नई दिल्ली: एशियन गेम्स में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीतने वाले नीरज चोपड़ा ने एक अहम फैसला लिया है। नीरज ने गोल्ड मेडल को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित किया। जकार्ता में जारी खेलों में 20 साल के इस युवा ऐथलीट ने पहली बार भारत को भाला फेंक में एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल दिलाया। हरियाणा के पानीपत में जन्मे नीरज ने 88.06 मीटर दूर भाला फेंक कर भारत के लिए सोना जीता।गोल्ड जीतने के बाद नीरज ने कहा, ‘प्रतियोगिता अच्छी रही। मैंने ट्रेनिंग अच्छी की थी और देश को गोल्ड दिलाने पर ही फोकस था। मैं अपना मेडल अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित करता हूं, जो एक महान इंसान थे।’इससे पहले, 1982 के एशियाई खेलों में गुरतेज सिंह ने जैवलिन में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। हरियाणा के पानीपत में जन्मे चोपड़ा 18वें एशियाई खेलों की ओपनिंग सेरिमनी में भारतीय ध्वजवाहक भी रहे थे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीरज चोपड़ा को गोल्ड जीतने पर बधाई दी। उन्होंने ट्विटर पर लिखा- ‘जब नीरज फील्ड पर होते हैं, तो उनसे बेस्ट की उम्मीद होती है। इस युवा ऐथलीट ने जैवलिन थ्रो में गोल्ड जीतकर देश को और खुश किया है। उन्हें नया नैशनल रेकॉर्ड बनाने के लिए भी बधाई।’हरियाणा के ऐथलीट नीरज चोपड़ा ने साल 2016 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में विश्व रेकॉर्ड बनाया था। तब उन्होंने चैंपियनशिप में 86.48 मीटर की थ्रो कर जूनियर विश्व रेकॉर्ड बनाया और गोल्ड मेडल पर कब्जा किया था।
टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने नॉटिंघम टेस्ट की दूसरी पारी में बेहतरीन शतक बनाया. पहली पारी में 97 रन बनाकर आउट हुए विराट ने दूसरी पारी में तिहरी रनसंख्या तक पहुंचने का मौका हाथ से नहीं जाने दिया और 103 रन की बेहतरीन पारी खेली. यह उनका 23वां टेस्ट शतक रहा. उनकी इस शतकीय पारी का भारतीय टीम को 203 रन की जीत दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान रहा. इस जीत के बाद पांच टेस्ट की सीरीज बेहद रोमांचक हो गई है. तीन मैच के बाद इंग्लैंड सीरीज में 2-1 से आगे चल रहा है. भारतीय कप्तान का यह शतक उनके नाम पर एक बड़ी उपलब्धि दे गया. कप्तान के रूप में उन्होंने टीम की जीत में सातवीं बार 200 या इससे अधिक रन बनाए. उन्होंने इस मामले में ऑस्ट्रेलिया के दो महान बल्लेबाज सर डॉन ब्रेडमैन और रिकी पोंटिंग को पीछे छोड़ा. इन दोनों ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने कप्तान के रूप में टीम की जीत में छह बार 200 या इससे अधिक रन बनाए थे.विराट कोहली ने इस शतकीय पारी के साथ आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक पायदान करते हुए वह धमाका भी कर डाला, जो वह पहले नहीं कर सके. नॉटिंघम टेस्ट में विराट कोहली की 97 और 103 की नाबाद पारियों ने न केवल सीरीज का स्कोर 2-1 किया बल्कि विराट आईसीसी की रैंकिंग में सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ स्कोर करने वाले 11वें बल्लेबाज बन गए. विराट कोहली अभी तक सीरीज में 440 रन बना चुके हैं. आईसीसी की सर्वकालिक रैंकिंग में सर डॉन ब्रेडमैन (961 अंक) सबसे ऊपर हैं. उनके बाद स्टीव स्मिथ (947), लेन हटन (945), जैक हॉब्स (942), रिकी पोन्टिंग (942), पीटर मे (941) आते हैं. इसके बाद सर गैरी सोबर्स, क्लाइड वॉलकट, विव रिचर्ड्स और संगकारा के संयुक्त रूप से 938 प्वाइंट्स हैं. विराट के इस समय 937 प्वाइंट्स हैं जो अब तक उनका सर्वोच्च स्कोर है.नॉटिंघम टेस्ट में भारत के लिए हरफनमौला हार्दिक पंड्या, जसप्रीत बुमराह, अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा ने भी शानदार प्रदर्शन किया. पंड्या ने दोहरा प्रदर्शन करते हुए मैच की पहली पारी में 5 विकेट लेने के साथ दूसरी पारी में नाबाद अर्धशतक बनाया. जसप्रीत बुमराह ने दूसरी पारी में 5 विकेट हासिल किए. इसी तरह अजिंक्य रहाणे ने पहली पारी में और चेतेश्वर पुजारा ने दूसरी पारी में अर्धशतक बनाया.
भारतीय कप्तान विराट कोहली ने इंग्लैंड के खिलाफ अपने अच्छे प्रदर्शन का श्रेय पत्नी अनुष्का शर्मा को दिया है. कोहली ने कहा, ‘मैं अपनी पारी अपनी पत्नी को समर्पित करता हूं जो यहां है और मुझे प्रेरित करती रहती है.’
अनुष्का के बारे में बताते हुए कोहली ने कहा, ‘उसने अतीत में बहुत कुछ झेला है तो वह इस श्रेय की भी हकदार है. वह मुझे हमेशा अच्छे प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती है.’
विराट कोहली ने यह भी कहा कि उनकी टीम ने कभी खुद पर भरोसा करना बंद नहीं किया हालांकि इंग्लैंड के हाथों पहले दो टेस्ट में हारने के बाद कई लोगों का भरोसा टीम पर से उठ गया था. कोहली ने तीसरा टेस्ट 203 रन से जीतने के बाद कहा, ‘हम सीरीज में 0-2 से पीछे थे और कई लोगों का भरोसा हम पर से उठ गया. लेकिन हमें खुद पर भरोसा था और यही वजह है कि अब अंतर 1-2 का हो गया है.’
कोहली ने कहा, ‘मायने यह रखता है कि हम ड्रेसिंग रूम में क्या सोचते हैं. बाहर लोग क्या सोचते हैं, यह मायने नहीं रखता. हमें भरोसा है कि हम सीरीज जीत सकते हैं.’
उन्होंने कहा,‘इस सीरीज के लिहाज से यह जीत बहुत जरूरी थी. हमने सभी विभागों में अच्छा प्रदर्शन किया और यह जीत पूरे ड्रेसिंग रूम की है.’
यह पूछने पर कि क्या 2014 में बल्लेबाजी में नाकाम रहने का बोझ अब उतर गया है, कोहली ने कहा, ‘मैंने 2014 की विफलता के बारे में नहीं सोचा, लेकिन टीम की जीत में योगदान देकर खुश हूं.’
कोहली ने कहा कि गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया और बल्लेबाज भी समय पर काम आए. उन्होंने कहा, ‘टीम में कोई घबराहट नहीं थी. हमने इस मैच में रन बनाए और गेंदबाजों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया. इन दोनों हुनर और स्लिप में अच्छी कैचिंग के साथ हमने मैच जीता.’
इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने जीत का श्रेय भारत को देते हुए कहा, ‘हमें भारत को श्रेय देना चाहिए. उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया. हम पहली पारी में अच्छा नहीं खेल सके. टीम चयन को लेकर मुझे कोई खेद नहीं है. हमारी टीम मजबूत थी.’
नई दिल्ली : 18वें एशियन गेम्स में भारत के प्रदर्शन में लगातार सुधार हो रहा है. हमने मेडल इवेंट के पहले दिन दो और दूसरे दिन तीन मेडल जीते. तीसरे दिन पांच मेडल जीत लाए. भारत के तीनों दिन के मेडल में एक-एक गोल्ड भी शामिल है. तीसरे दिन की तरह चौथे दिन यानी बुधवार को भी भारत के खाते में 5 मेडल आए. इनमें एक गोल्ड शामिल है. यह गोल्ड शूटिंग में राही सरनोबत ने दिलाया. इसके अलावा वुशू में चार ब्रॉन्ज मेडल मिले.
वुशू में भारत को चार ब्रॉन्ज मेडल
भारत के चार खिलाड़ी संतोष कुमार, सूर्य भानु प्रताप, नरेंद्र ग्रेवाल और रोशिबिना देवी वुशू के अलग-अलग इवेंट का सेमीफाइनल हार गए. संतोष को 56 किग्रा वर्ग वियतनाम के ट्रोयोंग गियांग ने 2-0 से हराया. ईरान के एरफान ने सूर्य भानुप्रताप को 2-0 और ईरान के जाफरी ने नरेंद्र ग्रेवाल को 65 किग्रा में 2-0 से हराया. चीन की यिंगयिंग काई ने रोशिबिना देवी को 60 किग्रा वर्ग में 1-0 से मात देकर फाइनल में जाने से रोक दिया. चारों खिलाड़ियों की हार के साथ ही वुशू के सेंडा इवेंट में गोल्ड या सिल्वर जीतने की भारत की उम्मीद भी टूट गई. इन चारों खिलाड़ियों को अब ब्रॉन्ज मेडल मिलेगा. वुशू में हर इवेंट में चार-चार मेडल मिलते हैं. इनमें एक गोल्ड, एक सिल्वर और दो ब्रॉन्ज शामिल हैं. इन मेडल के साथ ही भारतीय टीम मेडल टैली में सातवें नंबर पर आ गई है. चौथे दिन भारत ने एक गोल्ड समेत पांच मेडल जीते.
टेनिस : पुरुष युगल के सेमीफाइनल में बोपन्ना-शरण
भारत के अनुभवी टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना और दिविज शरण की जोड़ी ने टेनिस की पुरुष युगल स्पर्धा के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है. सेमीफाइनल में प्रवेश के साथ ही भारतीय जोड़ी ने अपने लिए एक पदक पक्का कर लिया है. बोपन्ना और शरण की जोड़ी ने क्वार्टर फाइनल मैच में एक घंटे और 16 मिनट तक चले मुकाबले में ताइवान की चेनपेंग सी और हुआ सुंग यांग के खिलाफ 6-3, 5-7, 10-1 से मात देकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया. पहले सेट में भारतीय टीम ने जीत हासिल की थी, लेकिन दूसरे सेट में ताइवान की जोड़ी ने वापसी की. ऐसे में टाई ब्रेकर सेट में भारतीय जोड़ी ने बाजी मरकर अंतिम-4 में कदम रख लिया.
टीम इंडिया और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का तीसरा मुकाबला नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर खेला जा रहा है. टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया अपनी पहली पारी में 329 रन बनाकर ऑल आउट हो गई. जवाब में मेजबान इंग्लैंड की टीम अपनी पहली पारी में 161 रन पर ढेर हो गई. इस तरह भारत को पहली पारी के आधार पर 168 रनों की बढ़त हासिल हुई. इसके बाद टीम इंडिया ने अपनी दूसरी पारी में 7 विकेट पर 352 रन बनाकर पारी घोषित कर दी और मेजबान इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 521 रनों का विशाल लक्ष्य रखा. पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने 4 विकेट गंवा कर 62 रन बना लिए. मेजबान टीम अब भी लक्ष्य से 459 रन दूर है.
टीम इंडिया ने इंग्लैंड को दिया 521 रनों का विशाल लक्ष्य
टीम इंडिया ने अपनी दूसरी पारी में 7 विकेट पर 352 रन बनाकर पारी घोषित कर दी और मेजबान इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 521 रनों का विशाल लक्ष्य रखा. भारत के लिए दूसरी पारी में कप्तान विराट कोहली ने सबसे ज्यादा 103 रन बनाए जिसके लिए उन्होंने 197 गेंदें खेलीं और 10 चौके लगाए.
टीम इंडिया और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का तीसरा मुकाबला नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर खेला जा रहा है. टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया अपनी पहली पारी में 329 रन बनाकर ऑल आउट हो गई. जवाब में मेजबान इंग्लैंड की टीम अपनी पहली पारी में 161 रन पर ढेर हो गई. इस तरह भारत को पहली पारी के आधार पर 168 रनों की बढ़त हासिल हुई. इसके बाद टीम इंडिया ने अपनी दूसरी पारी में 3 विकेट गंवा कर 279 रन बना लिए. विराट कोहली (102 रन) और अजिंक्य रहाणे (17 रन) क्रीज पर हैं. भारत इंग्लैंड से अब तक 447 रन आगे है.
कोहली का 23वां टेस्ट शतक
टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने धमाकेदार अंदाज में शतक लगाया है. पहली पारी में शतक से चूकने वाले कोहली ने मौके का पूरा फायदा उठाते हुए दूसरी पारी में अपने टेस्ट करियर का 23वां शतक जड़ दिया. कोहली ने मुश्किल हालात में इंग्लैंड के खिलाफ उनकी धरती पर टेस्ट शतक जड़कर अपनी क्लास का परिचय दिया. दूसरी पारी में कप्तान विराट कोहली ने चेतेश्वर पुजारा के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 113 रन की अटूट साझेदारी करके भारत को बेहत मजबूत स्थिति में पहुंचाया.