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पीएलआई बूस्टर : मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एफडीआई इक्विटी इनफ्लो 69 प्रतिशत बढक़र 165 बिलियन डॉलर पर पहुंचा
Posted Date : 06-Mar-2025 7:05:35 pm

पीएलआई बूस्टर : मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एफडीआई इक्विटी इनफ्लो 69 प्रतिशत बढक़र 165 बिलियन डॉलर पर पहुंचा

नई दिल्ली । सरकार ने बताया कि उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के कारण मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एफडीआई इक्विटी प्रवाह में 69 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो 98 बिलियन डॉलर (2004-2014) से बढक़र 165 बिलियन डॉलर (2014-2024) हो गया है।
औद्योगिक विकास को गति देने के लिए एक मजबूत कदम के रूप में, सरकार ने 2025-26 में पीएलआई योजना के तहत प्रमुख क्षेत्रों के लिए बजट आवंटन में वृद्धि की है, जिससे घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने की सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि होती है।
अगस्त 2024 तक, कुल 1.46 लाख करोड़ रुपये का वास्तविक निवेश प्राप्त हुआ है, अनुमान है कि यह आंकड़ा अगले वर्ष के भीतर 2 लाख करोड़ रुपये को पार कर जाएगा।
इन निवेशों से उत्पादन और बिक्री में वृद्धि हुई है, जो 12.50 लाख करोड़ रुपये है, जबकि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 9.5 लाख नौकरियां पैदा हुई हैं, निकट भविष्य में यह संख्या बढक़र 12 लाख होने की उम्मीद है।
कई क्षेत्रों में शानदार वृद्धि देखी गई है, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी हार्डवेयर के लिए आवंटन 5,777 करोड़ रुपये (2024-25 के लिए संशोधित अनुमान) से बढक़र 9,000 करोड़ रुपये हो गया है, और ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट में 346.87 करोड़ रुपये से 2,818.85 करोड़ रुपये तक की वृद्धि देखी गई है।
सरकार के अनुसार, कपड़ा क्षेत्र को भी बड़ा बढ़ावा मिला है, जिसका आवंटन 45 करोड़ रुपये से बढक़र 1,148 करोड़ रुपये हो गया है।
भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पीएलआई योजना के तहत फल-फूल रहा है, जो मोबाइल फोन के शुद्ध आयातक से शुद्ध निर्यातक में बदल गया है।
घरेलू उत्पादन 2014-15 में 5.8 करोड़ यूनिट से बढक़र 2023-24 में 33 करोड़ यूनिट हो गया, जबकि आयात में गिरावट आई।
निर्यात 5 करोड़ यूनिट तक पहुंच गया और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में 254 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो मैन्युफैक्चरिंग और निवेश को बढ़ावा देने में योजना की भूमिका को दर्शाता है।
3.5 बिलियन डॉलर (20,750 करोड़ रुपये) के परिव्यय के साथ, ऑटोमोटिव पीएलआई योजना ने निवेश को बढ़ावा दिया है और उच्च तकनीक वाले ऑटोमोटिव उत्पादों के उत्पादन को बढ़ावा दिया है।
115 से अधिक कंपनियों ने आवेदन किया, जिनमें से 85 को प्रोत्साहन के लिए मंजूरी दी गई, जिससे 8.15 बिलियन डॉलर (67,690 करोड़ रुपये) का निवेश हुआ, जो लक्ष्य से कहीं अधिक है।
इस सफलता ने ग्लोबल ऑटोमोटिव सेक्टर में भारत की स्थिति को मजबूत किया है। सौर पीवी मॉड्यूल के लिए पीएलआई योजना ने भारत के रिन्यूएबल एनर्जी लक्ष्यों को गति दी है।
पहले चरण में 541.8 मिलियन डॉलर (4,500 करोड़ रुपये) के व्यय के साथ मैन्युफैक्चरिंग क्षमता स्थापित की गई, जबकि दूसरे चरण में 2.35 बिलियन डॉलर (19,500 करोड़ रुपये) के साथ 65 गीगावाट क्षमता का निर्माण करने का लक्ष्य है।
सरकार ने कहा कि इस पहल से रोजगार सृजन, आयात में कमी और सोलर इनोवेशन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
भारत ने पीएलआई योजना के तहत दूरसंचार उत्पादों में 60 प्रतिशत आयात सब्सिट्यूशन हासिल किया है। ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनियों ने मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित की हैं, जिससे भारत 4जी और 5जी दूरसंचार उपकरणों का एक प्रमुख निर्यातक बन गया है।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने कहा कि यह वृद्धि भारत के टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करती है और ग्लोबल सप्लाई चेन में इसकी स्थिति को बेहतर करती है।

 

फोनपे ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ‘इंश्योरिंग हीरोज’ कैंपेन किया लॉन्च
Posted Date : 06-Mar-2025 7:05:14 pm

फोनपे ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ‘इंश्योरिंग हीरोज’ कैंपेन किया लॉन्च

नई दिल्ली ।  फोनपे ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से पहले अपना ‘इंश्योरिंग हीरोज’ अभियान लॉन्च कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हर साल 8 मार्च को मनाया जाता है। इस पहल के साथ कंपनी चुनिंदा टर्म लाइफ और स्वास्थ्य बीमा योजनाओं पर महिलाओं को 30 प्रतिशत तक की विशेष छूट दे रही है। यह विशेष छूट 9 मार्च, 2025 तक फोनपे प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगी। महिलाएं अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने और लॉन्ग-टर्म स्टेबिलिटी का आनंद लेने के लिए फोनपे ऐप पर इन विशेष ऑफर का लाभ उठा सकती हैं।
पहल के तहत स्वास्थ्य बीमा योजनाओं पर 15 प्रतिशत तक की छूट और टर्म लाइफ बीमा योजनाओं पर 30 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। इस पहल के माध्यम से फोनपे का उद्देश्य महिलाओं को अधिक वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है, जिससे महिलाओं को उनकी जरूरतों के हिसाब से सही बीमा आसानी से मिल सकेगा। फोनपे ऐप पर इन ऑफर्स का लाभ उठाने के लिए यूजर्स को सबसे पहले फोनपे ऐप के इंश्योरेंस सेक्शन में ‘इंश्योरिंग हीरोज’ बैनर को सेलेक्ट करना होगा।
आगे बढ़ते हुए वे ‘बाय टर्म प्लान’ पर क्लिक कर सकती हैं। इसके बाद कवरेज कैलकुलेट करने के लिए उन्हें ‘बाय न्यू प्लान’ बटन पर क्लिक करना होगा और ‘डेट ऑफ बर्थ’ और ‘एनुअल इनकम’ की जानकारी भरनी होगी। यूजर को अपनी जरूरतों के हिसाब से सबसे अच्छी बीमा योजनाएं खोजने के लिए कुछ ‘एडिशनल पर्सनल डिटेल्स’ भी शेयर करनी होगी। इसके बाद वे अपनी जरूरत के अनुसार ‘चेक आउट द टॉप प्लान्स’ में अपने लिए बेस्ट इंश्योरेंस प्लान चेक कर सकती हैं।

 

नोकिया अपने उत्पादन का 70 प्रतिशत भारत से कर रहा निर्यात
Posted Date : 06-Mar-2025 7:04:55 pm

नोकिया अपने उत्पादन का 70 प्रतिशत भारत से कर रहा निर्यात

नई दिल्ली । टेलीकॉम उपकरण बनाने वाली प्रमुख कंपनी नोकिया अब अपने उत्पादन का 70 प्रतिशत भारत से निर्यात कर रही है। इससे ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बढ़ावा मिल रहा है।
नोकिया (भारत) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और कंट्री हेड तरुण छाबड़ा के अनुसार, कंपनी का निर्यात 30 से 70 प्रतिशत तक है और पिछले साल निर्यात 50 प्रतिशत रहा, जिसमें मुख्य रूप से रेडियो उपकरण शामिल हैं।
बुधवार को कंपनी ने वोडाफोन आइडिया को अपने लेटेस्ट 5जी और 4जी बेसबैंड और रेडियो मॉड्यूल के साथ सपोर्ट देने की घोषणा की, क्योंकि ऑपरेटर प्रमुख बाजारों में 5जी सेवाओं के चरणबद्ध रोलआउट के लिए तैयार है।
नोकिया वीआई के 4जी नेटवर्क का भी तेजी से विस्तार कर रहा है, क्योंकि यह टेक्नोलॉजी एडिशन के साथ नई साइटों को भी शुरू कर रहा है और मौजूदा साइटों पर स्पेक्ट्रम बैंडविड्थ का विस्तार कर रहा है।
अकेले मार्च 2025 तक, नोकिया 60,000 से अधिक टेक्नोलॉजी साइट्स और हजारों नई 4जी साइट्स देने के लिए तैयार है। इसके अतिरिक्त, घने, शहरी क्षेत्रों में सर्विस एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए अल्ट्रा-लीन साइट्स स्थापित की जा रही हैं।
छाबड़ा ने कहा, विश्वसनीय और हाई-परफॉर्मिंग नेटवर्क की मांग बढ़ती जा रही है, इसलिए वीआई के साथ हमारा सहयोग खुदरा उपभोक्ताओं और व्यवसायों की उभरती आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेगा।
उन्होंने कहा, हमने वीआई के लिए 5जी और 4जी साइट्स की बहुत तेज डिलीवरी हासिल की है। यह साझेदारी हमारे भागीदारों को कटिंग एज टेक्नोलॉजी से सशक्त बनाने, बेहतर कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने और नए व्यावसायिक अवसरों को लाने के हमारे संकल्प को भी दर्शाती है।
नोकिया अपने मार्केट लीडिंग एयरस्केल पोर्टफोलियो को स्थापित कर रहा है जिसमें मल्टी रेडियो एक्सेस टेक्नोलॉजी (आरएटी) बेसबैंड यूनिट और रेडियो मॉड्यूल शामिल हैं, जो बेहतर कवरेज और क्षमता प्रदान करने के लिए अपनी एनर्जी एफिशिएंट ‘रीफशार्क सिस्टम-ऑन-चिप’ टेक्नोलॉजी द्वारा संचालित हैं।
वोडाफोन आइडिया के सीटीओ जगबीर सिंह ने कहा, हम अपने ग्राहकों को जल्द से जल्द 5जी सेवाएं प्रदान करने के लिए नोकिया के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। नोकिया द्वारा तेजी से 4जी का विस्तार करने से वीआई की कवरेज और कैपेसिटी बढ़ेगी, जिससे हम बेहतर ग्राहक अनुभव प्रदान करने में सक्षम होंगे।

 

ओपनएआई मामले में मस्क को कोर्ट से झटका, लाभकारी बनने से रोकने की याचिका खारिज
Posted Date : 05-Mar-2025 6:16:15 pm

ओपनएआई मामले में मस्क को कोर्ट से झटका, लाभकारी बनने से रोकने की याचिका खारिज

नईदिल्ली। अमेरिका की एक अदालत ने एलन मस्क की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने ओपनएआई को मुनाफा कमाने वाली कंपनी बनने से रोकने की मांग की थी।
संघीय अदालत के न्यायधीश ने कहा है कि मस्क इसके लिए जरूरी सबूत नहीं दे सके।
हालांकि, ओपनएआई और उसके सीईओ सैम ऑल्टमैन के खिलाफ मस्क का केस आगे जारी रहेगा।
ओपनएआई को 2015 में गैर-लाभकारी संस्था के रूप में शुरू किया गया था, लेकिन अब यह पैसे कमा रही है।
मस्क ने 2024 में ओपनएआई पर मुकदमा किया, यह कहते हुए कि कंपनी ने अपने वादे तोड़ दिए।
उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट और ओपनएआई पर आरोप लगाया कि वे निवेशकों को उनके स्टार्टअप एक्सएआई में निवेश करने से रोक रहे हैं। मस्क ने ओपनएआई को 'घोटाला' बताया, जबकि कंपनी ने कहा कि मस्क 2017 में खुद इसे मुनाफे वाली कंपनी बनाना चाहते थे।
यह विवाद तब और बढ़ गया जब मस्क ने ओपनएआई के खिलाफ अदालत में और शिकायतें दर्ज कराईं।
ओपनएआई ने कहा कि 2025 में एक नई कंपनी बनाएगी, जिससे उसे मुनाफा कमाने की आजादी मिलेगी। कंपनी ने कहा कि एआई में बड़ा निवेश हो रहा है, इसलिए उसे भी बढऩा जरूरी है।
इस बीच, मस्क और उनके साथियों ने  ओपनएआई को खरीदने के लिए 97.4 अरब डॉलर (लगभग 8,500 अरब रुपये) की पेशकश की, लेकिन सीईओ ऑल्टमैन ने इसे ठुकरा दिया।
ऑल्टमैन ने कहा कि मस्क सिर्फ उनकी कंपनी को कमजोर करना चाहते हैं।

 

एचएमआईएल को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में भारत की भूमिका अहम
Posted Date : 05-Mar-2025 6:15:54 pm

एचएमआईएल को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में भारत की भूमिका अहम

नई दिल्ली । हुंडई मोटर कंपनी के अध्यक्ष और सीईओ जोस मुनोज के अनुसार, 2030 तक कंपनी ने ग्लोबल मार्केट में 20 लाख इलेक्ट्रिक वाहन बेचने का लक्ष्य रखा है और हुंडई मोटर कंपनी के लक्ष्य को प्राप्त करने में भारत एक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
दिल्ली के बाहरी इलाके गुरुग्राम में कंपनी के मुख्यालय में टाउन हॉल मीटिंग में हुंडई मोटर इंडिया के कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कंपनी की महाराष्ट्र के तालेगांव में बनने वाली नई फैक्ट्री न केवल घरेलू मांग को पूरा करने में मदद करेगी, बल्कि एचएमआईएल को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में भी स्थापित करेगी।
एचएमआईएल का लक्ष्य तालेगांव में अपनी फैसिलिटी के पूरी तरह चालू होने पर कुल वार्षिक उत्पादन क्षमता 1.1 मिलियन वाहनों तक पहुंचना है।
उन्होंने कहा कि कंपनी एचएमसी एचएमआईएल को अपनी ईवी पेशकश का विस्तार करने और इस बदलाव को सपोर्ट करने के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने में सहायता करना जारी रखेगी।
वाहनों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए, तालेगांव में एचएमआईएल की अपकमिंग मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
एचएमआईएल ईवी को भारतीय उपभोक्ताओं की जरूरतों के हिसाब से अधिक सुलभ और अनुकूल बनाने के लिए डेडिकेटेड है, जो देश में ग्रीन और इको-फ्रेंडली व्हीकल मोबिलिटी सॉल्यूशन से भी जुड़ा है।
मुनोज ने कहा, भारत हुंडई के वैश्विक परिचालन में तीसरा सबसे बड़ा बाजार है। एचएमआईएल के आईपीओ ने एचएमसी को भारत में नए उत्पादों और एडिशनल उत्पादन क्षमता में निवेश और विस्तार करने में मदद की है। एचएमआईएल एक विश्व स्तरीय ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग और क्षेत्रीय निर्यात केंद्र के रूप में उभरा है।
एचएमआईएल ने एक बयान में कहा, मुनोज की यात्रा ने एचएमसी की एचएमआईएल के प्रति कमिटमेंट को मजबूत किया। साथ ही व्यापक रणनीतिक लक्ष्यों पर प्रकाश डाला, नए अवसरों की खोज की और सहयोग, इनोवेशन और उत्कृष्टता को बढ़ावा दिया। उन्होंने हुंडई के ग्राहक-केंद्रित फिलॉसफी के महत्व पर भी जोर दिया और तेजी से विकसित हो रहे कारोबारी माहौल के बीच स्थायी सफलता सुनिश्चित करने के लिए गुणवत्ता और ग्राहक सेवा के उच्चतम मानकों को प्राप्त किया।
बयान में कहा गया कि उन्होंने ‘विकसित भारत’ के निर्माण में सक्रिय रूप से योगदान देकर भारत के प्रति एचएमआईएल की कमिटमेंट के लिए एचएमसी के अटूट समर्थन को मजबूत किया।

 

गुगल का कर्मचारियों को 60 घंटे काम करने का आदेश, कहा- एआई रेस में झोंकनी होगी पूरी ताकत
Posted Date : 04-Mar-2025 8:54:15 pm

गुगल का कर्मचारियों को 60 घंटे काम करने का आदेश, कहा- एआई रेस में झोंकनी होगी पूरी ताकत

नई दिल्ली । आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (एजीआई) की दौड़ में शीर्ष पर बने रहने के लिए गूगल ने अपने कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ा दिया है। कंपनी के को-फाउंडर सर्गेई ब्रिन ने कर्मचारियों को एक आंतरिक मेमो में सप्ताह में 60 घंटे काम करने और हर दिन ऑफिस आने का निर्देश दिया है।
ब्रिन ने अपने मेमो में स्पष्ट किया कि गूगल एआई की प्रतिस्पर्धा में जीत हासिल करने की क्षमता रखता है, लेकिन इसके लिए कर्मचारियों को पहले से कहीं अधिक समर्पण और कड़ी मेहनत दिखानी होगी। उनका यह आदेश ऐसे समय में आया है जब एजीआई के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा तेजी से बढ़ रही है और गूगल किसी भी हालत में इस दौड़ में पीछे नहीं रहना चाहता है।
ब्रिन का यह निर्देश भारत के कुछ प्रमुख उद्योगपतियों की हालिया टिप्पणियों के अनुरूप है, जिन्होंने कर्मचारियों के लिए लंबे समय तक काम करने की वकालत की है। इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति ने दशकों तक 70 घंटे प्रति सप्ताह काम करने का उदाहरण दिया, जबकि एलएंडटी के चेयरमैन एसएन सुब्रमण्यन ने 90 घंटे तक काम करने की बात कही थी। इन बयानों ने सोशल मीडिया पर काम के घंटे और कार्य-जीवन संतुलन को लेकर एक नई बहस छेड़ दी थी।
ब्रिन ने कर्मचारियों को न केवल लंबे समय तक काम करने के लिए कहा है, बल्कि दैनिक रूप से ऑफिस आने पर भी जोर दिया है। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारियों के लिए कार्यदिवस पर ऑफिस आना और अपनी उत्पादकता में वृद्धि करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने 60 घंटे के कार्य सप्ताह को आदर्श बताते हुए यह भी चेतावनी दी कि इससे अधिक काम करने पर कर्मचारियों में बर्नआउट का खतरा बढ़ सकता है।
ब्रिन ने चिंता व्यक्त की कि कुछ कर्मचारियों द्वारा कम काम करने से टीम के मनोबल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जिसे उन्होंने टीम वर्क के लिए हानिकारक बताया।
गूगल का यह कठोर कदम कंपनी की एजीआई डेवलपमेंट टीम द्वारा जेमिनी एआई पर किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्य के बीच आया है। ब्रिन का मानना है कि कर्मचारियों के सामूहिक और अधिक केंद्रित प्रयासों से गूगल एआई के क्षेत्र में नेतृत्व की स्थिति प्राप्त कर सकता है। उन्होंने वर्तमान समय को एजीआई की अंतिम दौड़ की शुरुआत के रूप में वर्णित किया है, जिसे गूगल जीतने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
ब्रिन के इस निर्णय से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि टेक कंपनियां अब हाइब्रिड वर्क पॉलिसी से धीरे-धीरे पीछे हट रही हैं और अपने कर्मचारियों को पूर्णकालिक रूप से ऑफिस में वापस लाने का प्रयास कर रही हैं। कार्य घंटों को बढ़ाने की यह प्रवृत्ति, कई अन्य कंपनियों द्वारा पहले अपनाई गई नीतियों के साथ मेल खाती है।
2022 में चैटजीपीटी के लॉन्च के बाद एआई की प्रतिस्पर्धा में तेजी आई है। माइक्रोसॉफ्ट, ओपनएआई, और मेटा जैसी दिग्गज कंपनियां भी एजीआई की दौड़ में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं, जिससे गूगल पर इस क्षेत्र में अपना वर्चस्व बनाए रखने का दबाव बढ़ गया है।