नई दिल्ली । इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के आगामी सीजन से पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने खिलाडिय़ों और टीमों के लिए नियमों में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इन बदलावों में सबसे प्रमुख है स्लो ओवर रेट के लिए कप्तानों पर लगने वाले बैन को हटाना। बीसीसीआई ने इसकी जगह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की तरह डिमेरिट पॉइंट सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है।
हालांकि, यह डिमेरिट पॉइंट सिस्टम केवल स्लो ओवर रेट तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे पूरे कोड ऑफ कंडक्ट में शामिल किया गया है। इसके तहत खिलाडिय़ों और कोचिंग स्टाफ को भी नियमों का उल्लंघन करने पर डिमेरिट पॉइंट मिलेंगे, जिसके आधार पर उन पर 5 मैचों तक का प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
22 मार्च से शुरू हो रहे आईपीएल 2025 सीजन से पहले मुंबई में बीसीसीआई अधिकारियों ने सभी 10 फ्रेंचाइजी के कप्तानों के साथ एक बैठक की। इस बैठक में कप्तानों को कोड ऑफ कंडक्ट में किए गए इन महत्वपूर्ण बदलावों की जानकारी दी गई। यह नए नियम इस सीजन से ही लागू होंगे और प्लेइंग कंडिशंस का हिस्सा होंगे।
अभी तक आईपीएल में खिलाडिय़ों द्वारा किसी भी तरह की बदसलूकी या गलत व्यवहार करने पर मैच रेफरी द्वारा जुर्माना लगाया जाता था। लेकिन अब खिलाडिय़ों को जुर्माने के साथ-साथ डिमेरिट पॉइंट भी मिलेंगे, जो उनके लिए प्रतिबंध का कारण बन सकते हैं।
क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार, अब किसी भी खिलाड़ी या टीम द्वारा कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन करने पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की तरह डिमेरिट पॉइंट दिए जाएंगे। यह डिमेरिट पॉइंट खिलाड़ी या टीम के खाते में पूरे 36 महीने यानी 3 साल तक बने रहेंगे और इसी के आधार पर सजा निर्धारित की जाएगी।
नए नियमों के अनुसार, यदि कोई खिलाड़ी लेवल-1 के उल्लंघन का दोषी पाया जाता है, तो उस पर मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना और 1 डिमेरिट पॉइंट लगाया जा सकता है। लेवल-2 के उल्लंघन पर 3 से 4 डिमेरिट पॉइंट जुड़ेंगे। वहीं, लेवल-3 के उल्लंघन के लिए 5 से 6 डिमेरिट पॉइंट और लेवल-4 के उल्लंघन के लिए 7 से 8 डिमेरिट पॉइंट दिए जाएंगे।
अब बात करते हैं कि कितने डिमेरिट पॉइंट पर खिलाड़ी को कितनी सजा मिलेगी। कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 7.6 के अनुसार, यदि किसी खिलाड़ी के खाते में 4 से 7 डिमेरिट पॉइंट जुड़ते हैं, तो उसे एक मैच के लिए निलंबित किया जाएगा। 8 से 11 डिमेरिट पॉइंट होने पर यह निलंबन 2 मैचों का हो जाएगा। यदि कोई खिलाड़ी 3 साल की अवधि में 12 से 15 डिमेरिट पॉइंट अर्जित करता है, तो उस पर 3 मैचों का प्रतिबंध लगाया जा सकता है। वहीं, अगर किसी खिलाड़ी के डिमेरिट पॉइंट 16 या उससे अधिक होते हैं, तो उसे अधिकतम 5 मैचों के लिए प्रतिबंधित किया जा सकता है।
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