छत्तीसगढ़

बीएसपी कर रहा है देश की सांसों को सहेजने की कोशिश
Posted Date : 06-May-2021 5:46:53 pm

बीएसपी कर रहा है देश की सांसों को सहेजने की कोशिश

0 आक्सीजन आपूर्ति हर हाल, राष्ट्रसेवा की बनी मिसाल
भिलाई, 06 मई । राष्ट्र सेवा का ऐसा जज्बा, दिन रात काम करने का ऐसा जुनून, सिर्फ सेना में ही देखने को मिलता है परंतु हमने समर्पण व साहस का, यह नजारा देखा, सेल भिलाई इस्पात संयंत्र के ऑक्सीजन प्लांट में। जहां ऑक्सीजन आपूर्ति में लगे कार्मिक भी सैनिकों जैसे जोश व जज्बे से भरे हुए हैं मुश्किल की इस घड़ी में, सांसों के ये सिपाही, घड़ी देखना भूल गए हैं।
सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र की टीम, कोविड के मरीजों के जीवन बचाने में संजीवनी का कार्य कर रही है। मेडिकल ऑक्सीजन की निरन्तर आपूर्ति से जहां छत्तीसगढ़ के अस्पतालों में कोविड के गंभीर मरीजों का जीवन बचाया जा रहा है, वहीं छत्तीसगढ़ प्रदेश के साथ-साथ निर्देशित देश के विभिन्न प्रदेशों को विशेषकर महाराष्ट्र व मध्यप्रदेश हेतु भी लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। आज देश की एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक इकाई सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने देश के जीवन बचाने की मुहिम में अहम भूमिका निभाई है। आज हमने बीएसपी के ऑक्सीजन प्लांट में दिन-रात काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत की। उनकी भावनाओं को जानने का प्रयास किया।
जान बचाने का सुकून है हमें-
इसी क्रम में ऑक्सीजन प्लांट में कार्यरत  प्रकाश कुमार कहते है कि हमें दिन-रात काम करने में थकान नहीं होती। हमें यह गर्व है कि हमारे काम से आज देश में लोगों की जान बचाई जा रही है। आज हमारे टीम के सदस्य  योगेश्वर, मोनु कुमार, लखन, पापाराव, अनिल और हमारे अन्य सदस्य पूरे समर्पण से अपना कार्य कर रहे है।
ऑक्सीजन आपूर्ति देश सेवा है-
इसी प्लांट में काम करने वाले  हिरेन्द्र चैहान कहते है कि हम बिना वीकली ऑफ लिये काम कर रहे है। संकट के समय आज मेडिकल ऑक्सीजन की निरन्तर आपूर्ति सुनिश्चित करना, एक राष्ट्रसेवा है।
जीवन रक्षा पुण्य कार्य है-
इसी टीम के एक और समर्पित सदस्य ट्रॉली ड्राइवर  रोहित वर्मा बताते है कि आज हम लोग सब निरन्तर मेहनत कर रहे है। अगर हमारे मेहनत से किसी की जान बच जाये तो इससे बड़ा पुण्य कार्य कुछ नहीं है।
समय पर आपूर्ति हमारा फोकस-
मोहन राव कहते है कि इस वक्त जहां हम अपने खाने-पीने की चिंता छोडक़र सिर्फ मेडिकल ऑक्सीजन के सप्लाई को बनाये रखने में पूरा ध्यान लगा रहे है, वहीं बीएसपी प्रबंधन ने भी प्रतिदिन हमारे नाश्ते से लेकर खाने-पीने की बेहतर व्यवस्था की है।
हर काम देश के नाम-
ऑक्सीजन प्लांट के वरिष्ठ व कर्मठ कार्मिक  एस बी सिंह कहते है कि आज हम अपने देश के काम आ रहे है। जिस प्रकार सैनिक अपने देश की रक्षा के लिए तत्पर होता है वैसी ही भावना आज हमारे टीम में है। हर काम देश के नाम।
उपलब्धता बढ़ाने हेतु इनोवेटिव प्रयास-
ऑक्सीजन प्लांट के डीएसओ  एम डी साहू जी ने बताया कि उनकी टीम ने ऑक्सीजन उत्पादन बढ़ाने के लिए अनेक उपाय किये है। ऑक्सीजन सिलेंडर की उपलब्धता को भी बढ़ाने का प्रयास किया गया है। इस हेतु 150 टेक्निकल सिलेंडर्स को मेडिकल ऑक्सीजन सिलेंडर्स में कन्वर्ट किया गया है। इस प्रकार सेक्टर-9 अस्पताल हेतु दिए जाने वाले 450 मेडिकल ऑक्सीजन सिलेंडर्स के स्थान पर अब हम 600 सिलेंडर्स देने में सक्षम हो सके है।
जज्बा और जुनून को सलाम-
ऑक्सीजन प्लांट के महाप्रबंधक  मोहम्मद नदीम खान ने बताया कि सीजीएम  जी ए सोरते के मार्गदर्शन में ऑक्सीजन प्लांट की टीम देश को बचाने के लिए कमर कस ली है। हम अपने संयंत्र को चैबीसों घंटे पूरी क्षमता से चला रहे है। हमारी टीम ने घड़ी देखना बंद कर दिया है। उनमें देश के लिए कुछ करने का जज्बा और जुनून दिखाई देता है। आज मेडिकल ऑक्सीजन की बढ़ती मांगों को इनके जज्बे से ही पूर्ण कर रहे है। अप्रेल माह में हमने जहां बीएसपी के जेएलएन अस्पताल को 5845 मेडिकल ऑक्सीजन सिलेंडर की है वहीं जिला प्रशासन को शासकीय अस्पतालों हेतु इसी माह 1550 मेडिकल ऑक्सीजन सिलेंडर की नि:शुल्क आपूर्ति की है।
सांसों को सहेज रहे है हम
ऑक्सीजन प्लांट के महाप्रबंधक  पूर्णचंद्र बाग बताते है कि आज ऑक्सीजन प्लांट को पूरे क्षमता के साथ चलाने में हमारे ऑपरेशन के साथियों के साथ-साथ इलेक्ट्रिकल व मेकेनिकल मेंटेनेंस की टीम ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसके साथ ही मेडिकल ऑक्सीजन आपूर्ति की गति को बढ़ाने हेतु बीएसपी के निदेशक प्रभारी  अनिर्बान दासगुप्ता ने भी हमारे ऑक्सीजन प्लांट का दौरा किया और हमारी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तत्काल बैटरी ऑपरेटेड ट्रॉली की व्यवस्था की। जिससे ऑक्सीजन सिलेंडर्स को फीलिंग प्वाइंट तक तथा लोडिंग प्वाइंट तक शीघ्र परिवहन किया जा सके। आज हम सिर्फ ऑक्सीजन ही नहीं बांट रहे, बल्कि जीवन बचाने वाली सांसे बांट रहे हैं।

खेत में मिला युवक की सर कटी लाश,जांच में जुटी पुलिस
Posted Date : 06-May-2021 5:46:24 pm

खेत में मिला युवक की सर कटी लाश,जांच में जुटी पुलिस

०-बीती रात गुडाखू करने घर से बाहर गया था मृतक
रायपुर, 06 मई । गुखाखू करने रात घर से निकले युवक की सुबह खेत में सर  कटी लाश मिली है। 
मिली जानकारी के अनुसार कुसमी थाना पलारी जिला-बलौदाबाजार-भाटापारा निवासी अमरसिंग मनहरे 50 वर्ष ने थाने में शिकायत दर्ज करायी है कि वह खेती किसानी का काम करता है। आज सुबह 06 मई को करीबन 08:00 बजे सुबह ग्राम पहंदा नहर किनारे शलेन्द्र घृतलहरे का खेत में बेटा कमलेश मनहरे  की सर कटी लाश मिली है। पीडि़त के अनुसार  05/मई को रात में करीबन 08/00 बजे परिवार के सभी लोग खाना खाकर अपने-अपने कमरे में सोये थे, तभी बहू ननकी मनहरे ने बताई कमलेश मनहरे मंजन (गुडाखू) करने रात्रि करीबन 10/00 बजे घर से निकला है,वापस नही आया है बताने पर घर के बाथरुम तथा पड़ोसी संतु रात्रे के साथ गांव के तालाब के आस पास जाकर पता तलाश किया लेकिन पता नही चलने पर वापस घर आकर सो गया। दूसरे दिन प्रार्थी का बड़ा बेटा जो 05 मई को ग्राम परसाभदर काम से गया था वह 06 मई को सुबह वापस घर आया तब बताया कि  कमलेश मनहरे का शव ग्राम पहंदा नहर के किनारे खेत में पड़ा है तथा सिर एवं धड़ अलग-अलग है किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा धारदार हथियार से गला को काट दिया है। मौके पर जाकर देखने पर मृतक   दांये पैर घूटना के पीछे चोट,कमर,पीठ,कंधा के पास चोट लगा है,सिर व धड आग से जला हुआ पड़ा था। गुडाखू का डिब्बा खेत मेढ में बिजली पोल के पास पड़ा है,किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा  कमलेश मनहरे का गला धारदार हथियार से काट कर हत्या कर कमलेश मनहरे को किसी अन्य जगह हत्या कर शव को छिपाने के लिए ग्राम पहंदा नहर किनारे शलेन्द्र घृतलहरे का खेत में फेंक दिया है। घटना की सुचना पर पलारी थाना पुलिस मौके पर पहुंच शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 302,201 के तहत अपराध कायम कर मामले की जांच में जुटी है। 

छत्तीसगढ़ एक ऐसा राज्य जो कोरोना के लक्षण वाले लोगों को उपलब्ध करा रहा निशुल्क दवाएं- मुख्यमंत्री
Posted Date : 06-May-2021 5:45:29 pm

छत्तीसगढ़ एक ऐसा राज्य जो कोरोना के लक्षण वाले लोगों को उपलब्ध करा रहा निशुल्क दवाएं- मुख्यमंत्री

0 गांव- घर से लेकर सीमावर्ती इलाकों में बाहर से आने वालों पर रखें निगरानी
0 मुख्यमंत्री ने बिलासपुर और सरगुजा संभाग के राजस्व ,पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों से कोरोना संक्रमण की रोकथाम के उपायों को लेकर की चर्चा

रायपुर, 06 मई । मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ देश का एक ऐसा राज्य है , जो कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए मितानिनों के माध्यम से गांव-गांव में कोरोना  लक्षण वाले मरीजों की पहचान कर, उन्हें निशुल्क दवाएं उपलब्ध करा रहा है । राज्य सरकार के इस प्रयास का सार्थक परिणाम भी  मिल रहा है ।  राज्य में कोरोना के गंभीर मरीजों की संख्या में कमी आई है और रिकवरी रेट भी बढ़ा है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिलासपुर और सरगुजा संभाग के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं पुलिस सहित खंड चिकित्सा अधिकारियों तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री  बघेल ने कहा कि उन्हें इस बात का संतोष है कि आप सब  जिला, तहसील, ब्लॉक और गांव में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए शासन के दिशा- निर्देशों और अपने दायित्वों का भली-भांति निर्वहन कर रहे हैं । यही वजह है कि कोरोना के गंभीर संक्रमण की स्थिति से छत्तीसगढ़ राज्य धीरे-धीरे उभरने लगा है। उन्होंने कहा कि मानवता को बचाने की यह लंबी लड़ाई है । हम सबको मिलकर बिना रुके, बिना थके, योजनाबद्ध तरीके से इससे लडऩा है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि स्थानीय स्तर पर कोरोना की रोकथाम के लिए हम क्या सावधानी बरत रहे हैं? क्या उपाय कर रहे हैं ? यह महत्वपूर्ण है । उन्होंने कहा अन्य राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ राज्य में हॉस्पिटल, बेड,दवा , आईसीयू और आक्सीजन आदि को लेकर स्थिति संतोषजनक है। राज्य स्तर से लेकर ब्लॉक और तहसील स्तर पर स्थापित कोविड केयर सेंटरों में ऑक्सीजन बेड की संख्या में लगातार वृद्धि की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अंचल में शादी- ब्याह की वजह से संक्रमण बढ़ा है। इसकी रोकथाम के लिए गांव, घर से लेकर सीमावर्ती इलाकों में बाहर से आने वाले लोगों पर सतत निगरानी की जरूरत है। उन्होंने इसके लिए मितानिन ,कोटवार, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक ,पटवारी आदि की मदद लेने की बात कही । बाहर से आने वालों को क्वॉरेंटाइन सेंटर में ठहराने और उनका टेस्ट किए जाने की जरूरत है । मुख्यमंत्री ने कोरबा और रायगढ़ जिले के खदान एरिया वाले क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए विशेष रूप से निगरानी रखने की हिदायत अधिकारियों को दी।  ग्रामीण क्षेत्रों में रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर से संपर्क कर ,उन्हें इस बात का सुझाव देने को  कहा गया  कि वह  सर्दी- खांसी- बुखार के ऐसे मरीजों को जिनमें कोरोना के प्रारंभिक लक्षण दिखाई दें , उन्हें कोरोना प्रोटोकाल के आधार पर दवाएं दें और टेस्ट कराने के लिए भी कहें । मुख्यमंत्री कहा कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति के उपचार में विलंब से स्थिति के गंभीर होने का अंदेशा रहता है । 
मुख्यमंत्री ने कोरोना संक्रमण की विषम परिस्थिति ,लॉकडाउन, कंटेनमेंट जोन में लोगों से कोरोना प्रोटोकाल का पालन कराने में सभी अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि  कहीं से भी गंभीर शिकायतें नहीं मिली है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आप सब स्वयं को कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रखते हुए सबको साथ लेकर काम करें । 
बैठक को गृह मंत्री  ताम्रध्वज साहू, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री  जयसिंह अग्रवाल ने भी संबोधित किया और कहा कि लोगों को कोरोना से बचने के लिए  जागरूक करने की जरूरत है। कोरोना संक्रमण से बचाव और टीकाकरण को लेकर लोगों के मन में जो संशय है , उसको भी दूर किया जाना चाहिए। बैठक के प्रारंभ में मुख्यमंत्री ने उक्त दोनों संभागों के 22 अनुविभागों के एसडीएम ,एसडीओपी, तहसीलदार ,बीएमओ, एवं थानेदारों से उनके इलाके में कोरोना संक्रमण की स्थिति कोविड- केयर सेंटर की व्यवस्था, ऑक्सीजन बेड एवं दवाओं की उपलब्धता , कोरोना दवा किट के वितरण की जानकारी ली । सरगुजा एवं बिलासपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण की दर में वृद्धि के कारणों के बारे में भी मुख्यमंत्री ने संबंधित इलाकों के अधिकारियों से पूछताछ की और कहा कि इसकी रोकथाम के लिए लोगों को समझाइश देना जरूरी है । गांव के ऐसे लोग जो बीमार हैं, वह अलग कमरे में रहे। तालाब एवं हैंडपंप पर नहाने न जाएं तथा घर परिवार के लोगों के बीच में न बैठे।  इससे परिवार के अन्य सदस्यों को संक्रमित होने से बचाया जा सकता है।

बुजुर्गों को कार में बैठे-बैठे वैक्सीन
Posted Date : 06-May-2021 5:44:17 pm

बुजुर्गों को कार में बैठे-बैठे वैक्सीन

० वरिष्ठ नागरिकों के लिए ड्राइव इन वैक्सिनेशन की सुविधा दुर्ग जिले में आरम्भ
रायपुर, 06 मई ।  कोविड -19 महामारी से बचाव हेतु राज्य सरकार द्वारा चलाये जा रहे टीकाकरण अभियान के तहत वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए ड्राइव इन वैक्सिनेशन सुविधा आज से दुर्ग जिले में आरम्भ हो गई। बुजुर्ग नागरिक अपनी कार में बैठे बैठे वैक्सीन लगवा रहे हैं। आधे घंटे कार में ही वैक्सीन लगने के बाद उन्हें रेस्ट करना होता है। यहां पर मेडिकल टीम मौजूद रहती है। आधे घंटे के ऑब्जरवेशन के बाद सब कुछ सामान्य रहने पर घर जाने की अनुमति दे दी जाती है।
इस सुविधा से वरिष्ठ नागरिकों को काफी सुकून पहुँचा है। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही रेस्ट होने की वजह से यह मुहिम बुजुर्गों के लिए खासी उपयोगी हो रही है। आज 80 वर्ष की आयु से भी अधिक के बुजुर्ग वैक्सिनेशन के लिए आये। इनमें से कई ऐसे थे जिन्हें चलने फिरने में समस्या थी। उन्होंने बताया कि इसी वजह से अब तक टीका लगाने का निर्णय रोक कर रखा था। उनके परिजनों ने भी कहा कि घर के बुजुर्गों की वैक्सिनेशन की चिंता इस सहज सुविधा से आज दूर हो गई। इसके लिए जगह भिलाई के सूर्या शॉपिंग मॉल की पार्किंग को चुना गया है। यह पर्याप्त छायादार सुकून से भरी जगह है। सुविधा आरंभ होने के पहले दिन विधायक देवेंद्र यादव एवं कलेक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे भी मौजूद थे। विधायक एवं कलेक्टर ने वरिष्ठ नागरिकों से फीडबैक भी लिया वरिष्ठ नागरिकों ने बताया कि यह सुविधा बहुत अच्छी लगी, प्रशासन का यह नवाचार बहुत अच्छा लगा क्योंकि गर्मी बहुत अधिक है इसलिए वैक्सीनेशन सेंटर में देर तक रुकना कठिन था। इसके साथ ही गाड़ी में ही बैठे बैठे यह सुविधा उपलब्ध होने से हमारी बड़ी चिंता दूर हुई। सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर भी हम बहुत चिंतित थे लेकिन क्योंकि गाड़ी में ही बहुत थोड़े समय में वैक्सीनेशन हो गया, इसलिए हमारी चिंता पूरी तरह से दूर हो गई है। इस मौके पर नगर निगम आयुक्त श्री ऋतुराज रघुवंशी भी मौजूद थे। सूर्या शॉपिंग मॉल में यह कार्यक्रम जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में भिलाई नगर निगम द्वारा किया जा रहा है। कल शाम को ही वरिष्ठ नागरिकों के सभी व्हाट्सएप ग्रुप में इसकी सूचना दे दी गई थी इसके अलावा प्रेस के माध्यम से, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं सोशल मीडिया के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को इस संबंध में सूचित किया गया। आज सुबह से ही बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक सूर्या मॉल पहुंचे और वैक्सीनेशन का लाभ ले रहे हैं। यह मुहिम पहले ही दिन बहुत सफल होते दिख रही है और सुबह वैक्सिनेशन सेशन के आरंभ होने के 3 घंटे के भीतर ही 60 से अधिक वरिष्ठ नागरिक वैक्सिनशन करा चुके हैं। 

ड्रोसेरा सिरप पीने से 8 की मौत
Posted Date : 06-May-2021 5:42:35 pm

ड्रोसेरा सिरप पीने से 8 की मौत

बिलासपुर, 06 मई । छत्तीसगढ़ के बिलासपुर लॉकडाउन के दौरान शराब नहीं मिलने पर नशीली सिरप पीने से आठ युवकों की मौत हो गई है। वहीं तीन अन्य युवक गंभीर बताये जा रहे हैं, जिनका इलाज अस्पताल में जारी है। घटना की जानकारी के बाद बिलासपुर में हडक़ंप मचा हुआ है। वहीं पुलिस इज़ मामले में मृतकों के परिजनों से पूछताछ में जुट गई है।
जानकारी के मुताबिक घटना सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के कोरमी की है। मंगलवार की शाम कोरमी के रहने वाले 8 से 12 युवक पार्टी मनाने के लिए शराब नहीं मिलने पर नशीली सिरप खरीदे थे। सभी ने मिलकर जमकर सिरप पी और पार्टी की। पार्टी खत्म होने के बाद जब सभी युवक अपने अपने घर आये तो उनमें से छह युवकों की अचानक तबीयत खराब होने लगी, जिसके बाद परिजनों ने रात में ही चार युवकों को अपोलो अस्पताल बिलासपुर में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान चारों युवकों की मौत हो गई। वहीं आज सुबह चार और युवकों की मौत हो गई। आठ युवकों की मौत के बाद पूरे बिलासपुर में हडक़ंप मच गया है। वही मृतक सभी आठ युवक एक ही परिवार के बताए जा रहे है।
वहीं अस्पताल में अब भी कुछ युवक भर्ती हैं जिनका इलाज जारी है। मृतक युवकों में कमलेश, राजेश,अक्षय, समारू है। वहीं मृतक चार अन्य युवकों का नाम पता नहीं चल पाया है।
वहीं इस मामले में ये भी बताया जा रहा है कि, सभी युवक मौवा से बनने वाली शराब में कप सिरप मिलाकर नशा कर रहे थे। फिलहाल इस पूरे मामले पुलिस जांच की बात कह रही है।
वहीं इस खबर के बाद सवाल अब ये भी उठता है कि, लॉकडाउन में जहां एक तरफ सभी दुकानें बंद है, इसके बावजूद नशे के आदि युवकों को आखिर नशा करने के ये सिरप या फिर मौवा शराब कहां से मिल रही है। बिलासपुर पुलिस आखिर नशे के ऐसे सौदागरों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है। इधर सिरगिट्टी थाना प्रभारी ने इस घटना के संबंध में बताया कि, छह की मौत हो गई है। वहीं कुछ गंभीर है। इस मामले में सिरप युवकों के पास कहाँ से आई इसकी भी जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस इस मामले में जांच कर रही है। 

नए आंध्र प्रदेश स्ट्रेन को लेकर बस्तर जिला प्रशासन सतर्क
Posted Date : 06-May-2021 5:37:54 pm

नए आंध्र प्रदेश स्ट्रेन को लेकर बस्तर जिला प्रशासन सतर्क

० बस्तर की सीमाओं में अभी नहीं मिला कोई एपी स्ट्रेन का प्रभाव
जगदलपुर, 06 मई । कोरोना वायरस के घातक आंध्र प्रदेश स्ट्रेन को बस्तर जिले में अभी कोई प्रभाव नहीं मिला है  कलेक्टर श्री रजत बंसल ने विडीओ जारी कर जनता को संदेश दिया । उन्होंने कहा कि जिले में स्टेन के रोकथाम के लिए बस्तर जिले की सभी सीमाओं में कोरोना की जांच कड़ी कर दी गई है। कलेक्टर  रजत बंसल द्वारा दिए गए जिले की सभी सीमाओं में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देशों के बाद सभी यात्री वाहन और मालवाहक वाहनों को रोककर उनमें बैठे यात्रियों, वाहन चालक और उनके सहयोगियों की कोरोना जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के रोकथाम के लिए बस्तर जिला प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रहा है । खासकर नए आंध्र प्रदेश स्ट्रेन को रोकने के बाहर से आने वाले सभी यात्रियों की जांच की जा रही है। मालवाहक वाहनों के वाहन चालक और क्लीनर को भी कोरोना जांच के बाद ही जिले में प्रवेश दिया जा रहा है। इसके अलावा यात्री बसों के सवारियों से कोरोना टेस्ट रिपोर्ट की माँग की जा रही है, रिपोर्ट नहीं होने की स्थिति में स्वास्थ्य जाँच दल द्वारा कोरोना टेस्ट किया जा रहा  है। बस्तर जिले की सीमाओं में कोरोना जांच का कार्य चौबीसों घंटे किया जा रहा है। इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी भी पालियों में लगाई गई है और यहां सुरक्षा व्यवस्था को भी कड़ी कर दी गई है। यहां जांच के बाद पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर कोविड केयर सेंटर भेजा जा रहा है। जिले के भानपुरी जांच चौकी,दरभा जांच चौकी ,धनपुंजी जांच चौकी, कोडेनार और मारडूम जांच चौकी  सहित एयरपोर्ट, बस स्टैंड और जगदलपुर रेलवे स्टेशन में कोरोना जाँच किया जा रहा है ।