व्यापार

चालू वित्त वर्ष में जनवरी तक 18,120 करोड़ से ज्यादा के हुए ट्रांजैक्शन, डिजिटल पेमेंट में उछाल; यूपीआई सबसे आगे
Posted Date : 12-Mar-2025 9:29:21 pm

चालू वित्त वर्ष में जनवरी तक 18,120 करोड़ से ज्यादा के हुए ट्रांजैक्शन, डिजिटल पेमेंट में उछाल; यूपीआई सबसे आगे

नई दिल्ली । केंद्र सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में इस साल जनवरी तक यूपीआई सहित डिजिटल पेमेंट ट्रांजैक्शन 18,120 करोड़ से ज्यादा रिकॉर्ड किया गया है, जिसमें ट्रांजैक्शन वैल्यू 2,330 लाख करोड़ रुपये को पार कर गई है।
वित्त वर्ष 2021-22 में कुल डिजिटल पेमेंट ट्रांजैक्शन 8,839 करोड़ से बढक़र वित्त वर्ष 2023-24 में 18,737 करोड़ हो गया है, जिसमें 46 प्रतिशत की सीएजीआर वृद्धि हुई।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि यह वृद्धि यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) के कारण हुई है, जो 69 प्रतिशत की सीएजीआर से बढ़ा और वित्त वर्ष 2021-22 के 4,597 करोड़ ट्रांजैक्शन से बढक़र वित्त वर्ष 2023-24 में 13,116 करोड़ ट्रांजैक्शन हो गया।
केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2023-24 में कुल डिजिटल पेमेंट ट्रांजैक्शन का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा यूपीआई ने हासिल किया है। इसके अलावा, डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर (क्यूआर कोड और पीओएस टर्मिनल), नए व्यापारियों की ऑनबोर्डिंग और थर्ड पार्टी ऐप प्रोवाइडर (टीपीएपी) भी योजना अवधि के दौरान काफी हद तक बढ़े हैं।
सरकार ने देश में डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने और डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए डिजिधन मिशन की शुरुआत की है।
यूपीआई और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए बैंकों और दूसरे इकोसिस्टम पार्टनर्स को प्रोत्साहित करने के लिए वित्त वर्ष 2021-22 से एक प्रोत्साहन योजना लागू की गई है।
योजना को डिजाइन करते समय बैंकों सहित हितधारकों के साथ परामर्श किया गया। जागरूकता पैदा करने और डेटा कलेक्शन के लिए बैंकों के लिए एक डेडिकेटेड प्रोत्साहन योजना (आईएसबी) पोर्टल भी डेवलप किया गया है।
नतीजतन, यूपीआई पेमेंट सहित डिजिटल पेमेंट की पेशकश करने वाले बैंकों की संख्या वित्त वर्ष 2021-22 में 216 से बढक़र वित्त वर्ष 2023-24 में 572 हो गई है।
देश में डिजिटल भुगतान के विकास में रुपे डेबिट कार्ड और कम मूल्य के भीम-यूपीआई ट्रांजैक्शन पर्सन टू मर्चेंट (पी2एम) को प्रमोट करने के लिए ‘प्रोत्साहन योजना’ ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

 

सेबी ने राइट्स इश्यू को पूरा करने की समयसीमा घटाकर 23 दिन की, 7 अप्रैल से लागू
Posted Date : 12-Mar-2025 9:28:48 pm

सेबी ने राइट्स इश्यू को पूरा करने की समयसीमा घटाकर 23 दिन की, 7 अप्रैल से लागू

मुंबई । कंपनियों को तेजी से पूंजी जुटाने में मदद करने के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने राइट्स इश्यू को पूरा करने की समयसीमा 126 दिनों से घटाकर 23 दिन कर दी है, जो 7 अप्रैल से प्रभावी होगी।
एक सर्कुलर में, पूंजी बाजार नियामक ने राइट्स इश्यू में स्पेसिफिक निवेशकों को अलॉटमेंट के लिए फ्लेक्सिबिलिटी भी प्रदान की है।
सेबी ने कहा, नए फ्रेमवर्क के हिस्से के रूप में, सेबी रेगुलेशन, 2018 (सेबी आईसीडीआर विनियम) के संशोधित रेगुलेशन 85 के संदर्भ में, यह निर्दिष्ट किया जा रहा है कि राइट्स इश्यू को जारीकर्ता के निदेशक मंडल द्वारा राइट्स इश्यू को मंजूरी देने की तारीख से 23 कार्य दिवसों के भीतर पूरा किया जाएगा।
इसमें कहा गया है, सेबी आईसीडीआर रेगुलेशन के रेगुलेशन 87 के अनुसार और रिवाइज्ड टाइमलाइन को देखते हुए यह निर्दिष्ट किया जा रहा है कि राइट्स इश्यू को सब्सक्रिप्शन के लिए न्यूनतम सात दिन और अधिकतम तीस दिनों के लिए ओपन रखा जाएगा।
राइट्स इश्यू में शेयरों की सदस्यता के लिए प्राप्त एप्लीकेशन बोलियों का सत्यापन और अलॉटमेंट के आधार को फाइनल करने का काम भी स्टॉक एक्सचेंज और डिपॉजिटरी द्वारा इश्यू के रजिस्ट्रार के साथ मिलकर किया जाएगा।
बाजार नियामक के अनुसार, इस सर्कुलर के प्रावधान 7 अप्रैल, 2025 से लागू होंगे तथा इस सर्कुलर के लागू होने की तिथि से इश्यूअर के निदेशक मंडल द्वारा अप्रूव्ड राइट्स इश्यू पर लागू होंगे।
इस बीच, न्यूली अपॉइंटेड चेयरपर्सन तुहिन कांत पांडे की लीडरशिप में आगामी पहली बोर्ड मीटिंग में सेबी कई प्रमुख विनियामक प्रस्तावों पर चर्चा करने वाला है।
प्रस्तावित एजेंडे में डीमैट खातों के लिए यूपीआई जैसी सुरक्षा, क्लियरिंग कॉरपोरेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के दायरे का विस्तार करना और रिसर्च विश्लेषकों द्वारा फी कलेक्शन में बदलाव शामिल हैं।
निवेशकों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए सेबी ने डीमैट खातों के लिए यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) जैसा सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव दिया है।

 

ट्रंप के फैसलों से शेयर बाजार में हाहाकार, निवेशकों के 330 लाख करोड़ खाक
Posted Date : 11-Mar-2025 6:11:42 pm

ट्रंप के फैसलों से शेयर बाजार में हाहाकार, निवेशकों के 330 लाख करोड़ खाक

वाशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से लगाए जा रहे टैरिफ ने निवेशकों की मुश्किले बढ़ा दी है। जिस कारण अमेरिकी शेयर मार्किट में भारी गिरावट दिखाई दे रही है। इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी हो रहा है।
अमेरिकी शेयर बाजार में कारोबारी सत्र के दौरान पिछले दो साल की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई। स्&क्क 500 इंडेक्स 2.7त्न की गिरावट के साथ सितंबर के बाद अपने सबसे निचले लेवल पर पहुंच गया और 5,614.56 पर बंद हुआ। इसी तरह नैस्डैक कम्पोजिट 4 प्रतिशत टूटकर 17,468.32 अंक पर आ गया। यह नैस्डैक का सितंबर 2022 के बाद के सबसे खराब लेवल है। गिरावट के कारण, पिछले महीने एसएंडपी 500 के रिकॉर्ड लेवल से 4 ट्रिलियन डॉलर (करीब 330 लाख करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ है।
इन कंपनियों को हुआ बड़ा नुकसान
कारोबारी सत्र के दौरान टेस्ला समेत कई बड़ी ग्लोबल कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एक समय 1100 अंक तक गिर गया था, लेकिन अंत में यह 890.01 अंक (2.08त्न) की गिरावट के साथ 41,911.71 पर बंद हुआ। यूएस स्टॉक मार्केट में आई बड़ी गिरावट से दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्क को ज्यादा नुकसान हुआ। उनकी इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी टेस्ला का शेयर 15.43 प्रतिशत टूटकर 222.15 डॉलर पर बंद हुआ। इसके अलावा हृङ्कढ्ढष्ठढ्ढ्र का शेयर 5.07 त्न टूटकर 106.98 डॉलर पर आ गया। रूद्बष्ह्म्शह्यशद्घह्ल के शेयर 3.34त्न की और अमेजन के शयेर में 2.36त्न की गिरावट देखी गई।
भारतीय शेयर बाजार का हाल
कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच कारोबार में आईटी, मीडिया और प्राइवेट बैंक सेक्टरों में बिकवाली देखी गई। सेंसेक्स 371.74 अंक या 0.50 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,743.43 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 104.25 अंक या 0.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,356.05 पर था। निफ्टी बैंक 349.75 अंक या 0.73 प्रतिशत की गिरावट के साथ 47,867.05 पर था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 567.80 अंक या 1.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 47,872.30 पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 252.05 अंक या 1.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ 14,946.10 पर था।
बाजार पर नजर रखने वालों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फ्लिप-फ्लॉप टैरिफ पॉलिसी और इससे उत्पन्न अनिश्चितता ने अमेरिकी शेयर बाजारों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा, कल एसएंडपी 500 और नैस्डैक में क्रमश: 2.6 प्रतिशत और 4 प्रतिशत की गिरावट आई, जो ट्रंप के टैरिफ और साल के अंत तक अमेरिका में मंदी की संभावना के प्रति बाजार की प्रतिक्रिया है। हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा कि स्थिति कैसे ठीक होती है।

 

इंडसइंड बैंक के शेयर में 20 प्रतिशत का लोअर सर्किट, मार्केट वैल्यू में आई 14,000 करोड़ रुपये की गिरावट
Posted Date : 11-Mar-2025 6:11:23 pm

इंडसइंड बैंक के शेयर में 20 प्रतिशत का लोअर सर्किट, मार्केट वैल्यू में आई 14,000 करोड़ रुपये की गिरावट

मुंबई ।  इंडसइंड बैंक के शेयर में मंगलवार को 20 प्रतिशत का लोअर सर्किट लगा, क्योंकि बैंक के इंटरनल रिव्यू में अनुमान लगाया गया है कि दिसंबर 2024 तक बैंक की कुल संपत्ति पर लगभग 2.35 प्रतिशत का प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
इस भारी गिरावट से बैंक की मार्केट वैल्यू में लगभग 14,000 करोड़ रुपये की गिरावट आई। शेयर 52 सप्ताह के निचले स्तर 720.35 रुपये पर पहुंच गया, जो एनएसई पर लोअर बैंड से नीचे चला गया।
इंटरनल रिव्यू के दौरान बैंक के डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में 2.35 प्रतिशत की विसंगतियां पाए जाने के बाद बैंक की कुल संपत्ति में लगभग 2,100 करोड़ रुपये की गिरावट आने की उम्मीद है।
हिंदुजा प्रमोटेड लेंडर अपनी चौथी तिमाही की आय या अगले वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 2026) की पहली तिमाही में इस नुकसान की भरपाई करने की योजना बना रहा है।
इंटरनल रिव्यू निष्कर्षों ने बैंक के स्टॉक के लिए कई ब्रोकरेज से टारगेट प्राइस में कटौती की है, जो कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुमंत कठपालिया को केवल एक वर्ष का विस्तार दिए जाने के कुछ दिनों बाद ताजा उथल-पुथल के बीच है।
बैंक ने बॉन्ड इंवेस्टमेंट क्लासिफिकेशन और वैल्यूएशन पर भारतीय रिजर्व बैंक के सितंबर 2023 के दिशानिर्देशों के अनुसार, डेरिवेटिव पोर्टफोलियो पर अपने इंटरनल निष्कर्षों के स्वतंत्र रूप से रिव्यू और सत्यापन के लिए एक एक्सटर्नल एजेंसी नियुक्त की है।
सिटी ने कहा, इंडसइंड बैंक को ‘लिटमस टेस्ट’ का सामना करना पड़ेगा और बोर्ड द्वारा इंटरनल और एक्सटर्नल दोनों कैंडीडेट्स का मूल्यांकन करने की संभावना है। हाल के घटनाक्रमों ने जोखिम की धारणा को बढ़ा दिया है।
पीएल कैपिटल- प्रभुदास लीलाधर के गौरव जानी ने कहा, हमने इंडसइंड बैंक को ‘बाय’ से ‘होल्ड’ कर दिया है क्योंकि हमने आय की गुणवत्ता और भविष्य के नेतृत्व से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण मल्टीपल को 1.4 गुना से घटाकर 1.0 गुना कर दिया है। डेरिवेटिव अकाउंटिंग में अनियमितता का पता चलने के बाद से इंडसइंड बैंक के लिए परेशानी बनी हुई है। यह विसंगति 31 मार्च 2024 तक 5-7 साल की अवधि में थी, हालांकि, आरबीआई के निर्देश के कारण, 1 अप्रैल 2024 से कोई अनियमितता नहीं है।
उन्होंने आगे कहा, हमारे विचार में, इस एपिसोड का आरबीआई के एमडी और सीईओ के कार्यकाल को केवल 1 वर्ष के लिए बढ़ाने के फैसले पर असर पड़ा। वित्त वर्ष 2027 एबीवी पर मूल्यांकन 0.9 गुना है और हमने टारगेट प्राइस को 1,400 रुपये से घटाकर 1,000 रुपये कर दिया है।

 

‘एक्स’ के खिलाफ साइबर हमला, एलन मस्क ने दी जानकारी
Posted Date : 11-Mar-2025 6:10:32 pm

‘एक्स’ के खिलाफ साइबर हमला, एलन मस्क ने दी जानकारी

नई दिल्ली ।  ‘एक्स’ यूजर को सोमवार को उस वक्त परेशानी का सामना करना पड़ा, जब एक्स पर यूजर कुछ भी सर्च नहीं कर पा रहे थे। इसके पीछे क्या वजह थी, वह भी सामने आई है। बताया गया है कि एक्स पर साइबर अटैक हुआ था। जिसकी वजह से सारी सेवाएं ठप हो गई थीं। इस बात की जानकारी ‘एक्स’ प्लेटफॉर्म के मालिक एलन मस्क ‘एक्स’ पर पोस्ट कर दिया।
पोस्ट में उन्होंने लिखा, एक्स पर एक बड़ा साइबर हमला हुआ, इसके पीछे के लोगों का पता लगाया जा रहा है। हम पर हर दिन हमला होता है, लेकिन यह बहुत सारे संसाधनों के साथ किया गया था। या तो एक बड़ा, समन्वित समूह और/या एक देश इसमें शामिल है। इसका पता लगाया जा रहा है। एक्स के डाउन होने की समस्या देशभर में देखने को मिली।
एक यूजर ने एक्स के डाउन होने पर लिखा, क्या ट्विटर डाउन है? क्या किसी और को भी यह समस्या हो रही है। एक अन्य यूजर ने लिखा, ऐसा लगता है कि कोई वास्तव में नहीं चाहता कि एक्स कामयाब हो। आश्चर्य है कि इसके पीछे कौन है।
एक्स के डाउन होने के बाद अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसकी जानकारी साझा करते हुए यूजर नजर आए। फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे अन्य प्लेटफॉर्म पर सोशल मीडिया यूजर शिकायतें दर्ज करते हुए नजर आए।
एक्स को अक्टूबर 2022 में मस्क ने अधिग्रहित किया था। एक्स को खरीदने के बाद मस्क द्वारा बड़े पैमाने पर छंटनी की गई थी। कई बड़े अधिकारियों को नौकरी से निकाला गया।
बता दें कि अब एक्स सोशल मीडिया हैंडल पहले की तरह ही सर्चिंग कर रहा है और किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं आ रही हैं। हालांकि, एक्स के डाउन के बाद अभी भी सोशल मीडिया यूजर पूछते हुए नजर आ रहे हैं क्या एक्स पर पोस्ट कर सकते हैं। क्या सब कुछ ठीक हो गया है।

 

एग्रीटेक स्टार्टअप फाल्का का घाटा वित्त वर्ष 24 में तीन गुना बढक़र 15 करोड़ रुपये हुआ
Posted Date : 11-Mar-2025 12:23:39 am

एग्रीटेक स्टार्टअप फाल्का का घाटा वित्त वर्ष 24 में तीन गुना बढक़र 15 करोड़ रुपये हुआ

नई दिल्ली । एग्रीटेक सप्लाई चैन स्टार्टअप फाल्का का नुकसान वित्त वर्ष 24 में तीन गुना बढक़र 15 करोड़ रुपये हो गया है, जो कि वित्त वर्ष 23 में 5 करोड़ रुपये था।
फाल्का के वित्तीय विवरण के अनुसार, कंपनी का नुकसान बढऩे की वजह खर्च में बढ़ोतरी होना है, जो कि वित्त वर्ष 24 के दौरान 30.2 प्रतिशत बढक़र 384 करोड़ रुपये हो गया है।
कंपनी का सबसे बड़ा खर्च सामग्री की खरीद है, जो कुल व्यय का 94 प्रतिशत है।
वित्त वर्ष 24 में कंपनी का सामग्री पर खर्च सालाना आधार पर 27 प्रतिशत बढक़र 362 करोड़ रुपये हो गया है। इसके अलावा कर्मचारी खर्च दोगुना होकर 10 करोड़ रुपये हो गया है।
वित्त वर्ष 24 में कंपनी की वित्तीय लागत 50 प्रतिशत बढक़र 3 करोड़ रुपये हो गई है। अन्य ऑपरेशनल लागत 9 करोड़ रुपये रही है।
वित्त वर्ष 24 में नुकसान के कारण कंपनी का एबिटा मार्जिन (-) 1 प्रतिशत से घटकर (-) 3.14 प्रतिशत हो गया है।
वित्त वर्ष 24 में फाल्का ने एक रुपये की आय अर्जित करने के लिए 1.04 रुपये खर्च किए हैं। इस दौरान कंपनी का कैश और बैंक बैंलेंस 50 प्रतिशत गिरकर 4 करोड़ रुपये रह गया है। कंपनी की मौजूदा एसेट्स गिरकर 24.5 करोड़ रुपये रह गई है, जो कि वित्त वर्ष 23 में 53.5 करोड़ रुपये थी।
वित्त वर्ष 24 में फाल्का की सकल आय 27.3 प्रतिशत बढक़र 368 करोड़ रुपये हो गई है, जो कि वित्त वर्ष 23 में 289 करोड़ रुपये थी।
पिछले पांच वर्षों में कंपनी ने मजबूत वृद्धि दिखाई है, इस कारण जीएमवी वित्त वर्ष 20 में 5.6 करोड़ रुपये से 65 गुना बढक़र वित्त वर्ष 25 में 368 करोड़ रुपये हो गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, फाल्का ने अब तक लगभग 3 मिलियन डॉलर का फंड जुटाया है, जिसमें किंग्स्टन स्माइलर और इन्फ्लेक्शन पॉइंट वेंचर्स इसके प्रमुख निवेशक हैं।
फाल्का चार प्रमुख उत्पादों के माध्यम से काम करता है, जो प्रत्येक एग्री सप्लाई चैन के विभिन्न पहलुओं को संबोधित करता है।
सुग्गी बीज और कीटनाशकों जैसे एग्री इनपुट प्रदान करता है, जबकि सम्राट सलाहकार सेवाएं और बाजार संपर्क प्रदान करता है। सिरी किसानों और खरीदारों के लिए एक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करता है और सम्पूर्णा कृषि उत्पादकता में सुधार के लिए डिजिटल समाधान प्रदान करता है।