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हाल के वर्षों में भारत का आईसीसी टूर्नामेंट में आधिपत्य, न्यूजीलैंड भी कम नहीं
Posted Date : 08-Mar-2025 8:52:01 pm

हाल के वर्षों में भारत का आईसीसी टूर्नामेंट में आधिपत्य, न्यूजीलैंड भी कम नहीं

0-चैंपियंस ट्रॉफी 
नई दिल्ली, 8 मार्च । भारत और न्यूजीलैंड की क्रिकेट टीमें आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में 9 मार्च को फाइनल मुकाबला खेलने जा रही हैं। दोनों टीमों का पिछले कुछ साल में आईसीसी टूर्नामेंट में शानदार इतिहास रहा है। न्यूजीलैंड जहां अपनी निरंतरता के साथ बेहतरीन रही है, तो भारतीय टीम ने अपना जबरदस्त आधिपत्य दिखाया है। यही वजह है कि 2011 से अब तक आईसीसी टूर्नामेंट में टीम इंडिया ने सबसे ज्यादा मैच जीते हैं।
भारत ने इस अवधि में 86 में से 70 मुकाबले जीते हैं, जबकि न्यूजीलैंड ने 77 मैचों में 49 मुकाबले जीते हैं। जाहिर है, मैच जीतने के मामले में भारत के आसपास न्यूजीलैंड नहीं ठहरती है। लेकिन जब बात ट्रॉफी जीतने की आती है, तो टीम इंडिया और न्यूजीलैंड दोनों के पास ही बहुत ज्यादा ट्रॉफी नहीं है और इस बार ट्रॉफी के लिए दोनों टीमों का फाइनल मुकाबला है।
साल 2011 से अब तक 14 आईसीसी प्रतियोगिताएं हो चुकी हैं, जिसमें भारत सिर्फ दो बार ही नॉकआउट स्टेज में नहीं पहुंच पाया है। भारत ने इस दौरान चार सेमीफाइनल खेले हैं और पांच बार यह टीम रनर-अप रही है। तीन बार भारत ने ट्रॉफी जीतने में कामयाबी हासिल की है।
वहीं न्यूजीलैंड ने भी निरंतरता दिखाते हुए इस अवधि में आठ बार नॉकआउट स्टेज में एंट्री हासिल की है, चार सेमीफाइनल खेले हैं और तीन बार ब्लैक कैप्स रनर-अप रहे हैं। उन्होंने 2021 में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में भारत को हराया भी है।
दोनों टीमों के ये आंकड़े शानदार हैं। इस अवधि में कोई अन्य टीम इतनी बार सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाई है। आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में भी दोनों टीमों का फाइनल खेलना एक बार फिर इन टीमों के शानदार प्रदर्शन की पुष्टि करता है।
साल 2011 से अब तक सबसे ज्यादा नॉकआउट खेलने वाली टीमों में टीम इंडिया 12 मैचों के साथ टॉप पर है। न्यूजीलैंड ने इस अवधि में 8 बार आईसीसी नॉकआउट मैच खेले और भारत के बाद वह इस मामले में दूसरे स्थान पर बरकरार हैं।
आईसीसी ट्रॉफी जीतने के मामले में दबदबा बनाने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम ने इस अवधि में सिर्फ 6 ही नॉकआउट मैच खेले हैं, जो भारत और न्यूजीलैंड के शानदार प्रदर्शन का एक और प्रमाण है। भारत ने इस दौरान एक वनडे वर्ल्ड कप, टी20 वर्ल्ड कप और एक बार चैंपियंस ट्रॉफी जीती है।
सिर्फ वनडे फॉर्मेट की बात करें तो भारत ने साल 2011 से अब तक 38 ग्रुप स्टेज मैच खेले हैं, जिसमें वह केवल तीन बार ही हारे हैं और एक मैच टाई रहा है। यह आंकड़ा बाकी सभी टीमों पर बहुत भारी है। ग्रुप स्टेज में भारत को अंतिम बार 2019 वनडे वर्ल्ड कप में मेजबान इंग्लैंड के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। इस वर्ल्ड कप में भारत को सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड ने ही हराया था।
न्यूजीलैंड एक ऐसा प्रतिद्वंदी है, जिसे भारत नॉकआउट में कभी हल्के में नहीं ले सकता है। कीवियों ने आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के उद्घाटन संस्करण में भी भारत को फाइनल में मात दी थी। हालांकि चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भारत ने ग्रुप स्टेज में न्यूजीलैंड को हराया है, लेकिन ब्लैक कैप्स ने सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका को आसानी से मात देकर 9 मार्च को दुबई की धरती पर एक जबरदस्त फाइनल मुकाबले का प्लेटफॉर्म तैयार कर दिया है।

 

राजस्थान रॉयल्स ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर पिंक प्रॉमिस जर्सी लॉन्च की
Posted Date : 08-Mar-2025 8:51:13 pm

राजस्थान रॉयल्स ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर पिंक प्रॉमिस जर्सी लॉन्च की

नईदिल्ली। राजस्थान रॉयल्स ने आईपीएल 2025 में अपने बहुप्रतीक्षित पिंक प्रॉमिस मैच के लिए एक आकर्षक ऑल-पिंक जर्सी का अनावरण करके अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया।
रॉयल्स पिंक प्रॉमिस का उद्देश्य राजस्थान में महिलाओं के नेतृत्व वाले परिवर्तन का समर्थन करना जारी रखना है। इस प्रतिबद्धता को सबसे बड़े मंच पर ले जाते हुए, राजस्थान रॉयल्स 1 मई को जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में मुंबई इंडियंस के खिलाफ पिंक प्रॉमिस मैच की मेजबानी करेगा।
आईपीएल फ्रेंचाइजी ने एक विज्ञप्ति में कहा, राजस्थान रॉयल्स की सीएसआर शाखा रॉयल राजस्थान फाउंडेशन (आरआरएफ) ने भी एक शक्तिशाली प्तपिंक प्रॉमिस अभियान फिल्म, औरत है तो भारत है के लॉन्च के साथ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया। पिछले साल, पिंक प्रॉमिस अभियान ने ल्यूमिनस जैसे भागीदारों के समर्थन के साथ 250 से अधिक घरों में रोशनी लाकर हजारों लोगों के जीवन को रोशन किया।
पहल के बारे में बात करते हुए, राजस्थान रॉयल्स के क्रिकेट निदेशक, कुमार संगकारा ने कहा, पिंक प्रॉमिस के माध्यम से, हम एक स्थायी प्रभाव बनाने का प्रयास करते हैं - न केवल व्यक्तियों पर, बल्कि उनके परिवारों और समुदायों पर, जो बदलाव को प्रेरित करते हैं, जो बहुत दूर तक फैलते हैं। पिछले साल, हमने खुद देखा कि कैसे इस पहल ने जीवन को बदल दिया, और यह कुछ ऐसा है जो हम गहराई से मानते हैं। एक टीम के रूप में, हम इस यात्रा का हिस्सा होने पर बहुत गर्व महसूस करते हैं, फाउंडेशन में सार्थक समय बिताते हैं ताकि वास्तव में किए जा रहे काम को समझ सकें।
पिंक प्रॉमिस एक अभियान से कहीं अधिक है; यह एक सांस्कृतिक प्रतिबद्धता है जो हमारे मूल्यों को आकार देती है और उन मानकों को परिभाषित करती है जिनके लिए हम खड़े हैं।
इस साल जमीनी स्तर पर प्रभाव डालना जारी रखने के लिए, रॉयल्स राजस्थान में महिलाओं के नेतृत्व वाले ग्रामीण परिवर्तन के लिए आरआर बनाम एमआई मैच के लिए खरीदे गए प्रत्येक टिकट के लिए 100 रुपये का योगदान देगा। इसके अतिरिक्त, रॉयल्स की विशेष ऑल-पिंक जर्सी की बिक्री से होने वाली सभी आय सीधे रॉयल राजस्थान फाउंडेशन (आरआरएफ) को उसके सामाजिक प्रभाव पहलों का समर्थन करने के लिए जाएगी।
पिंक प्रॉमिस एक अभियान से कहीं अधिक है; यह एक सांस्कृतिक प्रतिबद्धता है जो हमारे मूल्यों को आकार देती है और उन मानकों को परिभाषित करती है जिनके लिए हम खड़े हैं।

 

चैंपियंस ट्रॉफी में श्रेयस अय्यर के प्रदर्शन से बीसीसीआई खुश
Posted Date : 07-Mar-2025 7:51:53 pm

चैंपियंस ट्रॉफी में श्रेयस अय्यर के प्रदर्शन से बीसीसीआई खुश

नईदिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम चैंपियंस ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन कर रही है.  ग्रुप स्टेज के 3 मैच और सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर टीम इंडिया फाइनल में पहुंच चुकी है. 9 मार्च को फाइनल में भारतीय टीम का मुकाबला न्यूजीलैंड से होगा. भारत की चैंपियंस ट्रॉफी के सफर में श्रेयस अय्यर की बेहद  अहम भूमिका रही है. श्रेयस ने बेहद मुश्किल समय से टीम को निकालते हुए मैच विजयी पारियां खेली हैं. 
चैंपियंस ट्रॉफी के अबतक के4 मैच में लगभग ऐसा हुआ है कि टीम इंडिया अबतक अपने शुरूआती विकेट खोकर मुश्किल में दिखती रही है. लेकिन चौथे नंबर पर बैटिंग करने आने वाले श्रेयस क्रीज पर अपनी पैर जमाते हैं और टीम को हर बार मुश्किल से निकाल ले जाते हैं. बांग्लादेश के खिलाफ हुए मैच को छोड़ दें तो पाकिस्तान के मैच में श्रेयस ने  56 रन बनाए थे और विराट के साथ तीसरे विकेट के लिए 114 रन जोड़े.
न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत ने 30 रन पर 3 विकेट खो दिए थे. श्रेयस ने 79 रन की पारी खेली थी और अक्षर के साथ चौथे विकेट के लिए 98 रन की साझेदारी की थी. सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत 43 पर भारत रोहित और गिल को खो चुका था. श्रेयस ने विराट को साथ तीसरे विकेट के लिए 91 रन जोड़े और 45 रन की पारी खेली.इन सभी मैच में भारत की जीत में उनका अहम योगदान रहा.
श्रेयस अय्यर के प्रदर्शन से बीसीसीआई खुश है और रिपोर्ट्स  के मुताबिक उन्हें जल्द सेंट्रल कांट्रेक्ट में शामिल किया जा सकता है. बता दें कि टेस्ट क्रिकेट और घरेलू क्रिकेट को नजरअंदाज करने की वजह से बोर्ड ने मौजूदा सेंट्रल कांट्रेक्ट से बाहर कर दिया था. लेकिन अब वे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे हैं और शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. इस वजह से जल्द ही वे सेंट्रल कांट्रेक्ट में वापसी कर सकते हैं. 
भारत को वनडे क्रिकेट में लंबे समय से एक ऐसे बल्लेबाज की तलाश थी जो चौथे नंबर पर बैटिंग करते हुए टीम के लिए परिस्थिति के मुताबिक बैटिंग कर सके. श्रेयस अय्यर ने ये तलाश पूरी की है. श्रेयस के वनडे करियर पर नजर डालें तो 69 मैचों की 64 पारियों में  5 शतक और 22 अर्धशतक लगाते हुए 2797 रन बनाए हैं.

 

हरमनप्रीत और एक्लेस्टोन के बीच तीखी नोकझोंक पर मिताली राज ने दी प्रतिक्रिया
Posted Date : 07-Mar-2025 7:50:26 pm

हरमनप्रीत और एक्लेस्टोन के बीच तीखी नोकझोंक पर मिताली राज ने दी प्रतिक्रिया

लखनऊ । मुंबई इंडियंस और यूपी वॉरियर्स के बीच खेले गए डब्ल्यूपीएल 2025 मैच के दौरान एक विवाद हुआ, जिसे लेकर पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज ने अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि जब मुंबई इंडियंस की कप्तान हरमनप्रीत कौर मैदान पर अंपायर से बातचीत कर रही थीं, तब सोफी एक्लेस्टोन क्या करने की कोशिश कर रही थीं, यह समझ से बाहर था।
यह घटना आखिरी ओवर से पहले हुई, जब धीमी ओवर गति के कारण अंपायर ने मुंबई इंडियंस पर पेनल्टी लगाई और नियमों के अनुसार 30-यार्ड सर्कल के बाहर सिर्फ तीन फील्डरों को रखने की अनुमति दी। इस फैसले से हरमनप्रीत नाराज दिखीं और अंपायर से इस पर चर्चा करने लगीं। इसी बीच, आखिरी ओवर डालने जा रहीं अमेलिया केर भी इस फैसले से नाखुश नजर आईं।
मिताली ने जियोस्टार पर बात करते हुए कहा, मुंबई इंडियंस चार मिनट की देरी से ओवर डाल रही थी, इसलिए उन्हें एक अतिरिक्त फील्डर को सर्कल के अंदर लाना पड़ा। शायद हरमनप्रीत अंपायर से इसी बारे में चर्चा कर रही थीं और सोच रही थीं कि अगर यह पहले पता होता तो वह 19वें ओवर में शबनिम इस्माइल को गेंदबाजी करातीं। लेकिन मुझे समझ नहीं आया कि एक्लेस्टोन इस बातचीत में क्यों शामिल हो रही थीं। जब एक कप्तान पहले से ही धीमी ओवर गति की सजा झेल रहा हो और अपनी फील्डिंग सेट कर रहा हो, तो किसी और खिलाड़ी का इस चर्चा में कूदना थोड़ा निराशाजनक हो सकता है। यह बस भावनाओं में बह जाने का एक पल था।
इस घटना के बाद हरमनप्रीत पर डब्ल्यूपीएल आचार संहिता के उल्लंघन के लिए उनके मैच फीस का 10 जुर्माना लगाया गया।
हालांकि, मिताली ने हेली मैथ्यूज की 46 गेंदों पर 68 रनों की शानदार पारी की तारीफ की, जिसमें उन्होंने आठ चौके और दो छक्के लगाए। इस पारी की बदौलत मुंबई इंडियंस ने छह विकेट से जीत दर्ज की।
उन्होंने कहा, हेली मैथ्यूज की बल्लेबाजी बेहद सहज थी। नेट स्किवर-ब्रंट, जो पावरप्ले के दौरान क्रीज पर आईं, ने शानदार स्ट्राइक रेट बनाए रखा। एक समय वह लगभग 180 की स्ट्राइक रेट से रन बना रही थीं। वह लगातार रन बना रही हैं, और उनकी यह साझेदारी मुंबई इंडियंस के लिए बहुत अहम रही। 150 का लक्ष्य कभी-कभी मुश्किल हो सकता है, खासकर तब जब सामने यूपी वॉरियर्स की स्पिनर हों। उम्मीद थी कि यूपी वॉरियर्स के स्पिनर असर दिखाएंगे। लेकिन मैथ्यूज और स्किवर-ब्रंट की साझेदारी पर कोई दबाव नहीं दिखा। मुझे लगा कि यूपी वॉरियर्स के गेंदबाजों ने ज्यादा शॉर्ट गेंद फेंकी, जिससे मुंबई इंडियंस को फायदा हुआ।
अमेलिया केर की शानदार गेंदबाजी की सराहना करते हुए मिताली ने कहा, एक समय यूपी वॉरियर्स की अच्छी शुरुआत के कारण मुंबई इंडियंस को विकेट की जरूरत थी। लेकिन एक विकेट मिलते ही अमेलिया केर ने किरण नवगिरे और चिनेल हेनरी के खिलाफ गेंद को उछाल देना जारी रखा। उन्होंने अपनी लाइन थोड़ी चौड़ी रखी, जिससे बल्लेबाजों को अपने पसंदीदा शॉट खेलने का मौका नहीं मिला। आज उन्होंने एक ठोस योजना के साथ गेंदबाजी की और पिच के हिसाब से खुद को ढाला।
मिताली ने कहा कि सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने दीप्ति शर्मा और चिनेल हेनरी को जिस तरह आउट किया, वह काबिल-ए-तारीफ था। उन्होंने वाइड लाइन रखकर और गेंद को ऊपर डालकर बल्लेबाजों को चकमा दिया। अमेलिया केर ने इस सीजन में साबित कर दिया कि वह बल्ले से ज्यादा योगदान न दे पाएंगी तो गेंदबाजी में मुंबई इंडियंस के लिए मैच-विनर साबित होंगी। वह वाकई एक विश्व स्तरीय हरफनमौला खिलाड़ी हैं।

 

स्मिथ के वनडे संन्यास पर धवन: आप एक कट्टर प्रतिस्पर्धी और अविश्वसनीय लीडर रहे हैं
Posted Date : 06-Mar-2025 7:04:27 pm

स्मिथ के वनडे संन्यास पर धवन: आप एक कट्टर प्रतिस्पर्धी और अविश्वसनीय लीडर रहे हैं

नई दिल्ली  । भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने स्टीव स्मिथ को उनके शानदार वनडे करियर के लिए बधाई दी और उन्हें एक कट्टर प्रतिस्पर्धी और एक अविश्वसनीय लीडर बताया।
स्मिथ, जो पैट कमिंस की अनुपस्थिति में चैंपियंस ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया के लिए स्टैंड-इन कप्तान थे, ने मंगलवार को दुबई में आठ टीमों की प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में भारत के खिलाफ अपना आखिरी वनडे खेला। वह ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट और टी20 प्रारूप खेलना जारी रखेंगे।
भारत ने ऑस्ट्रेलिया को चार विकेट से हराकर फाइनल में प्रवेश किया, जहां उसका सामना 9 मार्च को न्यूजीलैंड से होगा।
धवन ने एक्स पर लिखा, आपने जो कुछ भी हासिल किया है, उसके लिए बधाई स्टीव स्मिथ , आप खेल में एक कट्टर प्रतियोगी और एक अविश्वसनीय लीडर रहे हैं। आपकी अगली यात्रा भी उतनी ही संतोषजनक हो।
स्मिथ ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 170 वनडे खेले, जिसमें उन्होंने 43.28 की औसत से 5,800 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 35 अर्धशतक शामिल हैं। उन्होंने गेंद से भी योगदान दिया और 28 विकेट लिए।
यह बल्लेबाज 2015 और 2023 में ऑस्ट्रेलिया की वनडे विश्व कप विजेता टीमों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था।
बुधवार को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की ओर से एक बयान में स्मिथ ने कहा, यह एक शानदार सफर रहा है और मैंने इसके हर मिनट का आनंद लिया है।
बहुत सारे अद्भुत पल और शानदार यादें रही हैं। दो विश्व कप जीतना एक शानदार उपलब्धि थी और साथ ही कई शानदार टीम-साथियों ने भी इस यात्रा को साझा किया।
अपने फैसले के बारे में बताते हुए स्मिथ ने कहा कि नए चेहरों के लिए वनडे फॉर्मेट में आगे आने का यह बिल्कुल सही समय है।
उन्होंने कहा, अब लोगों के लिए 2027 विश्व कप की तैयारी शुरू करने का एक शानदार अवसर है, इसलिए ऐसा लगता है कि यह सही समय है।
राष्ट्रीय टीम के साथ अपने भविष्य के बारे में स्मिथ ने कहा, टेस्ट क्रिकेट अभी भी प्राथमिकता है और मैं विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फ़ाइनल, सर्दियों में वेस्टइंडीज और फिर घर पर इंग्लैंड के खिलाफ खेलने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं। मुझे लगता है कि मुझे अभी भी उस मंच पर बहुत कुछ योगदान देना है।

 

ग्रेटर नोएडा 21 मार्च से महिला राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा
Posted Date : 06-Mar-2025 7:03:51 pm

ग्रेटर नोएडा 21 मार्च से महिला राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा

नई दिल्ली ।  ग्रेटर नोएडा के गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में 21-27 मार्च तक होने वाली 8वीं एलीट महिला राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भारत की लगभग 300 शीर्ष महिला मुक्केबाज राष्ट्रीय गौरव के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी।
यूपी बॉक्सिंग एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित, राष्ट्रीय टूर्नामेंट उसी स्थान पर वापस आ रहा है, जिसने 2023 में अपने अंतिम संस्करण की शानदार सफलता के साथ मेजबानी की थी।
विश्व मुक्केबाजी और भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के दिशानिर्देशों के तहत आयोजित यह चैंपियनशिप 1 जनवरी, 1984 और 31 दिसंबर, 2005 के बीच जन्मे मुक्केबाजों के लिए खुली है।
प्रत्येक राज्य इकाई अधिकतम 10 मुक्केबाजों को मैदान में उतार सकती है, जिसमें 10 मार्च को संख्या के आधार पर प्रविष्टियां बंद हो जाएंगी और 15 मार्च तक अंतिम नाम की पुष्टि हो जाएगी।
आधिकारिक तौर पर यह कार्रवाई 20 मार्च को आगमन, ड्रा और तकनीकी बैठक के साथ शुरू होगी। शुरुआती दौर 21 से 24 मार्च तक होंगे, इसके बाद 25 मार्च को क्वार्टर फाइनल और 26 मार्च को सेमीफाइनल होंगे, जिसके बाद 27 मार्च को बहुप्रतीक्षित फाइनल होगा।
बीएफआई के महासचिव हेमंत कुमार कलिता ने कहा, एलीट महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप भविष्य के चैंपियनों के लिए एक प्रजनन भूमि रही है, जो युवा प्रतिभाओं को सर्वश्रेष्ठ के खिलाफ खुद को परखने का मौका देती है। नए ओलंपिक तैयारी चक्र में पहले राष्ट्रीय के रूप में, यह संस्करण अगले तीन वर्षों के लिए मुक्केबाजों की पहचान करने और उन्हें तैयार करने में महत्वपूर्ण होगा।
टूर्नामेंट में तीन राउंड होंगे, जिसमें प्रत्येक मुकाबला तीन मिनट का होगा और एक मिनट का विश्राम होगा। दस अंकों की अनिवार्य स्कोरिंग प्रणाली लागू होगी और सभी मैच विश्व मुक्केबाजी तकनीकी और प्रतियोगिता नियमों का पालन करेंगे। मुक्केबाजों को प्रतियोगिता के दौरान प्रतिदिन वजन भी मापना होगा।
300 मुक्केबाजों के अलावा, चैंपियनशिप में 100 से अधिक कोच और सहायक कर्मचारी, 60 तकनीकी अधिकारी भी शामिल होंगे, जिससे शीर्ष स्तर की मुक्केबाजी सुनिश्चित होगी।
पिछले संस्करण में शानदार प्रदर्शन के बाद गत चैंपियन रेलवे खेल संवर्धन बोर्ड (आरएसपीबी) अपना खिताब बरकरार रखना चाहेगा, जहां उसने पांच स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदक जीते थे।
आरएसपीबी ने हरियाणा को आठ अंकों से पीछे छोड़ा, हरियाणा तीन स्वर्ण, तीन रजत और एक कांस्य सहित सात पदकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा।