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शेयर बाजार सपाट पर खुला, सेंसेक्स 67 अंक नीचे, निफ्टी 23,683 पर
Posted Date : 26-Mar-2025 9:33:46 pm

शेयर बाजार सपाट पर खुला, सेंसेक्स 67 अंक नीचे, निफ्टी 23,683 पर

मुंबई। कारोबारी सप्ताह के तीसरे दिन शेयर बाजार सपाट पर खुला. बीएसई पर सेंसेक्स 67 अंकों की गिरावट के साथ 77,949.26 पर ओपन हुआ. वहीं, एनएसई पर निफ्टी 0.06 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 23,683.30 पर खुला.
आज के कारोबार के दौरान मारुति सुजुकी इंडिया, मिंडा कॉर्पोरेशन, ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन, सीमेंस इंडिया, ब्रेनबीज सॉल्यूशंस, टीवीएस मोटर कंपनी, इंडियन ओवरसीज बैंक, ज्योति लैब्स, भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स, इंडिजीन, डीएलएफ, असाही इंडिया ग्लास, ड्रेजिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी के शेयर फोकस में रहेंगे.
कारोबारी सप्ताह के दूसरे दिन शेयर बाजार ग्रीन जोन में बंद हुआ. बीएसई पर सेंसेक्स 32 अंकों की बढ़त के साथ 78,017.19 पर क्लोज हुआ. वहीं, एनएसई पर निफ्टी 0.04 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 23,668.65 पर बंद हुआ.
कारोबार के दौरान निफ्टी पर अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट, बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी बैंक, एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयर टॉप गेनर के लिस्ट में शामिल रहे. जबकि इंडसइंड बैंक, डॉ रेड्डीज लैब्स, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, श्रीराम फाइनेंस, बजाज ऑटो के शेयर टॉप लूजर के लिस्ट में शामिल रहे.
आईटी को छोडक़र, ऑटो, कैपिटल गुड्स, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मेटल, ऑयल एंड गैस, पावर, पीएसयू बैंक, रियल्टी, टेलीकॉम सहित अन्य सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान पर बंद हुए. बीएसई मिडकैप इंडेक्स में 1 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई.

 

बिकवाली बढऩे से मारुति सुजुकी के शेयर में आई गिरावट
Posted Date : 26-Mar-2025 9:33:33 pm

बिकवाली बढऩे से मारुति सुजुकी के शेयर में आई गिरावट

नईदिल्ली। कार निर्माता मारुति सुजुकी के शेयरों में आज शुरुआती कारोबार में बिकवाली बढऩे से गिरावट दर्ज हुई। यह कंपनी की ओर से एक्सचेंज फाइलिंग के जरिए उसे वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 2,966 करोड़ रुपये का आयकर आकलन का मसौदा प्राप्त होने की जानकारी के बाद हुआ है।
इसको लेकर प्रबंधन ने कहा कि उसे इसके कारण कोई वित्तीय प्रभाव नहीं दिखता है और वह विवाद समाधान पैनल के समक्ष आपत्ति दर्ज कराने की योजना बना रही है।
भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी ने कहा कि उसे आयकर प्राधिकरण से वित्त वर्ष 2021-22 के लिए मसौदा मूल्यांकन आदेश प्राप्त हुआ है।
मारुति सुजुकी इंडिया के शेयरों में इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया हुई।
शेयर बाजार खुलने के बाद शुरुआती कारोबार में शेयर की कीमत में 2 फीसदी की गिरावट आई और 11,848.95 रुपये पर खुलने के बाद सुबह 10:00 बजे यह 11,750.95 रुपये के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया।
एक्सचेंज फाइलिंग में कहा गया है, मसौदा मूल्यांकन आदेश में लौटाई गई आय (आयकर रिटर्न में बताई गई आय) के संबंध में 2,966 करोड़ रुपये की राशि के कुछ अतिरिक्त/अस्वीकृति का प्रस्ताव किया गया है।
कंपनी ने कहा कि वह विवाद समाधान पैनल के समक्ष अपनी आपत्तियां दर्ज कराएगी।
साथ ही स्पष्ट किया है कि इस मसौदा मूल्यांकन आदेश के कारण उसकी वित्तीय, परिचालन या अन्य गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

 

ब्लॉक ने 931 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला
Posted Date : 26-Mar-2025 9:33:16 pm

ब्लॉक ने 931 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला

नईदिल्ली। वित्तीय सेवा प्रदाता अमेरिकी टेक कंपनी ब्लॉक ने 931 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया। यह छंटनी उसके स्टॉफ का लगभग 8 फीसदी हिस्सा है।
कंपनी के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी जैक डॉर्सी ने एक ईमेल में कर्मचारियों को यह जानकारी दी है।
डॉर्सी ने कर्मचारियों को बताया कि मंगलवार को ब्लॉक कुछ संगठनात्मक बदलाव करेगा, जिसमें भूमिकाओं को समाप्त करना और उन देशों में परामर्श प्रक्रिया शुरू करना शामिल है, जहां इसकी आवश्यकता है।
सूत्रों के अनुसार, ईमेल में डॉर्सी ने बताया कि ब्लॉक 3 श्रेणियों में भूमिकाओं में कटौती कर रहा है।
पहली श्रेणी में 391 लोगों को रणनीति कारणों से हटाया जा रहा है। दूसरी और सबसे बड़ी श्रेणी में 460 कर्मचारियों को प्रदर्शन कारणों से हटाया है। इनकी रेटिंग कंपनी के आंतरिक प्रदर्शन ट्रैकिंग मेट्रिक्स पर नीचे है।
तीसरी श्रेणी में 80 प्रबंधक हैं, जिन्हें ब्लॉक के पदानुक्रम को बराबर करने के लिए हटाया है।
सूत्रों के अनुसार, डोर्सी ने यह भी कहा कि 193 प्रबंधकों को व्यक्तिगत योगदानकर्ता भूमिकाओं में स्थानांतरित किया जा रहा है।
ईमेल में इस बात से इनकार किया गया है कि छंटनी वित्तीय कारणों से या कर्मचारियों की जगह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लाने के लिए की जा रही है।
इसके बजाय, उन्होंने कहा कि ब्लॉक रणनीतिक जरूरतों को बदलने के कारण भूमिकाओं में कटौती कर स्तर को ऊपर उठाने और प्रदर्शन बेहतर करने पर काम कर रहा है।

 

90 लाख करदाताओं ने फाइल किया अपडेटेड आईटीआर, सरकार को मिले 9,118 करोड़ रुपए
Posted Date : 25-Mar-2025 9:52:45 pm

90 लाख करदाताओं ने फाइल किया अपडेटेड आईटीआर, सरकार को मिले 9,118 करोड़ रुपए

नई दिल्ली । हाल ही में संसद को दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले चार वर्षों में 90 लाख से अधिक अपडेटेड आयकर रिटर्न दाखिल किए गए हैं, जिससे सरकार को 9,118 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ है। यह सरकार द्वारा शुरू की गई वॉलंटरी कंप्लायंस स्कीम (वीसीएस) की सफलता को दर्शाता है।
सरकार ने 2022 में स्वैच्छिक अनुपालन को प्रोत्साहित करने की योजना के तहत अतिरिक्त आयकर का भुगतान करदाताओं के लिए किसी स्पेसिफिक असेसमेंट ईयर से दो साल तक अपडेटेड आईटीआर (आईटीआर-यू) फाइल करने का विकल्प पेश किया था।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में कहा कि कुल मिलाकर, असेस्मेंट ईयर 2021-22 से असेसमेंट ईयर 2024-25 के बीच 9.176 मिलियन से अधिक आईटीआर-यू फाइल किए गए, जिससे सरकार को 9,118 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर प्राप्त हुआ।
वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि करंट असेसमेंट ईयर (2024-25) में 28 फरवरी तक करीब 464,000 अपडेटेड आईटीआर दाखिल किए गए हैं और 431.20 करोड़ रुपये का कर चुकाया गया है।
सरकार ने फाइनेंस बिल, 2025 के जरिए अपडेटेड रिटर्न फाइल करने की समय सीमा को संबंधित असेसमेंट ईयर से चार साल तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। योजना की सफलता को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
असेसमेंट ईयर 2023-24 में 2.979 मिलियन से अधिक आईटीआर-यू दाखिल किए गए और 2,947 करोड़ रुपये अतिरिक्त कर चुकाए गए।
असेसमेंट ईयर 2022-23 और वित्त वर्ष 2021-22 में क्रमश: 4.007 मिलियन और 1.724 मिलियन अपडेटेड आईटीआर दाखिल किए गए और अतिरिक्त 3,940 करोड़ रुपये और 1,799.76 करोड़ रुपये कर चुकाए गए।
एक दूसरे सवाल के जवाब में वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए ‘कम मूल्य वाले भीम-यूपीआई लेनदेन (व्यक्ति से व्यापारी  पी2एम) को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन योजना’ को मंजूरी दे दी है। यह कदम डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और छोटे व्यापारियों को यूपीआई अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के सरकार के लक्ष्य के अनुरूप उठाए गए हैं।
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना वित्तीय समावेशन के लिए सरकार की रणनीति का एक अभिन्न अंग है। ग्राहकों/व्यापारियों को सेवाएं प्रदान करने के लिए डिजिटल भुगतान उद्योग द्वारा किए गए व्यय को मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) के जरिए वसूला जाता है।
मर्चेंट डिस्काउंट रेट एक शुल्क है जिसे व्यापारियों और अन्य व्यवसायों को डेबिट या क्रेडिट कार्ड लेनदेन पर पेमेंट प्रोसेसिंग कंपनी को देना होगा।वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि एमडीआर आमतौर पर लेनदेन राशि के प्रतिशत के रूप में आता है।
आरबीआई के अनुसार, डेबिट कार्ड के लिए सभी कार्ड नेटवर्क पर लेनदेन मूल्य का 0.90 प्रतिशत तक का एमडीआर लागू है। एनपीसीआई के अनुसार, यूपीआई पी2एम (पर्सन टू मर्चेंट) लेनदेन के लिए 0.30 प्रतिशत तक का एमडीआर लागू है।
उन्होंने आगे कहा कि डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए जनवरी 2020 से रुपे डेबिट कार्ड और भीम-यूपीआई लेनदेन के लिए एमडीआर शून्य कर दिया गया है।

 

सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स को बड़ा झटका, को-सीईओ हान जोंग-ही का दिल का दौरा पडऩे से निधन
Posted Date : 25-Mar-2025 9:52:25 pm

सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स को बड़ा झटका, को-सीईओ हान जोंग-ही का दिल का दौरा पडऩे से निधन

नई दिल्ली । दक्षिण कोरियाई प्रौद्योगिकी दिग्गज सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने मंगलवार को अपने को-सीईओ हान जोंग-ही के आकस्मिक निधन की जानकारी दी। कंपनी ने बताया कि 63 वर्षीय हान जोंग-ही का दिल का दौरा पडऩे से निधन हो गया। वह सैमसंग के कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल डिवाइस डिवीजन का नेतृत्व कर रहे थे।
कंपनी के एक प्रवक्ता ने बताया कि हान जोंग-ही छुट्टी पर थे और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, जहां उन्हें दिल का दौरा पड़ा। कंपनी ने अभी तक उनके उत्तराधिकारी के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया है।
हान जोंग-ही ने लगभग 40 साल पहले सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स में अपना करियर शुरू किया था और उन्होंने कंपनी के टेलीविजन व्यवसाय में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उनकी विशेषज्ञता के चलते उन्हें 2022 में सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स का वाइस प्रेसीडेंट और को-सीईओ नियुक्त किया गया था। वह कंपनी के बोर्ड के सदस्य भी थे।
उनका निधन ऐसे समय में हुआ है जब सैमसंग हाल के कुछ तिमाहियों में कमजोर मुनाफे और शेयर की गिरती कीमतों से जूझ रही है। कंपनी एडवांस्ड मेमोरी चिप्स और कॉन्ट्रैक्ट चिप मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अपने प्रतिद्वंद्वियों से पिछड़ रही है, जबकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (्रढ्ढ) परियोजनाओं के कारण इन क्षेत्रों में मांग में तेजी आई है। इसके अलावा, स्मार्टफोन बाजार में भी एप्पल ने सैमसंग को पीछे छोड़ दिया है। सेमीकंडक्टर सेगमेंट में सैमसंग, एसके हाइनिक्स से पीछे है, जो एनवीडिया जैसी कंपनियों को एआई ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (त्रक्क) के लिए एचबीएम चिप्स की आपूर्ति करता है।
पिछले हफ्ते हुई शेयरधारकों की बैठक में हान जोंग-ही ने कंपनी के शेयरों के प्रदर्शन पर खेद व्यक्त किया था। उन्होंने कहा था, हमारे शेयरों के प्रदर्शन पर मैं क्षमा चाहता हूं। पिछले साल, हम एआई सेमीकंडक्टर बाजार में तेजी से हो रहे बदलावों पर ठीक से प्रतिक्रिया नहीं दे पाए। हान इसी हफ्ते सैमसंग के नए होम एप्लायंसेज के लॉन्च इवेंट में शामिल होने वाले थे।
हान जोंग-ही का निधन सैमसंग के लिए एक बड़ा झटका है, खासकर ऐसे समय में जब कंपनी को स्मार्टफोन, टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स के कारोबार में चीनी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। हाल के समय में सैमसंग ने स्मार्टफोन बाजार में अपना शीर्ष स्थान एप्पल को खो दिया है। इस दुखद खबर के बावजूद, सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में सुबह के कारोबार में कोई खास हलचल नहीं देखी गई। कंपनी के दूसरे को-सीईओ जुन यंग-ह्यून चिप व्यवसाय का प्रबंधन करते हैं, जो दक्षिण कोरिया की इस सबसे बड़ी कंपनी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

 

दालों में आत्मनिर्भर बन रहा भारत, एनडीए सरकार में आयात के मुकाबले तेजी से बढ़ रहा निर्यात
Posted Date : 25-Mar-2025 9:52:08 pm

दालों में आत्मनिर्भर बन रहा भारत, एनडीए सरकार में आयात के मुकाबले तेजी से बढ़ रहा निर्यात

नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर विजन के तहत भारत दालों में तेजी से आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ रहा है। बीते 10 वर्षों में देश में दालों का निर्यात, आयात की अपेक्षा तेजी से बढ़ा है।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत का दालों का निर्यात वित्त वर्ष 25 की अप्रैल-दिसंबर अवधि में 4,437 करोड़ रुपये रहा है, जबकि पूरे वित्त वर्ष 15 में यह 1,218 करोड़ रुपये था। इस तरह, बीते 10 वर्षों में भारत का दाल निर्यात 264.29 प्रतिशत बढ़ा है।
दूसरी तरफ, इस दौरान आयात में 86.45 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। देश में वित्त वर्ष 25 की अप्रैल-दिसंबर अवधि में 31,814 करोड़ रुपये की दालों का आयात किया गया है। वहीं, वित्त वर्ष 15 में यह आंकड़ा 17,063 करोड़ रुपये था।
वहीं, कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए के शासनकाल के 10 वर्षों में दालों के निर्यात में 187.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी और आयात में 457.1 प्रतिशत का इजाफा हुआ था।
वित्त वर्ष 14 में भारत ने 1,749 करोड़ रुपये की दालों का निर्यात किया था। यह आंकड़ा वित्त वर्ष 05 में 608 करोड़ रुपये था।
यूपीए के शासन में वित्त वर्ष 14 में भारत ने 11,037 करोड़ रुपये की दालों का आयात किया था। वहीं, वित्त वर्ष 05 में यह आंकड़ा 1,981 करोड़ रुपये पर था।
भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए भी लगातार काम कर रही है। दालों के किसानों को एनडीए सरकार 93,544 करोड़ रुपये की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का भुगतान कर चुकी है, जबकि यूपीए सरकार ने अपने शासनकाल में दालों के किसानों को केवल 1,936 करोड़ रुपये की एमएसपी का भुगतान किया था।
केंद्र सरकार दालों में आत्मनिर्भरता को लेकर लगातार काम कर रही है।
केंद्र सरकार द्वारा बजट 2025-26 में ऐलान किया गया था कि देश में दालों में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए केंद्रीय नोडल एजेंसियों के माध्यम से 2028-29 तक चार साल के लिए तुअर (अरहर), उड़द और मसूर की 100 प्रतिशत खरीद की जाएगी।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तुअर (अरहर), मसूर और उड़द की खरीद को क्रमश: 13.22 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी), 9.40 एलएमटी और 1.35 एलएमटी की सीमा तक मंजूरी दी है।