सारंगढ़-बिलाईगढ़। धर्मेश कुमार साहू ने जिले के राजस्व अधिकारियों को बैठक लिया। बैठक में सीमांकन, नक्शा बटांकन, अभिलेख शुद्धता, भूअर्जन, रिकॉर्ड दुरुस्ती, पटवारी बस्ता जांच में सबसे अच्छा और सबसे खराब प्रतिवेदन का समीक्षा किया गया।
कलेक्टर ने तहसील भटगांव के तहसीलदार नीलिमा अग्रवाल को अगली बैठक में तथ्यात्मक जानकारी के साथ प्रतिवेदन प्रस्तुत करने निर्देश दिए। संयुक्त खाताधारी किसानों का पहले सीरियल नंबर अनुसार सुधार करें। कलेक्टर ने फॉर्मर रजिस्ट्रेशन में तहसीलदारों को गांववार और पटवारी वार रिपोर्ट देखकर धान खरीदी केंद्र समिति में कैंप लगाकर किसानों की संख्या के आधार पर सीएससी ऑपरेटर से फार्मर रजिस्ट्री करने के लिए निर्देशित किया। कलेक्टर ने कहा कि जो सर्वेयर ने अच्छे काम किए, उनको कमजोर सर्वेयर के साथ काम कराएं।
राजस्व कोर्ट
कलेक्टर ने सभी राजस्व अधिकारियों को कहा कि वह कोर्ट में समय निर्धारित करें, जिसमें वे न्यायालय में उपस्थित होकर कार्य संपादन करें। यह कोर्ट का समय अन्य प्रोटोकॉल या आवश्यक दैनिक राजस्व से प्रभावित नहीं हो, इसका ध्यान देने के निर्देश दिए। पेशी तारीख सभी प्रकरण में दर्ज करें। किसी भी प्रकरण को निर्धारित प्रक्रिया को पूरा करते हुए कम समय में निराकरण करने की पद्धति अपनाएं।
कलेक्टर ने कहा कि सीमांकन 15 दिन में कराएं। किसी मूल खसरा का दो अलग-अलग खसरा में बंटवारा किया जाता है उस स्थिति में मूल खसरा खाली रह जाता है, ऐसे मूल खसरा को विलोपन किया जाए। ऐसे ही खसरा विहीन नक्शा और नक्शा विहीन खसरों को अभियान चलाकर अभिलेख शुद्धता कार्य पूरा करें। नजूल सर्वे, भू अर्जन प्राकृतिक आपदा, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, समय सीमा बाहर के लंबित प्रकरणों का निराकरण करें सीमांकन, डायवर्सन, त्रुटि सुधार, के लंबित प्रकरणों का जल्द निपटारा करें।
कलेक्टर का नवाचार : सर्वे
कलेक्टर ने एक गांव में पटवारी को भेजकर राजस्व कार्यों में क्या क्या दस्तावेज की कमी है, उसका सर्वे करने के निर्देश दिए ताकि सर्वे के मुताबिक आवश्यक प्रशासनिक और नागरिकों की तैयारी की जाए।
राजस्व पखवाड़ा
आगामी दिनों में लगातार दो माह तक राजस्व पखवाड़ा का आयोजन राज्य शासन द्वारा किया जाएगा, जिसमें राजस्व कार्यो का तहसीलदार की उपस्थिति में कैंप लगाकर राजस्व कार्यो को त्वरित रूप से निराकरण किया जाएगा।
बैठक में शामिल राजस्व अधिकारी
बैठक में अपर कलेक्टर एस के टंडन, प्रकाश कुमार सर्वे, एसडीएम प्रखर चंद्राकर, वर्षा बंसल, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार में मनीष सूर्यवंशी, प्रकाश पटेल, खोमन लाल ध्रुव, शनी कुमार पैकरा, मोहनलाल साहू, कोमल प्रसाद साहू, कमलेश सिदार, देवराज सिंह सिदार, नीलिमा अग्रवाल, भूअभिलेख शाखा के अधीक्षक आशीष पटेल, सहायक अधीक्षक विकास साहू, राजस्व निरीक्षक दिनेश चंद्रवंशी और अश्वनी पात्रे उपस्थित थे।
सारंगढ़-बिलाईगढ़। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा बारहवीं से उच्चतर अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए छत्तीसगढ़ राज्य के निवासी जो छत्तीसगढ़ के बाहर अन्य राज्य के शासकीय, अशासकीय, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक एवं आईटीआई आदि में शिक्षण संस्थानों के प्राचार्य और संस्था प्रमुख एवं छात्रवृत्ति प्रभारी को सूचित किया गया है कि वर्ष 2024-25 में अध्ययनरत अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों की 03 अप्रैल से 15 अप्रैल 2025 तक ऑनलाईन आवेदन पत्र आमंत्रित किया गया है। छात्रवृत्ति हेतु पात्र विद्यार्थी वेबसाईट पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप डॉट सीजी डॉट एनआईसी डॉट इन http://postmatric-scholarship.cg.nic.in पर ऑनलाईन आवेदन प्रस्तुत कर सकते है।
छात्रवृत्ति हेतु पात्रता
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विद्यार्थियों के पालक की आय सीमा रू. 2.50 लाख प्रतिवर्ष, अन्य पिछड़ा वर्ग हेतु आय-सीमा रू. 1 लाख प्रतिवर्ष होना चाहिए। सक्षम अधिकारी द्वारा जारी स्थाई जाति प्रमाण पत्र, छ.ग. का मूल निवास प्रमाण पत्र, विद्यार्थी के अध्ययनरत् पाठ्यक्रम के विगत वर्ष का परीक्षा परिणाम संलग्न करना होगा।
आधार सीडेड बैंक खाता दर्ज करें विद्यार्थी
पीएफएमएस के माध्यम से आधार आधारित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का भुगतान किया जा रहा है। अतः सभी विद्यार्थी ऑनलाईन आवेदन करते समय ध्यान रखे कि उनका बचत खाता एक्टिव हो एवं आधार सीडेड बैंक खाता नम्बर की ही प्रविष्टि करना सुनिश्चित करें।
निर्धारित अवधि के बाद संस्था प्रमुख पर होगा कार्यवाही
निर्धारित तिथि के पश्चात् शिक्षा सत्र 2024-25 की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति ऑनलाईन आवेदन हेतु पोर्टल बंद कर दिया जावेगा एवं ड्राफ्ट प्रपोजल एवं सेक्शन ऑर्डर लॉक करने का अवसर भी प्रदान नहीं किया जायेगा। निर्धारित तिथि तक कार्यवाही पूर्ण नहीं करने पर यदि संबंधित संस्थाओं के विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित रह जाते है, तो इसके लिए संस्था प्रमुख जिम्मेदार होंगे। वर्ष 2024-25 से संस्थाओं का जियो टैगिंग किया जाना अनिवार्य है। जिन संस्थाओं द्वारा जियो टैगिंग नहीं किया जायेगा। उन संस्था के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदाय नहीं की जायेगी।
वर्ष 2024-25 में अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को एनसीपी पोर्टल से ओटीआर (वन टाइम रजिस्ट्रेशन) प्राप्त करना आवश्यक है। इस हेतु राज्य छात्रवृत्ति पोर्टल में प्रदाय निर्देशों का अवलोकन किया जा सकता है। वर्ष 2024-25 में संस्था प्रमुख एवं संस्था के छात्रवृत्ति प्रभारी का बायोमैट्रिक ऑथेंटिकेशन किया जाना अनिवार्य है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी अपने जिले के कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास से प्राप्त की जा सकती है।
सारंगढ़ बिलाईगढ़। जिले के प्रशासनिक जिलाध्यक्ष धर्मेश कुमार साहू ने सारंगढ़ के तहसील कार्यालय परिसर स्थित जिला कोषालय सारंगढ़-बिलाईगढ़ के दृढ़कक्ष का निरीक्षण एवं भौतिक सत्यापन 31 मार्च 2025 की स्थिति में किया। छ.ग. कोषालय संहिता भाग-एक के सहायक नियम-39 के अनुसार यह निरीक्षण एवं भौतिक सत्यापन किया गया, जिसमें स्टाम्प टिकट, रेवेन्यू टिकट, कोर्ट टिकट, आदि स्टाम्प तथा बहुमुल्य वस्तुओं का भौतिक सत्यापन किया गया और लगभग 18 वित्तीय रजिस्टर में कलेक्टर ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर प्रकाश कुमार सर्वे, तहसीलदार मनीष सूर्यवंशी, सहायक कोषालय अधिकारी हरिराम पटेल, सहायक ग्रेड 1 एस के साहू, खजाना प्रभारी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि प्रति वर्ष में दो बार यह सत्यापन 31 मार्च एवं 30 सितम्बर की स्थिति में किया जाता है।
रायपुर। सीबीआई ने महादेव बेटिंग एप मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आरोपी बनाया है. इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें भूपेश बघेल छठवें आरोपी के रूप में नामित हैं. कुल 21 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जिनमें महादेव एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल भी शामिल हैं. कुछ दिनों पहले सीबीआई ने छत्तीसगढ़ में 60 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित कई भारतीय सेवा अधिकारियों के आवास और कार्यालय शामिल थे। इसके बाद अब सीबीआई ने एफआईआर में भूपेश बघेल का नाम दर्ज करते हुए उन्हें इस मामले में आरोपी बनाया है। सीबीआई की एफआईआर में रवि उप्पल, सौरभ चंद्राकर, असीम दास, सतीश चंद्राकर, चंद्रभूषण वर्मा और भीम सिंह को भी आरोपी बनाया गया है. एफआईआर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आरोपी नंबर 6 के रूप में नामित किया गया है. संभावना जताई जा रही है कि सीबीआई जल्द ही उनसे पूछताछ कर सकती है. सीबीआई ने इस मामले में विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें बड़ी मात्रा में डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य मिले हैं. जब्त किए गए दस्तावेजों में वित्तीय लेन-देन से जुड़े अहम रिकॉर्ड शामिल हैं. सीबीआई की जांच अभी जारी है, और आने वाले दिनों में नए खुलासे होने की संभावना है.
इनके खिलाफ दर्ज है मामला :-
1. भूपेश बघेल
2. सौरभ चंद्राकर
3. रवि उप्पल
4. असीम दास
5. सतीश चंद्राकर
6. नीतिश दीवान
7. अनिल कुमार अग्रवाल उर्फअतुल अग्रवाल
8. विकास छापरिया
9. रोहित गुलाटी
10. चंद्रभूषण वर्मा
11. भीम सिंह
12. सुनील दम्मानी
13. यादव
14. हरीशंकर तिबरवाल
15. सुरेंद्र बागड़ी
16. सूरज चोखानी
17. शुभम सोनी
18. विशाल आहुजा
19. धीरज आहुजा
20. अनिल दम्मानी
रायपुर। राजधानी रायपुर के पंडरी इलाके में स्थित कपड़ा शोरूम शिवम् में सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात एक शातिर चोर ने फिल्मी अंदाज में 30 लाख की बड़ी चोरी को अंजाम देकर फरार हो गया। इस दौरान शो रूम के गार्ड को भनक तक नहीं लगी, अगले दिन सुबह जब स्टाफ शोरूम पहुंचा तब चोरी का पता चला। शोरूम मैनेजमेंट की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।जानकारी के मुताबिक, यह चोर दुकान बंद होने से आधा घंटा पहले करीब रात 10:30 बजे बुर्का पहनकर शोरूम में घुसा, फिर कपड़े देखने के बहाने शो-रूम में घूमते हुए चौथी मंजिल के वॉशरूम में छिप गया। दुकान बंद होने के बाद रात करीब 1 बजे वह बाहर निकला, सीधे कैश काउंटर पहुंचा और गल्ले का लॉक तोडक़र 30 लाख कैश निकाल लिया और फिर शोरूम की छत से रस्सी के सहारे नीचे उतरकर भाग निकला।सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि चोर ने ईयरफोन लगाए रखे, जिससे पुलिस को शक है कि वह ऐसे किसी शख्स से से लगातार निर्देश ले रहा था जिसे शोरूम की व्यवस्था की पूरी जानकारी थी। उसे पता था कि कब स्टाफ काम समेटता है, कब लाइट बंद होती है और कब गार्ड तैनात होता है। इसके अलावा रस्सी के सहारे चार मंजिला इमारत से उतरना आसान नहीं, जिससे पुलिस को लगता है कि चोर या तो पेशेवर था या उसने पहले से इसकी प्रैक्टिस कर रखी थी। बहरहाल, पुलिस ने शक के आधार पर एक कर्मचारी को हिरासत में लिया गया है जिससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह पूर्व कर्मचारी तो नहीं था, जिसे शोरूम की पूरी जानकारी थीगौरतलब है कि इस चोरी की वारदात को तीन दिन की बैंक बंदी का फायदा उठाकर अंजाम दिया गया। शनिवार, रविवार और सोमवार को बैंकों की छुट्टी थी, इसलिए गल्ले में भारी मात्रा में कैश जमा था।
दुर्ग-रायपुर। दुर्ग के सुपेला से सेक्टर की ओर जा रहा एक ऑयल ट्रक अल सुबह अचानक सुपेला अंडर ब्रिज के बीचों बीच पलट गया ट्रक में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील ऑयल भरा हुआ था ट्रक के पलटते ही सूचना अग्निशमन विभाग को दी गई सूचना मिलते ही मौके पर दमकल की टीम पहुंची और हादसे पर काबू पाया.
दरअसल पूरी घटना सुपेला अंडर ब्रिज की है जहां तेल से भरा हुआ एक टैंकर अचानक पलट गया ज्वलनशील होने के कारण आज का खतरा बना हुआ था तो वही टैंकर से ज्वलनशील तेल भी रच रहा था आसपास घनी आबादी होने के साथ-साथ बिजली के तार भी थे अग्निशमन कर्मियों ने तेजी से स्थिति का आकलन किया और ट्रक से रिस रहे ऑयल को नियंत्रित करने के लिए फ़ोम की बौछार शुरू कर दी इस प्रयास से न केवल ट्रक पर संभावित आग लगने से बचाया जा सका, बल्कि अंडर ब्रिज में भर चुके ज्वलनशील गैस को भी नियंत्रित किया गया ट्रक के पलटने के कारणों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है प्रारंभिक अनुमान के अनुसार यह हादसा चालक की लापरवाही, ब्रेक फेल होने, या फिर सडक़ की स्थिति के कारण हो सकता है.