई में अपने वार्षिक कार्यक्रम ‘उत्थान उत्सव’ का तीसरा संस्करण मनाया, जिसका उद्देश्य छात्रों की सीखने की क्षमताओं को बढ़ावा देना और सीखने के परिणामों को बेहतर बनाना है।
कंपनी के अनुसार, इस कार्यक्रम ने मलाड, दहिसर, बोरीवली, चेंबूर और कुर्ला में स्थित 83 बीएमसी स्कूलों के 25,000 से अधिक छात्रों के सीखने के परिणामों को सकारात्मक रूप से बदल दिया है।

 

भारत का व्यापार घाटा फरवरी में तीन साल के निचले स्तर पर रहा
Posted Date : 18-Mar-2025 8:41:19 pm

भारत का व्यापार घाटा फरवरी में तीन साल के निचले स्तर पर रहा

नई दिल्ली । भारत का वस्तु व्यापार घाटा फरवरी 2025 में घटकर 14.05 अरब डॉलर रह गया, जो तीन वर्षों का न्यूनतम स्तर है। जनवरी 2025 में यह 22.99 अरब डॉलर था। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी किए ताजा आंकड़ों से यह जानकारी मिली।  
व्यापार घाटे में कमी की वजह फरवरी में निर्यात का स्थिर रहना और आयात में कमी आना है।
फरवरी में देश का वस्तु निर्यात 1.3 प्रतिशत बढक़र 36.91 अरब डॉलर हो गया है, जो कि जनवरी में 36.43 अरब डॉलर था। इस दौरान आयात 16.3 प्रतिशत गिरकर 50.96 अरब डॉलर रह गया है, जो कि जनवरी में 59.42 अरब डॉलर था।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव एल सत्य श्रीनिवास ने कहा, आयात में भारी गिरावट, निर्यात के स्थिर रहने और पिछले फरवरी के उच्च आधार प्रभाव के कारण व्यापार घाटा वर्तमान में अगस्त 2021 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया है।
 चालू वित्त वर्ष के अब तक के 11 महीनों में व्यापार घाटा 261.05 अरब डॉलर रहा। इस दौरान वस्तु निर्यात स्थिर रहा, जबकि आयात में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 5.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
इसके अलावा, फरवरी में सेवा क्षेत्र का निर्यात 35.03 अरब डॉलर रहा है, जो कि जनवरी के मुकाबले 9.1 प्रतिशत कम है। सेवाओं का आयात समान रूप से गिरकर 16.55 अरब डॉलर रहा है।
चालू वित्त वर्ष में अब तक 53.53 अरब डॉलर के गोल्ड का आयात हुआ है। वहीं, समान अवधि में कच्चे तेल का आयात 166.73 अरब डॉलर रहा है।
सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, वस्तु निर्यात के मुख्य घटकों में इलेक्ट्रॉनिक्स सामान, इंजीनियरिंग सामान, ड्रग्स और फर्मा, चावल, रत्न एवं आभूषण शामिल हैं।
इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन के अनुसार, भारत का स्मार्टफोन निर्यात 2024-25 (अप्रैल-फरवरी) के 11 महीनों में 1.75 लाख करोड़ रुपये (21 अरब डॉलर) को पार कर गया, जो 2023-24 की समान अवधि से 54 प्रतिशत अधिक है।

 

केंद्र ने ‘5जी इनोवेशन हैकाथॉन 2025’ की घोषणा की
Posted Date : 17-Mar-2025 7:46:40 pm

केंद्र ने ‘5जी इनोवेशन हैकाथॉन 2025’ की घोषणा की

नई दिल्ली । दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने सोमवार को ‘5G इनोवेशन हैकाथॉन 2025’ की घोषणा की। छह महीने की अवधि वाली इस पहल का उद्देश्य सामाजिक और औद्योगिक चुनौतियों से निपटने के लिए इनोवेटिव 5जी पावर्ड सॉल्यूशन के विकास में तेजी लाना है।
संचार मंत्रालय के अनुसार, छात्रों, स्टार्टअप और पेशेवरों के लिए यह कार्यक्रम मेंटरशिप, फंडिंग और 100 से अधिक 5जी यूज केस लैब तक पहुंच प्रदान करता है। इससे प्रतिभागियों को दूरदर्शी विचारों को स्केलेबल टेक्नोलॉजी में बदलने में मदद मिलती है।
विजेताओं को पुरस्कार भी दिए जाएंगे, जिसमें प्रथम स्थान के लिए 5,00,000 रुपये, दूसरे स्थान के लिए 3,00,000 रुपये और तीसरे स्थान के लिए 1,50,000 रुपये तय किए गए हैं।
इसके अलावा, सर्वश्रेष्ठ विचार और मोस्ट इनोवेटिव प्रोटोटाइप को भी सम्मानित किया जाएगा, जिसके लिए प्रत्येक को 50,000 रुपये मिलेंगे।
दस प्रयोगशालाओं को सर्वश्रेष्ठ 5त्र उपयोग मामले के लिए प्रशंसा प्रमाण पत्र और उभरते संस्थान से सर्वश्रेष्ठ विचार के लिए एक प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।
बेस्ट 5जी यूज केस के लिए 10 लैब्स को सर्टिफिकेट्स दिए जाएंगे। इसके अलावा, उभरते संस्थानों में से एक को बेस्ट आइडिया के लिए सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
हैकाथॉन प्रमुख 5जी एप्लीकेशन पर केंद्रित प्रपोजल को इनवाइट कर रहा है, जिसमें एआई-ड्रिवन नेटवर्क का रखरखाव, आईओटी-इनेबल्ड सॉल्यूशन, 5जी ब्रॉडकास्टिंग, स्मार्ट हेल्थ, कृषि, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, गैर-स्थलीय नेटवर्क (एनटीएन), डीटूएम, वीटूएक्स और क्वांटम कम्युनिकेशन शामिल हैं।
प्रतिभागियों को वास्तविक दुनिया से जुड़ी परेशानियों के समाधान के लिए नेटवर्क स्लाइसिंग, क्वालिटी ऑफ सर्विस और कॉल-फ्लो परिदृश्यों जैसी 5जी सर्विस का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
हैकाथॉन प्रतिभागियों को उनके इनोवेशन को नेक्स्ट लेवल पर ले जाने में मदद करने के लिए मददगार है।
प्रतिभागियों को उनकी आईपी संपत्तियों को कमर्शियलाइज करने के लिए आईपीआर फाइलिंग में मदद मिलेगी।
हैकाथॉन कई चरणों में होगा। हर चरण को सावधानीपूर्वक डिजाइन किया गया है, ताकि आखिरी मूल्यांकन के लिए जमा किए गए प्रस्ताव से नए विचार सामने लाए जा सकें।
दूरसंचार विभाग की स्क्रीनिंग के लिए हर संस्थान को अधिकतम पांच प्रपोजल पेश करने का अवसर मिलेगा। इसके बाद क्षेत्रीय समितियां आगे के इवैल्यूशन (मूल्यांकन) के लिए सर्वोत्तम प्रविष्टियां चुनेंगी।
अंतिम चरण, मूल्यांकन और प्रदर्शन (इवैल्यूएशन और शोकेस), सितंबर 2025 के अंत में होगा। इस चरण में टीम अपने प्रोटोटाइप को टेक्निकल एक्सपर्ट इवैल्यूएशन कमिटी के सामने पेश करेंगी।
विजेताओं की घोषणा अक्टूबर में की जाएगी, जिसमें टॉप टीम देश के सबसे प्रतिष्ठित तकनीकी आयोजनों में से एक इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2025 में अपने इनोवेश को पेश करेंगी।
1.5 करोड़ रुपये के बजट से समर्थित इस कार्यक्रम में सीड फंडिंग, आईपीआर असिस्टेंस, मेंटरशिप और परिचालन लागत शामिल हैं।

 

भारत इस साल करेगा 800 अरब डॉलर से अधिक का निर्यात : पीयूष गोयल
Posted Date : 17-Mar-2025 7:46:19 pm

भारत इस साल करेगा 800 अरब डॉलर से अधिक का निर्यात : पीयूष गोयल

नई दिल्ली । केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सर्विसेज की बड़ी हिस्सेदारी के साथ भारत इस साल 800 अरब डॉलर से अधिक का निर्यात करने की राह पर है।  
बदलते वैश्विक माहौल के बीच केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार इसके लिए लगातार काम कर रही है और भारतीय निर्यातकों (माल और सेवा) का अच्छा भविष्य सुनिश्चित करने और देश के हितों की रक्षा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (ईपीसी) और इंडस्ट्री एसोसिएशन को अपने संबोधन के दौरान, मंत्री ने निर्यातक समुदाय के बीच सकारात्मकता और इस संकट को, जिसका आज दुनिया सामना कर रही है, एक अवसर में बदलने के लिए उनके आशावान होने की सराहना भी की।
अमेरिका के संबंध में उद्योग की चिंताओं को दूर करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने ईपीसी से अपनी ताकत पर विचार करने और अमेरिका के साथ बेहतर जुड़ाव के लिए सरकार के साथ अपनी मांगों को साझा करने को कहा।
द्विपक्षीय समझौतों पर चल रहे प्रयासों पर गोयल ने कहा कि सरकार एक साथ कई ट्रैक पर काम कर रही है और उनमें से प्रत्येक ट्रैक का उद्देश्य भारतीय निर्यातकों के सर्वोत्तम हित को सुनिश्चित करना है।
केंद्रीय मंत्री ने संकेत दिया कि सरकार विशेष रूप से कुछ के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के अंतिम चरण में पहुंच गई है। गोयल इस बात को लेकर भी आश्वस्त थे कि इससे भारतीय निर्यातकों के लिए बेहतर अवसर पैदा होंगे और अधिक निवेश भी आएगा।
पारस्परिक टैरिफ पर बातचीत करते हुए गोयल ने कहा कि ईपीसी को अपनी संरक्षणवादी मानसिकता से बाहर आना होगा और उन्हें साहसी होने और अपनी ताकत एवं आत्मविश्वास से दुनिया से निपटने के लिए तैयार होने के लिए प्रोत्साहित किया है।

 

हरे निशान में खुला भारतीय शेयर बाजार, फार्मा और ऑटो सेक्टर में तेजी
Posted Date : 17-Mar-2025 7:45:35 pm

हरे निशान में खुला भारतीय शेयर बाजार, फार्मा और ऑटो सेक्टर में तेजी

मुंबई । सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच सोमवार को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क सूचकांक हरे निशान में खुले। शुरुआती कारोबार में फार्मा और ऑटो सेक्टर में खरीदारी देखी गई।
सुबह करीब 9.32 बजे सेंसेक्स 504.88 अंक या 0.68 प्रतिशत बढक़र 74,333.79 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 164.00 अंक या 0.73 प्रतिशत बढक़र 22,561.20 पर पहुंच गया।
बाजार पर नजर रखने वालों के अनुसार, सेंसेक्स 74,550 के आसपास बना हुआ है और मुनाफावसूली के कारण इसकी गति धीमी हो गई है। इंडेक्स को 73,600 के स्तर पर शॉर्ट-टर्म सपोर्ट मिला है, जिसे अभी बनाए रखने की जरूरत है।
पीएल कैपिटल ग्रुप की तकनीकी शोध उपाध्यक्ष वैशाली पारेख ने कहा, आने वाले दिनों में और तेजी का अनुमान लगाने के लिए 75,000 लेवल से आगे एक निर्णायक कदम उठाना जरूरी है। आज सेंसेक्स के लिए सपोर्ट 22,300 के लेवल पर देखा जा रहा है, जबकि प्रतिरोध 22,600 के स्तर पर देखा जा रहा है।
इस बीच, निफ्टी बैंक 259.95 अंक या 0.54 प्रतिशत बढक़र 48,320.35 पर था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 183.30 अंक या 0.38 प्रतिशत बढक़र 48,308.40 पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 62.15 अंक या 0.42 प्रतिशत चढक़र 14,959.50 पर था।
विशेषज्ञों ने कहा कि निकट भविष्य में बाजार का रुझान स्थिर रहने की संभावना है। एफआईआई आउटफ्लो में लगातार गिरावट का ट्रेंड और पिछले सप्ताह अमेरिका के मुकाबले भारत का बेहतर प्रदर्शन सकारात्मक कारक हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस पॉजिटिव ट्रेंड को वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि में 6.2 प्रतिशत का उछाल, जनवरी में आईआईपी में 5 प्रतिशत का उछाल और फरवरी में सीपीआई मुद्रास्फीति में 3.61 प्रतिशत की गिरावट से सपोर्ट मिला है।
सेंसेक्स पैक में इंडसइंड बैंक, बजाज फिनसर्व, टाटा मोटर्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, एलएंडटी, एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक टॉप गेनर्स रहे। जबकि इंफोसिस, जोमैटो, एचसीएल टेक, नेस्ले इंडिया और कोटक महिंद्रा बैंक टॉप लूजर्स रहे।
पिछले कारोबारी सत्र में डाउ जोंस 1.65 प्रतिशत चढक़र 41,488.19 पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 इंडेक्स 2.13 प्रतिशत बढक़र 5,638.94 पर और नैस्डैक 2.61 प्रतिशत बढक़र 17,754.09 पर बंद हुआ।
एशियाई बाजारों में बैंकॉक और जकार्ता लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे। जबकि जापान, सोल, चीन और हांगकांग हरे निशान पर कारोबार कर रहे थे।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 13 मार्च को 792.90 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी बेची, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने उसी दिन 1,723.82 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी खरीदी।

 

भारत 2028 तक बनेगा दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, रिपोर्ट में दावा
Posted Date : 16-Mar-2025 8:33:16 pm

भारत 2028 तक बनेगा दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, रिपोर्ट में दावा

नई दिल्ली । भारत 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है, जो जर्मनी को पीछे छोड़ देगा। यह दावा वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 2026 तक 4.7 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
2028 तक यह 5.7 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा, जिससे भारत जर्मनी को पीछे छोड़ते हुए तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। यह असाधारण वृद्धि संयोग नहीं, बल्कि वर्षों की दूरदृष्टि और साहसिक आर्थिक सुधारों का परिणाम है। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता संभाली, तब उन्होंने देश के कायाकल्प के लिए एक मजबूत दिशा तय की थी।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसे अभियानों ने औद्योगिक नवाचार की एक लहर को जन्म दिया, जिसने गांवों को विनिर्माण केंद्र और शहरों को समृद्ध आर्थिक केंद्रों में बदल दिया। इन पहलों से न केवल उद्योगों में वृद्धि हुई, बल्कि भारत को एक डिजिटल महाशक्ति बनने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया। भारत में होने वाली विशाल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं ने न केवल देश का रूप बदला, बल्कि वैश्विक निवेशकों को भी आकर्षित किया। डिजिटल क्रांति के कारण लाखों लोगों को जोडऩे के साथ-साथ कई बड़े सुधारों ने भारत को वैश्विक आर्थिक मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान दिलाया।
भारत की यह वृद्धि 1.4 बिलियन लोगों की आकांक्षाओं का वास्तविक रूप है। इस प्रगति का मुख्य कारण देश के युवा और महत्वाकांक्षी कार्यबल है, जो हर दिन नए-नए मील के पत्थर पार कर रही है।
भारत के आर्थिक सुधारों में कर सुधारों से लेकर वित्तीय समावेशन, नवीकरणीय ऊर्जा से लेकर अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी तक, हर पहलू में देश ने अनुकूल परिवर्तन किए हैं। इन सुधारों ने न केवल अर्थव्यवस्था को गति दी है, बल्कि भारत को एक वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित किया है। जैसे-जैसे भारत की अर्थव्यवस्था ऊंचाई की ओर बढ़ रही है, यह स्पष्ट है कि भविष्य भारत का है। जहां एक ओर दुनिया अनिश्चित वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों से जूझ रही है, वहीं भारत अपनी मजबूत आर्थिक नीति और विकासात्मक दृष्टिकोण के साथ तेजी से विकास कर रहा है।