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बीएफएसआई सेक्टर ने बनाया भारत के कमर्शियल रियल एस्टेट लीजिंग में रिकॉर्ड, जीसीसी की रही अहम भूमिका
Posted Date : 24-Mar-2025 9:22:08 pm

बीएफएसआई सेक्टर ने बनाया भारत के कमर्शियल रियल एस्टेट लीजिंग में रिकॉर्ड, जीसीसी की रही अहम भूमिका

मुंबई । वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) के नेतृत्व में 2024 भारत के वाणिज्यिक रियल एस्टेट में बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विस और इंश्योरेंस (बीएफएसआई) सेक्टर के लिए एक अहम वर्ष रहा, जिसने 13.45 मिलियन वर्ग फीट (वर्ग फीट) लीज पर लिया, जो वार्षिक तौर पर लिए गए लीज स्पेस का 17.4 प्रतिशत हिस्सा है।
जेएलएल की एक लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, बीएफएसआई सेगमेंट ने 2022-2024 की तीन साल की अवधि में 31 मिलियन वर्ग फीट ऑफिस स्पेस लीज पर लिया, जो 2016-2021 की पिछली छह साल की अवधि में लीज पर दिए गए 29 मिलियन वर्ग फीट से भी ज्यादा है।
पिछले तीन वर्षों में बीएफएसआई सेक्टर द्वारा लीज पर दिए गए स्पेस में ग्लोबल बीएफएसआई फर्मों की हिस्सेदारी 59.0 प्रतिशत रही।
बीएफएसआई सेक्टर में वृद्धि के लिए भारत का मजबूत टैलेंट पूल, डिजिटलीकरण को बढ़ावा और उपभोक्ता क्षमता अहम कारक रहे।
जेएलएल के मुख्य अर्थशास्त्री डॉ. सामंतक दास ने कहा, विशेष रूप से जीसीसी इस उछाल को आगे बढ़ा रहे हैं, क्योंकि पिछले तीन वर्षों में बीएफएसआई लीजिंग में उनका हिस्सा 59 प्रतिशत रहा है। यह डेटा भारत के ऑफिस मार्केट को नया रूप देने और देश के वैश्विक वित्तीय सेवा केंद्र के रूप में उभरने में बीएफएसआई की अहम भूमिका को दर्शाता है।
दास ने बताया कि घरेलू फर्म भी पीछे नहीं रहीं, क्योंकि उन्होंने 2022-24 के बीच टॉप सात शहरों में 12.7 मिलियन वर्ग फुट लीज पर लिया।
मजबूत घरेलू बीएफएसआई स्पेस टेक-अप ने मुंबई जैसे बाजारों में मांग को बढ़ावा दिया, जबकि वैश्विक फर्म देश के दूसरे बड़े ऑफिस मार्केट में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही थीं।
भारत में वैश्विक फर्मों द्वारा लीजिंग गतिविधि में जीसीसी सेट-अप, नए और मौजूदा में कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोतरी सबसे आगे रहे हैं।
2022 से अब तक जीसीसी ने 67.4 मिलियन वर्ग फीट लीज पर दिया है, जिसमें बीएफएसआई का हिस्सा 20.7 प्रतिशत है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि 2024 में जीसीसी लीजिंग में बीएफएसआई की हिस्सेदारी बढक़र 25.2 प्रतिशत हो गई, जिससे यह टेक के बाद दूसरा सबसे बड़ा कम्पोनेंट बन गया।
मुंबई भारत की आर्थिक राजधानी के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखता है, जबकि दिल्ली-एनसीआर अपने रणनीतिक स्थान और इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ उठा रहा है।
बेंगलुरु का टेक इकोसिस्टम फिनटेक इनोवेटर्स को आकर्षित कर रहा है, हैदराबाद अपने मजबूत आईटी और फार्मा सेक्टर से लाभ ले रहा है, चेन्नई दक्षिणी बीएफएसआई हब के रूप में अपनी जगह बना रहा है, जबकि पुणे बीएफएसआई जीसीसी हब के रूप में मजबूती से उभर रहा है।
जेएलएल इंडिया के वरिष्ठ प्रबंध निदेशक (कर्नाटक, केरल) राहुल अरोड़ा ने कहा, पुणे और चेन्नई जैसे बाजारों में भी वैश्विक बीएफएसआई फर्मों की हिस्सेदारी इस क्षेत्र में लीजिंग गतिविधि में 68-72 प्रतिशत रही, जबकि इसी अवधि में दिल्ली एनसीआर में वैश्विक बीएफएसआई कंपनियों की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत रही।

 

रेल यात्रियों को दी जा रही 47 प्रतिशत यात्रा सब्सिडी : अश्विनी वैष्णव
Posted Date : 24-Mar-2025 9:21:52 pm

रेल यात्रियों को दी जा रही 47 प्रतिशत यात्रा सब्सिडी : अश्विनी वैष्णव

नई दिल्ली । रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि रेलवे की ओर से यात्रियों को ज्यादा सब्सिडी दी जाती है। ट्रेन से प्रति किलोमीटर यात्रा की लागत 1.38 रुपये है, वहीं यात्रियों से केवल 73 पैसे लिए जा रहे हैं। इसका मतलब हुआ कि रेलवे यात्रियों को 47 प्रतिशत सब्सिडी दे रहा है।
राज्यसभा में रेल मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा के दौरान अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारतीय रेलवे न केवल यात्रियों को किफायती किराये पर सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान कर रहा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बना रहा है।
उन्होंने बताया कि भारत में पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों की तुलना में रेलवे का किराया कम है, जबकि पश्चिमी देशों में यह भारत की तुलना में 10 से 20 गुना अधिक है।
वित्त वर्ष 2022-23 में यात्रियों को 57,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई, जो 2023-24 में बढक़र लगभग 60,000 करोड़ रुपये (अनंतिम आंकड़ा) हो गई।
उन्होंने कहा, हमारा लक्ष्य न्यूनतम किराये पर सुरक्षित और बेहतर सेवाएं प्रदान करना है।
रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन के लाभों पर प्रकाश डालते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यात्रियों और माल परिवहन की बढ़ती संख्या के बावजूद ऊर्जा लागत स्थिर बनी हुई है।
भारतीय रेलवे 2025 तक ‘स्कोप 1 नेट जीरो’ और 2030 तक ‘स्कोप 2 नेट जीरो’ हासिल करने के लक्ष्य पर काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि बिहार के मधेपुरा कारखाने में निर्मित इंजनों का निर्यात जल्द ही शुरू होगा।
वर्तमान में, भारतीय रेलवे के यात्री कोच मोजाम्बिक, बांग्लादेश और श्रीलंका को निर्यात किए जा रहे हैं, जबकि इंजन मोजाम्बिक, सेनेगल, श्रीलंका, म्यांमार और बांग्लादेश भेजे जा रहे हैं।
इसके अलावा, बोगी अंडरफ्रेम का निर्यात ब्रिटेन, सऊदी अरब, फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया को किया जा रहा है, जबकि प्रोपल्शन पार्ट्स फ्रांस, मैक्सिको, जर्मनी, स्पेन, रोमानिया और इटली को भेजे जा रहे हैं।
इस साल देश में 1,400 लोकोमोटिव का उत्पादन हुआ है, जो अमेरिका और यूरोप के संयुक्त उत्पादन से भी ज्यादा है। इसके साथ ही बेड़े में दो लाख नए वैगन शामिल किए गए हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 31 मार्च को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष में भारतीय रेलवे 1.6 अरब टन माल का परिवहन करेगा, जिससे भारत चीन और अमेरिका सहित दुनिया के टॉप तीन देशों में शामिल हो जाएगा।
यह रेलवे की बढ़ती क्षमता और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने आश्वासन दिया कि भविष्य में रेलवे पहले से ज्यादा आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल परिवहन तंत्र के रूप में उभरेगा।

 

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी में सरकार ने अब तक झुग्गीवासियों को वितरित किए 90 लाख घर
Posted Date : 24-Mar-2025 9:21:35 pm

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी में सरकार ने अब तक झुग्गीवासियों को वितरित किए 90 लाख घर

नई दिल्ली । सरकार द्वारा सोमवार को संसद में कहा गया कि 3 मार्च 2025 तक प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी (पीएमएवाई-यू) के तहत शहरों में झुग्गी-झोपडिय़ों में रहने वाले लोगों को 90.60 लाख घर दिए गए हैं।  
आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री तोखन साहू ने राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि पीएमएवाई-यू के तहत मंत्रालय द्वारा कुल 118.64 लाख मकानों को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 112.46 लाख मकानों का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और 3 मार्च 2025 तक 90.60 लाख मकान पूरे हो चुके हैं या लाभार्थियों को वितरित किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि फंडिंग पैटर्न और कार्यान्वयन पद्धति में बदलाव किए बिना स्वीकृत घरों को पूरा करने के लिए योजना की अवधि 31 दिसंबर, 2025 तक बढ़ा दी गई है।
राज्य मंत्री ने कहा कि आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) 25 जून, 2015 से पीएमएवाई-यू के तहत केंद्रीय सहायता प्रदान करके राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सहायता कर रहा है, जिससे देश भर में मलिन बस्तियों सहित शहरी क्षेत्रों में पक्के मकान उपलब्ध कराए जा सकें।
राज्य मंत्री साहू ने कहा कि पीएमएवाई-यू के कार्यान्वयन के नौ वर्षों के अनुभवों से सीख लेकर मंत्रालय ने इस योजना को नया रूप दिया है और एक करोड़ अतिरिक्त पात्र लाभार्थियों के लिए 1 सितंबर, 2024 से पीएमएवाई-यू 2.0 ‘सभी के लिए आवास’ मिशन शुरू किया है।
राज्य मंत्री ने कहा कि अब तक 30 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने समझौता ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किए हैं और ऐसे राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को 6.77 लाख घरों की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। सरकार के आंकड़ों के अनुसार, देश भर में 1.39 करोड़ परिवारों के कुल 6.54 करोड़ लोग झुग्गियों में रह रहे हैं। झुग्गी-झोपडिय़ों में रहने वाले परिवारों का यह आंकड़ा 2011 में की गई अंतिम जनगणना पर आधारित है।

 

बिक गई ट्विटर की नीली चिड़िया, करीब 30 लाख रुपये रुपए में हुआ सौदा
Posted Date : 23-Mar-2025 11:07:25 pm

बिक गई ट्विटर की नीली चिड़िया, करीब 30 लाख रुपये रुपए में हुआ सौदा

सैन फ्रांसिस्को ।  सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर, जिसे अब एक्स के नाम से जाना जाता है, के सैन फ्रांसिस्को स्थित मुख्यालय पर लगा प्रतिष्ठित नीली चिडिय़ा का लोगो आखिरकार नीलाम हो गया है। नीलामी में इस आइकॉनिक लोगो को 34 हजार 375 डॉलर, यानी करीब 30 लाख रुपये में खरीदा गया है।
नीलामी कंपनी के एक प्रवक्ता के अनुसार, नीली चिडिय़ा का यह विशालकाय लोगो, जिसका वजन लगभग 254 किलोग्राम है और जो 12 फीट लंबा और 9 फीट चौड़ा है, उसे अज्ञात खरीदार ने हासिल किया है।
इस नीलामी में सिर्फ नीली चिडिय़ा ही आकर्षण का केंद्र नहीं थी। इसके साथ ही कई अन्य दुर्लभ और ऐतिहासिक वस्तुएं भी नीलाम हुईं। इनमें एक एपल-1 कंप्यूटर 3.75 लाख डॉलर (करीब 3.22 करोड़ रुपये) में बिका, जबकि स्टीव जॉब्स द्वारा हस्ताक्षरित एपल का एक चेक 1,12,054 डॉलर (करीब 96.3 लाख रुपये) में नीलाम हुआ। इसके अतिरिक्त, पहली पीढ़ी का सील्ड पैक आईफोन 87 हजार 514 डॉलर में बेचा गया।
गौरतलब है कि एलन मस्क के 2022 में ट्विटर का अधिग्रहण करने और बाद में इसका नाम बदलकर एक्स करने के बाद से ही इस नीली चिडिय़ा के लोगो का भविष्य अनिश्चित था। भले ही अब यह लोगो माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट एक्स का हिस्सा नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया जगत में इसकी पहचान एप्पल या नाइकी जैसी ही मजबूत बनी हुई है।
एलन मस्क ने ट्विटर को लगभग 44 बिलियन डॉलर (करीब 3368 अरब रुपये) में खरीदा था। अधिग्रहण के समय मस्क ने कहा था कि लोकतंत्र को बनाए रखने के लिए स्वतंत्र अभिव्यक्ति आवश्यक है। उनका लक्ष्य ट्विटर को नए फीचर्स और बेहतर सुविधाओं के साथ एक बेहतरीन मंच बनाना था, जिसके तहत उन्होंने इस प्लेटफॉर्म पर कई बड़े बदलाव भी किए हैं।

 

यूपीआई इस्तेमाल करने वालों के लिए जरूरी खबर, 1 अप्रैल से निष्क्रिय मोबाइल नंबर्स पर बंद हो जाएगी सेवा
Posted Date : 23-Mar-2025 11:07:05 pm

यूपीआई इस्तेमाल करने वालों के लिए जरूरी खबर, 1 अप्रैल से निष्क्रिय मोबाइल नंबर्स पर बंद हो जाएगी सेवा

नई दिल्ली । यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) का उपयोग करने वाले करोड़ों लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। यदि आपका बैंक खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर लंबे समय से निष्क्रिय है, तो उसे तुरंत सक्रिय करा लें, अन्यथा आप 1 अप्रैल से यूपीआई सेवाओं का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
दरअसल, डिजिटल धोखाधड़ी को रोकने के उद्देश्य से 1 अप्रैल से यूपीआई भुगतान प्रणाली में एक नया नियम लागू होने जा रहा है। इस नए नियम के तहत, सभी बैंकों और भुगतान सेवा प्रदाताओं (पीएसपी) को 31 मार्च से पहले अपने डेटाबेस को अपडेट करना होगा। इस अपडेट के माध्यम से निष्क्रिय या बदले हुए मोबाइल नंबरों को सिस्टम से हटाया जाएगा। बैंकों को इस प्रक्रिया के तहत 31 मार्च तक निष्क्रिय मोबाइल नंबरों को अपने डेटाबेस से अनिवार्य रूप से हटाना होगा।
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने धोखाधड़ी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (डीआईपी) पर उपलब्ध मोबाइल नंबर रिवोकेशन लिस्ट (एमएनआरएल) का उपयोग करने का सख्त निर्देश दिया है। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद, निष्क्रिय मोबाइल नंबरों से जुड़े सभी यूपीआई खाते स्वत: ही बंद हो जाएंगे।
एनपीसीआई ने इस संबंध में बैंकों और गूगल पे, फोन पे जैसे प्रमुख यूपीआई ऐप के लिए सप्ताह में कम से कम एक बार मोबाइल नंबर रिकॉर्ड को अपडेट करना अनिवार्य कर दिया है। यूपीआई सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनियों को संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने और उन्हें सिस्टम से हटाने के लिए एमएनआरएल या डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (डीआईपी) का नियमित रूप से उपयोग करना होगा।
किन लोगों की यूपीआई सेवा हो सकती है बंद?
ऐसे उपयोगकर्ता जिन्होंने अपना मोबाइल नंबर बदल लिया है, लेकिन इसे अपने बैंक खाते के साथ अपडेट नहीं कराया है।
वे लोग जिन्होंने अपने मोबाइल नंबर को निष्क्रिय कर दिया है और बैंक में इसकी सूचना नहीं दी है।
 जिन निष्क्रिय मोबाइल नंबरों का उपयोग कॉल, एसएमएस जैसी सामान्य सेवाओं के लिए भी नहीं किया जा रहा है, उन्हें यूपीआई नेटवर्क से हटा दिया जाएगा।
यूपीआई सेवा बंद होने से कैसे बचें?
यह सुनिश्चित करें कि आपके बैंक खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर सक्रिय है और नियमित रूप से उपयोग किया जा रहा है। यदि यह निष्क्रिय है, तो इसे जल्द से जल्द रिचार्ज कराकर सक्रिय करें।
यदि आपने अपना मोबाइल नंबर बदल लिया है, तो तुरंत अपने बैंक में जाकर इसे अपडेट कराएं।
यदि आपकी यूपीआई आईडी किसी ऐसे मोबाइल नंबर से जुड़ी है जो निष्क्रिय है, तो 1 अप्रैल से पहले सेवा बंद होने से बचने के लिए आप एक नया सक्रिय मोबाइल नंबर प्राप्त कर सकते हैं और उसे अपने बैंक खाते और यूपीआई आईडी से लिंक कर सकते हैं।
यह नया नियम यूपीआई उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा को बढ़ाने और डिजिटल धोखाधड़ी को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सभी उपयोगकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि से पहले अपने मोबाइल नंबर की स्थिति की जांच कर लें और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

 

भारत की जीडीपी 10 वर्षों में हुई दोगुनी, 2027 तक जापान और जर्मनी से निकलेगी आगे
Posted Date : 23-Mar-2025 11:06:39 pm

भारत की जीडीपी 10 वर्षों में हुई दोगुनी, 2027 तक जापान और जर्मनी से निकलेगी आगे

नई दिल्ली । भारत की जीडीपी बीते 10 वर्षों में दोगुनी हो गई है। देश की अर्थव्यवस्था 2025 में बढक़र 4.3 ट्रिलियन डॉलर होने का अनुमान है, जो कि 2015 में 2.1 ट्रिलियन डॉलर थी। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) द्वारा जारी किए गए डेटा में यह जानकारी दी गई।
अर्थव्यवस्था के तेज गति से बढऩे के कारण भारत की जीडीपी 2025 में जापान और 2027 में जर्मनी से बड़ी हो जाएगी। आईएमएफ के डेटा में बताया गया कि भारत दुनिया की सबसे तेज गति से बढऩे वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है और इसकी वजह नीतिगत सुधार और मजबूत आर्थिक वृद्धि है। बीजेपी नेता अमित मालवीय द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर की गई पोस्ट में कहा गया कि विकास की यह गति भारत को एक वैश्विक आर्थिक महाशक्ति के रूप में स्थापित करती है, जो 2025 तक जापान और 2027 तक जर्मनी को पीछे छोड़ देगी।
मालवीय ने आगे कहा कि यह असाधारण उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और उनकी सरकार के अथक प्रयासों का प्रमाण है। सक्रिय आर्थिक नीतियों, साहसिक संरचनात्मक सुधारों और व्यापार करने में आसानी पर निरंतर फोकस के माध्यम से मोदी सरकार ने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना दिया है। साथ ही कहा कि यह एक ऐसी उपलब्धि जो आजादी के बाद से किसी भी पिछली सरकार को हासिल नहीं हुई थी।
इस महीने की शुरुआत में, भारत की विवेकपूर्ण नीतियों की सराहना करते हुए आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड ने कहा है कि देश का मजबूत आर्थिक प्रदर्शन 2047 तक विकसित अर्थव्यवस्था बनने के लिए महत्वपूर्ण सुधारों को अपनाने में मदद कर सकता है। आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड ने कहा कि संरचनात्मक सुधार देश में उच्च-गुणवत्ता की नौकरियां पैदा करने और निवेश के लिए काफी जरूरी हैं। रिपोर्ट में आगे कहा गया कि भारत को लेबर मार्केट सुधारों को लागू करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और महिला भागीदारी को लेबर फोर्स में बढ़ाना चाहिए।