व्यापार

14-Mar-2019 2:32:01 pm
Posted Date

ग्राहकों की शिकायत को जल्द निपटाएगी नई वेबसाइट

नई दिल्ली ,14 मार्च । कई बार किसी प्रॉडक्ट और सर्विस से जुड़ी शिकायत को निपटने में सालों लग जाते हैं। लेकिन अब इस समस्या से निपटने का वादा करने के लिए एक नया ऑनलाइन प्लैटफॉर्म आ गया है। रेसओलभर.इन नाम के इस पोर्टल को मंगलवार को ही भारत में लॉन्च किया गया है। यह पोर्टल शिकायतों के जल्द समाधान के लिए ग्राहकों को कंपनियों के साथ जोड़ेगा।
यह वेबसाइट ग्राहकों को उनके अधिकारों और उन्हें शिकायत के निपटान के लिए क्या कदम उठाने चाहिए, इस बारे में गाइड भी करेगी। लॉन्च के समय रिजॉल्वर इंडिया के सीईओ और फाउंडर, प्रत्यूष सिंह ने कहा,  रेसओलभर.इन मशीन लर्निंग और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से काम करती है। यह ग्राहकों और संस्थानों का सहयोग करती है। वेबसाइट बताती है कि उन्हें कब-कौन सा अगला कदम उठाना चाहिए। 
वेबसाइट उपभोक्ताओं की कई तरह से मदद करती है। यह बताती है कि किसी मसले पर उनके क्या अधिकार हैं। इसके लिए ईमेल कैसे लिखा जाए। इसमें किन बातों को शामिल किया जाए। कंपनी के स्तर पर मामला न निपटने पर ओम्बड्समैन का दरवाजा कैसे खटखटाना है। ब्रिटेन के रिजॉल्वर ग्रुप के सीईओ और संस्थापक ने इस तरह की वेबसाइट की जरूरत पर और प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को पता नहीं होता है कि उन्हें कहां जाना चाहिए। इस्तेमाल की जाने वाली सेवा में कोई मसला आने पर क्या कहना चाहिए। रिजॉल्वर इन्हीं मामलों पर उपभोक्ताओं की मदद करती है। 
वेबसाइट का दावा है कि ब्रिटेन में लाखों लोग अपनी समस्या का हल खोजने के लिए उसका इस्तेमाल करते हैं। वहां उपभोक्ताओं की संतुष्टि की दर 98 फीसदी है। भारतीय स्टार्टअप रिजॉल्वर इंडिया को रिजॉल्वर ग्रुप यूके से वित्तीय मदद मिली है। सीड फंडिंग यानी शुरुआती पूंजी जिम्स के चेयरमैन मनीश गुप्ता ने लगाई है।
रिजॉल्वर हर तरह के कारोबार में अलग-अलग तरह के ग्राहकों से मिलने वाली शिकायत के आधार पर कंपनियों को डेटा मुहैया कराकर शिकायतों के निपटान में मदद करेगी। सिंह ने कहा कि इस डेटा की मदद से कंपनियां बहुत आम समस्याओं को ऑटो-रेजॉलूशन या फिर कम कीमत में ही शिकायतों को जल्द निपटा सकेंगी। 
शुरुआत में अभी इस पोर्टल ने टेलिकॉम, रिटेल फाइनैंस और ट्रैवल कैटिगरी के तहत 3,000 से ज्यादा कंपनियों को जोड़ा है। रिटेल कैटिगरी में मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों से जुड़ी समस्याओं को भी सुलझाया जाएगा।

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