नई दिल्ली । दुबई में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद, भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने खुलासा किया कि बचपन से ही उनका एक ही सपना था कि वे भारत के लिए खेलें, जो कड़ी मेहनत और लगन के बाद 2017 में साकार हुआ।
भारत की चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे पंत को टूर्नामेंट में एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला, क्योंकि केएल राहुल को उनसे आगे चुना गया था।
हालांकि, पंत आगामी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 सीजन में अपनी नई फ्रेंचाइजी लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) की अगुआई करने के लिए तैयार हैं। पिछले साल की मेगा नीलामी में उन्हें फ्रेंचाइजी ने रिकॉर्ड तोड़ 27 करोड़ रुपये में खरीदा था।
पंत ने जियो हॉटस्टार पर कहा, बचपन से ही मेरा एक ही सपना था - भारत के लिए खेलना। मैंने कभी आईपीएल में खेलने के बारे में सोचा भी नहीं था। मुझे लगता है कि आज लोग आईपीएल पर ज़्यादा ध्यान देते हैं। बेशक, यह एक बेहतरीन प्लेटफ़ॉर्म है, लेकिन मेरा मानना है कि अगर आपका लक्ष्य अपने देश के लिए खेलना है, तो बाकी सब कुछ - जिसमें आईपीएल भी शामिल है - आखिरकार अपने आप ठीक हो जाएगा। अगर आपकी सोच बड़ी है, तो सफलता आपके पीछे-पीछे आएगी। मुझे हमेशा से लगता था कि मैं एक दिन भारत के लिए खेलूंगा और भगवान ने मेरी मेहरबानी की। 18 साल की उम्र में मुझे डेब्यू करने का मौका मिला और मैं इसके लिए आभारी हूं।
पंत अपने पावर-हिटिंग कौशल के अलावा अपने अपरंपरागत शॉट-मेकिंग कौशल के लिए भी जाने जाते हैं, जिसके बारे में उनका कहना है कि यह उन्हें स्वाभाविक रूप से आता है। विकेटकीपर ने कहा, पहले, बहुत से खिलाड़ी ये शॉट खेलते थे। मैंने माही भाई (एमएस धोनी) के पुराने वीडियो देखे हैं, और उन्होंने भी लैप शॉट खेला है। लेकिन प्रतिशत के हिसाब से, मुझे लगता है कि वे इसे कम खेलते थे। अब खेल बदल रहा है - फील्ड प्लेसमेंट अलग हैं, और खिलाड़ी इसे अपना रहे हैं। कुछ को लग सकता है कि यह उनके खेल के लिए जरूरी है, जबकि अन्य को नहीं। दिन के अंत में, आप खेल को कैसे पढ़ते हैं, यह निर्धारित करता है कि आप इसे कैसे खेलते हैं।
कई बार अपने बल्ले के हाथ से फिसलने के पीछे के कारण पर टिप्पणी करते हुए पंत ने कहा, मुझे लगता है कि ऐसा ज्यादातर इसलिए होता है क्योंकि मैं अपने निचले हाथ को बहुत हल्के से पकड़ता हूं। मैं मुख्य रूप से अपने निचले हाथ का इस्तेमाल सहारे के लिए करता हूं क्योंकि कई बार यह हावी होने लगता है। इसलिए, मैं अपने ऊपरी हाथ को मजबूती से पकडऩे पर ध्यान केंद्रित करता हूं। लेकिन जब मैं ओवररीच करता हूं - खासकर जब गेंद बहुत चौड़ी या बहुत छोटी होती है - तो यह हमेशा आदर्श हिटिंग जोन में नहीं होता है।
कभी-कभी, मैं जो शॉट लगाने की कोशिश करता हूं, उसकी सफलता दर केवल 30-40 हो सकती है, लेकिन मैच की स्थिति के आधार पर, मैं यह जोखिम उठाने को तैयार हूं। यही मेरी मानसिकता है। जब मैं वह जोखिम लेता हूं और ओवररीच करता हूं, तो मुझे संतुलन बनाए रखने के लिए कुछ करने की जरूरत होती है।
कई बार, ऐसा लग सकता है कि मैं बल्ला फेंक रहा हूं, लेकिन वास्तव में, मैं बस उस डिलीवरी का अधिकतम लाभ उठाने की कोशिश कर रहा होता हूं। अगर मेरा बल्ला फिसल जाता है, अगर यह मेरे हाथ में नहीं है, या यहां तक कि अगर यह मेरे सिर पर भी लग जाता है - तो उस समय मेरा एकमात्र ध्यान बाउंड्री ढूंढना होता है। यही मेरी सोच है।
नईदिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2025 का 22 मार्च से आगाज हो रहा है. इससे पहले दिल्ली कैपिटल्स को झटका लगा है. इंग्लैंड के स्टार खिलाड़ी हैरी ब्रूक ने आईपीएल 2025 से अपना नाम वापस ले लिया है. पिछले सीजन भी ब्रूक ने आईपीएल से अपना नाम वापस ले लिया था. हालांकि इस बार उनका ये फैसला उनपर भारी पड़ सकता है, क्योंकि अब आईपीएल के नए नियमों के मुताबकि उनपर 2 साल का आईपीएल खेलने से बैन लग सकता है.
आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन में दिल्ली कैपिटल्स ने हैरी ब्रूक को 6.25 करोड़ रुपये में खरीदा था, लेकिन अब उन्होंने आईपीएल 2025 नहीं खेलने का फैसला किया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक अगर आयोजक आईपीएल नियम का पालन करते हैं तो ब्रूक को पर आईपीएल खेलने पर 2 साल के लिए बैन लग जाएगा.
हैरी ब्रूक ने 9 मार्च को सोशल मीडिया के जरिए फैंस को ये जानकारी दी. उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स की टीम और उनके फैंस से भी माफी मांगी. ब्रूक ने कहा कि उनके लिए यह काफी मुश्किल फैसला था. वह इस समय पूरी तरह से इंग्लैंड टीम पर फोकस करना चाहते हैं. ब्रूक ने आखिरी बार सनराइजर्स हैदराबाद की ओर से आईपीएल 2023 में खेले थे. इससे पहले उन्होंने आईपीएल 2024 में निजी कारणों का हवाला देते हुए अपना नाम वापस ले लिया था.
इससे पहले भी हर सीजन कोई न कोई खिलाड़ी निजी कारणों की वजह से आईपीएल से अपना नाम वापस लेते रहे हैं. यही वजह है कि अब यह नियम लाया गया है कि अगर कोई खिलाड़ी ऑक्शन में रजिस्टर करता है और खरीदे जानें के बाद, सीजन की शुरुआत से पहले लीग से अपना नाम वापस ले लेता है, तो उसे टूर्नामेंट और ऑक्शन में हिस्सा लेने पर 2 साल का बैन लगाया जा सकता है. अब देखने वाली बात होगी हैरी ब्रूक पर क्या फैसला लिया जाता है.
दुबई । अनुभवी स्पिन ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में अपने शानदार प्रदर्शन के बाद फील्डर ऑफ द मैच का मेडल जीता है।
अपने गेंदबाजी स्पैल में जडेजा ने 10 ओवर में सिर्फ 30 रन दिए और टॉम लैथम का महत्वपूर्ण विकेट लिया, जिससे भारत ने न्यूजीलैंड को 50 ओवर में 251/7 पर रोक दिया। बाद में, कप्तान रोहित शर्मा ने 76 रन बनाए और केएल राहुल ने शांत रहते हुए नाबाद 34 रन बनाए और रविवार को यहां न्यूजीलैंड पर चार विकेट से जीत के साथ मैन इन ब्लू को अपनी तीसरी चैंपियंस ट्रॉफी जीत दिलाई।
जीत के बाद, फील्डिंग कोच टी दिलीप ने पूरे टूर्नामेंट में भारत के फील्डिंग प्रयासों की सराहना की और जडेजा को फील्डिंग मेडल का विजेता बताया।
भारत ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार फील्डिंग का प्रदर्शन किया, लेकिन फाइनल में वे मैदान पर अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से बहुत दूर थे। मैन इन ब्लू ने चार मौके गंवाए; शमी ने एक कैच को फिंगरटिप किया, फिर श्रेयस अय्यर ने रचिन रवींद्र को आउट करने का मौका गंवा दिया, रोहित ने मिडविकेट पर एक वन-हैंडर छोड़ दिया, और गिल ने 38वें ओवर में एक कैच टपका दिया।
कोई भी प्रयास कभी छोटा नहीं होता। मैदान पर हर एक प्रतिबद्धता एक साझा लक्ष्य को बढ़ावा दे रही थी और वह लक्ष्य हमारे सामने है; हम चैंपियन हैं। फील्डिंग एक ही सिक्के के दो पहलू हैं; एक तरफ हम हमेशा तीव्रता, आक्रामकता, रवैये और सजगता के बारे में बात करते हैं।दूसरी तरफ, हम हमेशा एक-दूसरे के बीच सौहार्द, विश्वास और भाईचारे के बारे में बात करते हैं।
दिलीप ने कहा, पूरे टूर्नामेंट में हमने भाईचारे के साथ-साथ अपनी दृढ़ता का परिचय दिया है। दुबई में मिली जीत ने भारत को चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास की सबसे सफल टीम बना दिया है और उन्होंने यह उपलब्धि भारतीय प्रशंसकों से भरे स्टेडियम के सामने हासिल की। यह 12 वर्षों में आईसीसी वनडे इवेंट में भारत का पहला खिताब है। यह खिताब भारतीय टीम और उसके उत्साही प्रशंसकों के लिए एक राहत की तरह होगा, क्योंकि वे घरेलू धरती पर 2023 वनडे विश्व कप जीतने से चूक गए थे।
दुबई । पिछले करीब एक साल में रोहित शर्मा ने काफी उतार-चढ़ाव देखा। उन्होंने पिछले साल जून में भारत को टी-20 विश्व कप चैंपियन बनाया था, लेकिन इसके बाद टेस्ट क्रिकेट में उनका प्रदर्शन काफी खराब रहा। लगातार बल्लेबाजी और कप्तानी दोनों में फेल होने के कारण उन्हें आलोचकों ने निशाने पर लिया और उन्हें टीम से हटाए जाने तक की मांग होने लगी।
अब 9 मार्च, 2025 की तारीख को रोहित ने पूरे भारत को ऐसी खुशी दी है जिसके बाद उनकी आलोचना करने वालों में तगड़ी कमी देखने को मिलेगी। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब जीतकर रोहित ने लिमिटेड ओवर्स क्रिकेट में अपनी शानदार कप्तानी को जारी रखा है। रोहित ने फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत को आतिशी शुरुआत दिलाई और अपनी अर्धशतकीय पारी से शुरुआत में ही उन्हें मैच से बाहर कर दिया था।
इस मैच से पहले अटकलों का बाजार काफी गर्म था कि रोहित वनडे से अपने संन्यास का भी ऐलान कर सकते हैं, हालांकि मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया।
रोहित ने कहा, मैं इस प्रारूप से संन्यास लेने नहीं जा रहा हूं। मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं ताकि आगे कोई अफवाह नहीं फैलाई जाए। देखते हैं अभी कोई फ्यूचर प्लान नहीं है, जो हो रहा है चलता रहेगा।
प्लेयर ऑफ द मैच बनने पर रोहित ने कहा, इस ट्रॉफी को जीतना बहुत अच्छा अहसास है। पूरे टूर्नामेंट में हमने शानदार क्रिकेट खेला और अंत में अपनी मेहनत का फल इस तरह मिलना वाकई खास है। जिस तरह से हमने इस मैच में खेला, उससे मैं बेहद खुश हूं। यह (खेलने का यह तरीका) मेरे लिए स्वाभाविक नहीं है, लेकिन यह कुछ ऐसा था जिसे मैं सच में आजमाना चाहता था। जब आप कुछ नया करने की कोशिश करते हैं, तो टीम का समर्थन बहुत जरूरी होता है, और टीम मेरे साथ थी--2023 वर्ल्ड कप में राहुल भाई और अब गौती भाई (गौतम गंभीर) का पूरा समर्थन मिला। इतने सालों से मैंने अलग अंदाज में खेला है, लेकिन मैं देखना चाहता था कि क्या हम अलग तरीके से खेलकर भी अच्छे नतीजे हासिल कर सकते हैं।
फाइनल में रोहित काफी शानदार बल्लेबाज़ी कर रहे थे और ऐसा लग रहा था कि शतक लगाएंगे, लेकिन वह स्टंपिंग का शिकार हो गए थे। स्पिनर के खिलाफ आगे निकलने के बाद रोहित को बहुत कम ही इस तरह आउट होते देखा गया है।
उन्होंने कहा, पैरों का इस्तेमाल करना कुछ ऐसा है जो मैं अब काफी समय से कर रहा हूं। इससे पहले इसी कोशिश में आउट भी हुआ हूं, लेकिन मैंने कभी इस रणनीति से हटने की नहीं सोची। यह खेल को आसान बनाता है और आपको आजादी देता है। यही कारण है कि मैं बल्लेबाजी में गहराई चाहता था--जडेजा का नंबर 8 पर आना आपको यह आत्मविश्वास देता है कि आप खुलकर खेल सकते हैं। अगर रणनीति काम कर जाती है तो ठीक, नहीं भी तो कोई बात नहीं। सबसे जरूरी चीज यह है कि मेरे दिमाग में स्पष्टता बनी रहे।
भारत ने दुबई में ही अपने सारे मैच खेले और उन्हें हर मैच में स्टेडियम लगभग फुल ही देखने को मिले थे। भारत के सभी मैचों के लिए फैंस की संख्या स्टेडियम के अंदर तो काफी अधिक थी ही, लेकिन बाहर से सपोर्ट करने वाले भी असंख्य थे।
दर्शकों पर रोहित ने कहा, मैं उन सभी लोगों का शुक्रगुजार हूं जो हमें सपोर्ट करने आए। दर्शकों का समर्थन जबरदस्त था। यह हमारा घरेलू मैदान नहीं था, लेकिन उन्होंने इसे हमारा बना दिया। यह जीत बेहद संतोषजनक रही। फैंस के लिए काफी आभार। हम उनकी मौजूदगी की अहमियत समझते हैं। शायद यह हमेशा दिखता नहीं है, लेकिन जब वे स्टेडियम में आते हैं, तो वह हमें और प्रेरित करता है।
भारत ने इस टूर्नामेंट में अपने अंतिम तीन मैच चार स्पिनर्स के साथ खेले। इसमें सेमीफाइनल और फाइनल मैच शामिल रहे। रोहित ने टी-20 विश्व कप में भी स्पिनर्स को ही प्रमुख हथियार बनाया था।
स्पिनर्स के बारे में रोहित ने कहा, शुरुआत से ही हमारे स्पिनर्स ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन पर बहुत उम्मीदें होती हैं, लेकिन उन्होंने कभी निराश नहीं किया। पिच ने उनकी मदद की, और हमने इसका पूरा फ़ायदा उठाया। हमारी गेंदबाजी पूरे टूर्नामेंट में काफी संतुलित रही। वरुण चक्रवर्ती के बारे में पूछने पर पर उनके पास कुछ अलग ही क्वालिटी है। जब आप इस तरह की पिच पर खेल रहे होते हैं, तो आपको ऐसे गेंदबाज की जरूरत होती है। उसने टूर्नामेंट की शुरुआत नहीं की थी, लेकिन जब मौका मिला तो विकेट निकाले। हमारे लिए यह फायदेमंद साबित हुआ।
विराट कोहली ने दौड़कर अनुष्का शर्मा को लगाया गले
भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की. इस शानदार मैंच के कई सारे फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर वारल हो रहे हैं, लेकिन एक वीडियो पर हर किसी की नजर टिकी रह गई और वो थी अनुष्का शर्मा और विराट कोहली की.
भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की. इस जीत के बाद विराट कोहली का अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ एक खास पल कैमरे में कैद हो गया. जैसे ही भारत ने ट्रॉफी जीती, कोहली तेजी से स्टैंड्स की ओर दौड़े और अनुष्का को गले लगा लिया. ये पल सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और फैंस के लिए यादगार बन गया. दोनों की खुशी देखते ही बन रही थी, वहीं टीम इंडिया ने चमचमाती ट्रॉफी उठाकर जश्न मनाया.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कोहली को अनुष्का को गले लगाते हुए देखा जा सकता है. ये खुशी भरा इमोशनल पल स्टेडियम में मौजूद दर्शकों की जोरदार तालियों और जयकारों के बीच हुआ. इस ऐतिहासिक जीत के बाद बॉलीवुड और खेल जगत के सितारों ने भी सोशल मीडिया पर बधाइयों की बौछार कर दी. इससे पहले, जब फाइनल मैच के दौरान विराट कोहली आउट हुए, तो अनुष्का शर्मा का रिएक्शन वायरल हो गया था. इस दौरान वो काफी निराश नजर आईं.
विराट ने अनुष्का को लगाया गले
फैंस ने एक्स (ट्विटर) हैंडल पर उनकी फोटो शेयर करते हुए लिखा, 'विराट कोहली के आउट होने पर न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों और भारतीय फैंस का रिएक्शन- अनुष्का भी मायूस हो गईं'. ये मुकाबला दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला गया, जो ऐतिहासिक मैचों के लिए मशहूर है. ये फाइनल भारतीय कप्तान रोहित शर्मा के लिए बेहद खास थी. उन पर जबरदस्त दबाव था, क्योंकि कयास लगाए जा रहे थे कि अगर भारत हारता है, तो ये उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच हो सकता है.
भारत चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा जमाया
हालांकि, उन्होंने अपने आलोचकों को करारा जवाब देते हुए 83 गेंदों में 76 रन बनाए. इस पारी के साथ उन्होंने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ते हुए भारत के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले वनडे कप्तान बनने का गौरव हासिल किया. साथ ही, वे लगातार दो ICC ट्रॉफी जीतने वाले पहले भारतीय कप्तान बन गए और तीन चैंपियंस ट्रॉफी खिताब जीतने वाले इकलौते कप्तान बन गए. इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारत ने न सिर्फ चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा जमाया, बल्कि क्रिकेट इतिहास में खुद को एक बार फिर सबसे ताकतवर टीमों में शुमार कर लिया.
0-वॉटसन ने चार मैचों में जड़ा तीसरा शतक
वडोदरा, 8 मार्च । कुछ चीजें कभी नहीं बदलतीं। शेन वॉटसन का बल्ले से दबदबा उनमें से एक है। ऑस्ट्रेलिया मास्टर्स के कप्तान ने वर्षों पीछे लौटते हुए चार मैचों में अपना तीसरा शतक बनाया और इंटरनेशनल मास्टर्स लीग 2025 के मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका मास्टर्स के आक्रमण को ध्वस्त करते हुए अपनी टीम को 137 रनों की शानदार जीत दिलाई और टूर्नामेंट के वडोदरा लेग को शानदार तरीके से समाप्त किया।
टूर्नामेंट के पहले दो मैच हारने के बाद, वॉटसन एंड कंपनी ने ऑस्ट्रेलियाई भावना की यादों को ताजा करते हुए जीत दर्ज की।
बल्लेबाजी करने उतरे वॉटसन ने इंडिया मास्टर्स के खिलाफ पिछले मैच की तरह ही शानदार प्रदर्शन किया और अपने शानदार पुल तथा सहज लॉफ्टेड ड्राइव से ऐसा लगा जैसे वे अपने उस दौर में वापस लौट गए हों, जब उन्होंने कभी विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े मंचों पर राज किया था।
जैसे ही उन्होंने बीसीए स्टेडियम में अपना बल्ला उठाया, प्रशंसक ऑस्ट्रेलियाई टीम में उनकी बेहतरीन पारियों की यादों को ताजा करने से खुद को रोक नहीं पाए। ऑस्ट्रेलिया मास्टर्स की पारी की शुरुआत करने के लिए कैलम फर्ग्यूसन (नाबाद 85) के साथ विकेट पर आए वॉटसन ने मैच को दक्षिण अफ्रीका मास्टर्स की पकड़ से दूर कर दिया,। इस दोनों की ओपनिंग साझेदारी ने मात्र 15 ओवरों में 186 रन बनाए।
इससे पहले कप्तान ने पिछले मैच के साथी शतकवीर बेन डंक (नाबाद 34) के साथ मिलकर 74 रन बनाए और टीम को 260/1 के विशाल स्कोर तक पहुंचाया। नौ चौकों और इतने ही गगनचुंबी छक्कों के साथ वॉटसन ने दिखाया कि उनको अपने समय के सबसे खतरनाक ऑलराउंडरों में से एक क्यों माना जाता है। उन्होंने अपने सिग्नेचर बिग-हिटिंग मोड में लॉन्च होने से पहले क्रिस्प ड्राइव और क्रूर कट के साथ गैप को भेदते हुए जोरदार आक्रामकता के साथ शुरुआत की। जैसे-जैसे पारी आगे बढ़ी, बाउंड्रीज तेजी से बढ़ती गईं, स्पिनरों को लॉन्ग-ऑन पर जमकर मारा, पेसरों की गेंदों को स्टैंड्स में भेजा, और 61 गेंदों में नाबाद 122 रन बनाकर हर क्लीन स्ट्राइक पर दर्शकों को चौंका दिया।
जवाब में, दक्षिण अफ्रीका मास्टर्स की शुरुआत बहुत खराब रही। हेनरी डेविड्स सस्ते में आउट हो गए, और ऑस्ट्रेलिया मास्टर्स के अनुशासित गेंदबाजी आक्रमण के सामने वे कभी भी लय में नहीं आ पाए।
हाशिम अमला ने 19 गेंदों में सात चौकों की मदद से 30 रन बनाए, जबकि रिचर्ड लेवी और अल्वीरो पीटरसन ही कुछ प्रतिरोध करने वाले अन्य बल्लेबाज़ थे, जिन्होंने क्रमश: 22 और 28 रन बनाए।
अपने कप्तान जैक्स कैलिस ( जो पहली पारी में कैच लेने की कोशिश करते हुए खुद को घायल कर बैठे थे) के आउट होने से परेशान और दक्षिण अफ्रीका मास्टर्स अंतत: 17 ओवरों में 123 रन पर सिमट गए।
ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए, बेन लॉफलिन ने तीन विकेट लेकर सबसे बढिय़ा प्रदर्शन किया, जबकि जेवियर डोहर्टी और ब्राइस मैकगेन ने दो-दो विकेट लिए। नाथन कूल्टर-नाइल और नाथन रियरडन ने भी एक-एक विकेट लिया।
वडोदरा लेग के समापन के बाद, कारवां अंतिम लेग के लिए रायपुर चला जाएगा। इसकी शुरुआत शनिवार को सचिन तेंदुलकर की अगुवाई वाली इंडिया मास्टर्स और ब्रायन लारा की अगुवाई वाली वेस्टइंडीज मास्टर्स के बीच होने वाले ऐतिहासिक मुकाबले के साथ होगी।
संक्षिप्त स्कोर: ऑस्ट्रेलिया मास्टर्स 260/1 (शेन वॉटसन 122 नाबाद, कैलम फर्ग्यूसन 85, बेन डंक 34 नाबाद) ने दक्षिण अफ्रीका मास्टर्स 123 (हाशिम अमला 30, अल्वीरो पीटरसन 28; बेन लॉफलिन 3/18, जेवियर डोहर्टी 2/23, ब्राइस मैकगेन 2/25) को 137 रनों से हराया।