करनाल । आजकल आईपीएल का खुमार पूरे देश पर चढ़ा हुआ है।?इस खुमार को लेकर कई?प्रकार के ऑनलाइन गेम्स पैसा कमाने का मौका देते हैं।?ऐसे ही एक मौके से महिला सरपंच के पति को बंपर फायदा हुआ है।?गांव सुहाना की महिला सरपंच के पति विक्रम ने 3 करोड़ रुपये और थार जीती है। यह जैकपॉट उसे माई सर्कल 11 पर लगा है।
विक्रम ने आईपीएल के दौरान पंजाब और लखनऊ के मुकाबले के दौरान माई?सर्किल ऐप पर 49 रुपए से बैट लगाई थी।?एक तरफ जहां उन्होंने 3 करोड़ रुपए जीते हैं, साथ ही इसके साथ ही उन्हें एक महिंद्रा थार गाड़ी भी मिलेगी।?विक्रम ने अपनी बेटी के नाम से आईडी बनाई थी। विक्रम की पत्नी रेखा गांव की सरपंच हैं और उनके पिता मजदूर हैं। वे कुछ हिस्से में किराए पर खेती भी करते हैं। विक्रम ने ड्रीम ईलेवन पर भी दो टीमें लगाई थीं और 1-1 लाख रुपए जीते हैं।?अब परिवार में खुशी का माहौल है।?गांव के विक्रम के करोड़पति बनने पर परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। हालांकि, विक्रम की सलाह है कि ऐसे गेम्स को सिर्फ शौक के तौर पर ही खेलना चाहिए और इसकी लत से बचना चाहिए। उन्होंने ये भी बताया कि वे 2019 से इस तरह के गेम खेल रहे हैं और पहले भी कुछ पैसे जीत चुके हैं।
जालंधर । मशहूर सूफी गायक और पद्म श्री से सम्मानित हंस राज हंस की पत्नी रेश्मा का आज दोपहर निधन हो गया। वह लगभग 60 वर्ष की थीं और पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं। इस दुखद खबर से हर तरफ शोक की लहर दौड़ गई है। सूत्रों के अनुसार, रेश्मा को कुछ समय पहले हृदय संबंधी समस्या हुई थी, जिसके चलते उन्हें स्टंट भी लगवाया गया था।
हंस राज हंस एक जाने-माने भारतीय गायक और राजनीतिज्ञ हैं। वह भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं। उन्होंने पंजाबी लोक और सूफी संगीत के साथ-साथ फिल्मों में भी अपनी आवाज का जादू बिखेरा है। उन्होंने अपने कई लोकप्रिय ‘पंजाबी-पॉप’ एल्बम भी जारी किए हैं। रेश्मा के निधन से हंस राज हंस और उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। संगीत और कला जगत में भी इस खबर से गहरा दुख व्याप्त है।
नेपीडॉ । म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप में मृतकों की संख्या बढक़र 2,719 हो गई, लगभग 4,521 लोग घायल हुए और 441 अभी भी लापता हैं। प्रधानमंत्री मिन आंग ह्लाइंग ने यह जानकारी दी।
इस बीच, म्यांमार के जुंटा के प्रमुख आंग ह्लाइंग ने जातीय सशस्त्र संगठनों (ईएओ) के युद्ध विराम प्रस्तावों को खारिज कर दिया और सैन्य अभियान जारी रखने की घोषणा की।
ह्लाइंग ने मंगलवार को कहा, कुछ जातीय सशस्त्र समूह अभी सक्रिय रूप से लड़ाई में शामिल नहीं हो रहे, लेकिन वे हमलों की तैयारी के लिए इक_ा हो रहे हैं और प्रशिक्षण ले रहे हैं। चूंकि यह आक्रामकता का एक रूप है, इसलिए सेना जरूरी रक्षा अभियान जारी रखेगी।
म्यांमार नाउ की एक रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे वक्त में जब वैश्विक ध्यान भूकंप के विनाश और मानवीय सहायता भेजने पर केंद्रित है, म्यांमार की सेना ने देश भर में प्रतिरोधी समूहों के खिलाफ अपने हमले जारी रखे हैं।
हमलों पर चिंता जताते हुए, अमेरिका स्थित एडवोकेसी ग्रुप ह्यूमन राइट्स वॉच ने मंगलवार को कहा कि म्यांमार की सैन्य सरकार को भूकंप पीडि़तों के लिए मानवीय सहायता तक तत्काल, निर्बाध पहुंच की अनुमति देनी चाहिए, आपातकालीन प्रतिक्रिया में बाधा डालने वाले प्रतिबंधों को हटाना चाहिए।
वकालत समूह के अनुसार, 28 मार्च को क्षेत्र में आए भूकंप के बाद से, सेना ने हवाई हमले किए और गंभीर रूप से प्रभावित क्षेत्रों में इंटरनेट की पहुंच सीमित कर दी, जिससे मानवीय प्रतिक्रिया और अधिक जटिल हो गई।
ह्यूमन राइट्स वॉच की एशिया उप निदेशक ब्रायोनी लाउ ने कहा, म्यांमार की सैन्य सरकार अभी भी भय पैदा करती है, यहां तक कि एक भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद भी जिसमें हजारों लोग मारे गए और घायल हुए। सरकार को अपने पिछले भयावह व्यवहार से बाहर आना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में जिन लोगों की जान जोखिम में है, उन तक मानवीय सहायता शीघ्र पहुंचे।
लाऊ ने कहा, म्यांमार की सेना पर इस पैमाने की आपदा से निपटने के लिए भरोसा नहीं किया जा सकता। संबंधित सरकारों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों को सेना पर दबाव डालना चाहिए कि वह जीवित बचे लोगों तक पूरी और तत्काल पहुंच की अनुमति दे, चाहे वे कहीं भी हों।
तेहरान । ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था आईएईए (अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) से अपने देश की ‘शांतिपूर्ण परमाणु फैसिलिटी’ पर मंडरा रहे खतरे को लेकर रुख स्पष्ट करने को कहा।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने यह बयान मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी से फोन पर बातचीत के दौरान दिया।
उन्होंने यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रविवार को दी गई उस धमकी के संदर्भ में की, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर वाशिंगटन के साथ समझौता नहीं करता, तो वह ईरान के परमाणु स्थलों पर बमबारी कर देंगे।
अराघची ने एजेंसी के साथ ईरान की बातचीत और सहयोग की नीति के बारे में बताया और कहा कि जब तक ईरान के खिलाफ खतरे बने रहते हैं, उनका देश अपने परमाणु कार्यक्रम की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा।
उन्होंने ग्रॉसी को ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम और कूटनीतिक चर्चा से जुड़ी ताजा घटनाओं के बारे में भी जानकारी दी।
आईएईए प्रमुख ने कहा कि वह मौजूदा समस्याओं को हल करने के लिए एक अच्छे माहौल को बनाने के लिए दूसरे पक्षों से चर्चा करेंगे।
ग्रॉसी ने ईरान यात्रा करने की इच्छा जताई, जिस पर ईरानी विदेश मंत्री ने सहमति जताई।
ट्रंप ने रविवार को एनबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि अगर ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत करने से इनकार करता है, तो वह उस पर जबरदस्त सैन्य हमले करेंगे।
उन्होंने कहा, अगर वे समझौता नहीं करते, तो ऐसी बमबारी होगी जिसे उन्होंने कभी नहीं देखा होगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी और ईरानी अधिकारी बातचीत कर रहे हैं, लेकिन इस बारे में कोई और जानकारी नहीं दी।
यह टिप्पणी उस पत्र के बाद आई है, जिसके बारे में ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने मार्च के शुरू में संयुक्त अरब अमीरात के जरिए ईरानी नेताओं को एक पत्र भेजा था, जिसमें तेहरान की परमाणु गतिविधियों पर सीधे बातचीत का प्रस्ताव दिया गया था।
इसके जवाब में तेहरान ने सीधे बातचीत के प्रस्ताव को ठुकरा दिया, लेकिन अप्रत्यक्ष बातचीत की संभावना को खुला रखा।
ढाका । बांग्लादेश में ईद के अवसर पर आयोजित एक मेले में दूषित स्ट्रीट फूड खाने से बच्चों सहित 100 से अधिक लोग गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। इस घटना के बाद देश में खाद्य सुरक्षा मानकों में गिरावट को लेकर चिंता बढ़ गई है। 95 बीमार लोगों को जेसोर के अभयनगर उप जिला में भर्ती कराया गया। वहीं, 10 को गंभीर हालत में खुलना मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, घटना के बाद से स्ट्रीट फूड विक्रेता फरार है।
एक मरीज ने प्रमुख दैनिक प्रोथोम आलो को बताया, रात को घर लौटने के बाद हम सभी बीमार हो गए। हमें मंगलवार सुबह अस्पताल में भर्ती कराया गया।
ड्यूटी डॉक्टर रघुराम चंद्र ने कहा कि यह स्थिति भोजन में बैक्टीरिया के कारण हुई है। अधिकांश रोगियों को पेट दर्द, उल्टी, दस्त और बुखार का अनुभव हुआ।
एक पीडि़त परिवार के सदस्य ने कहा, मेरा पूरा परिवार सोमवार रात ईद के मेले में गया था और उस दुकान से फुचका खाया। रात को घर आने के बाद सभी बीमार हो गए। मैंने फुचका नहीं खाया और बच गया। मैंने उसी रात सभी को अस्पताल में भर्ती कराया। बीमार पडऩे वालों में चार की हालत गंभीर थी, इसलिए मैंने उन्हें खुलना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया।
घटना की खबर लगने के बाद पुलिस फुचका विक्रेता की तलाश कर रही है।
अभय नगर पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी अब्दुल अलीम ने कहा, हमें घटना के बारे में पता चला है। हम व्यापारी की तलाश कर रहे हैं।
इस घटना ने बांग्लादेश में खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में, स्थानीय मीडिया ने बताया कि देश में घटिया उत्पादों की बढ़ती मांग बांग्लादेश में गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
मोहम्मद यूनुस की अनुपस्थिति के कारण अंतरिम सरकारी हस्तक्षेप ने अतिरिक्त लाभ के लिए घटिया उत्पाद बेचने की बढ़ती प्रथा को जन्म दिया है।
देश के प्रमुख समाचार पत्र, द डेली स्टार की एक रिपोर्ट के अनुसार कई स्टडी में बांग्लादेश की खाद्य सुरक्षा स्थिति को खराब बताया गया। इसमें सब्जियों, फलों, मछली, मुर्गी, दूध और अन्य खाद्य पदार्थों में हानिकारक रसायनों का पता चला है, जो काफी चिंताजनक बनी हुई है।
नाएप्यीडॉ । म्यांमार में पिछले सप्ताह आए विनाशकारी भूकंप में मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। बचाव कार्य लगातारी जारी है। भूकंप के चलते ढही इमारतों से शव निकलने का सिलसिला जारी है। भूकंप की चपेट में आने से अब तक यहां 2700 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हजारों की संख्या में लोग घायल हुए हैं।
म्यांमार में 28 मार्च 2025 को 7.7 तीव्रता के भूकंप के झटके लगे थे। इसके बाद 6.4 तीव्रता के भी झटके महसूस हुए। भूकंप का केंद्र म्यांमार के मध्य सागाइंग क्षेत्र में स्थित था, जो ऐतिहासिक शहर मांडले के पास है। मांडले में कई इमारतें, पुल और मंदिर नष्ट हो गए हैं या क्षतिग्रस्त हुए हैं। भूकंप के चलते बुनियादी ढांचे, सडक़ें और रिहायशी इमारतों को भारी नुकसान हुआ।
म्यांमार में आया भूकंप देश में एक सदी से भी अधिक समय में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप था। हालात ऐसे हैं कि बचाव दल प्रभावित लोगों तक पहुंचने में नाकाम हो रहे हैं। खासतौर पर उन इलाकों में जहां इरावदी नदी पर एक प्रमुख पुल के ढह जाने से संपर्क टूट गया है। माना जा रहा है कि मृतकों की सही संख्या सामने आने में कई सप्ताह लग सकते हैं।
म्यांमार में भूकंप के बाद मलबे में दबी लाशों की भीषण दुर्गंध चारों ओर फैल गई है। महामारी फैलने का भी खतरा बढ़ गया है। जैसे-जैसे वक्त बीत रहा है मलबे में दबे लोगों के जीवित मिलने की उम्मीदें कम होती जा रही हैं। भारत से भी कई टीमें म्यांमार में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने और घायलों के इलाज के लिए पहुंच चुकी हैं। हालात यह हैं कि अस्पतालों में जगह कम पड़ गई है और सडक़ों पर अस्थायी तरीके से मरीजों का इलाज किया जा रहा है।