लीमा। पेरू के अंतरिम राष्ट्रपति ने रविवार को इस्तीफा दे दिया। दरअसल, देश दो दशक के सबसे बड़े संवैधानिक संकट का सामना कर रहा है और देश के लोकप्रिय नेता को संसद द्वारा सत्ता से बेदखल किए जाने के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया था। टेलिविजन पर प्रसारित संक्षिप्त संबोधन में मैनुअल मेरिनो ने कहा कि मंगलवार को उनका अंतरिम राष्ट्रपति पद की शपथ लेना, कानून के दायरे में था। वहीं प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि संसद में सदस्यों ने तख्तापलट का षड्यंत्र रचा। उन्होंने कहा कि सभी लोगों की तरह मैं भी देश के लिए सर्वश्रेष्ठ चाहता हूं। मेरिनो ने इस्तीफा देने का फैसला ऐसे समय में लिया, जब रात में अशांति के दौरान 2 युवा प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और उनके आधे मंत्रिमंडल ने इस्तीफा दे दिया। पेरू के लोगों ने लीमा में झंडे फहराकर इस फैसले का स्वागत किया और नारे लगाए, 'हमने यह कर लिया। लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अशांति के बीच आगे क्या होने वाला है। वहीं, सत्ता से बेदखल होने वाले पूर्व राष्ट्रपति मार्टिन विजकारा ने देश के सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की अपील की है। पेरू में काफी कुछ दांव पर लगा है। देश कोविड-19 महामारी का सामना कर रहा है और यह दुनिया भर के उन देशों में शामिल है, जहां इसका प्रकोप बहुत अधिक है। वहीं राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस संकट ने देश के लोकतंत्र को खतरे में डाल दिया है।
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