रायपुर। धान समर्थन मूल्य 200 रुपये तक बढ़ाए जाने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मोदी सरकार का यह ऐतिहासिक फैसला है. मैं छत्तीसगढ़ के सभी विधायकों, किसानों और ढाई करोड़ जनता की ओर से धन्यवाद देता हूँ. मोदी सरकार ने अपनी घोषणा के अनुरूप एमएसपी बढ़ाने जाने का ऐतिहासिक एेलान किया है. आज का दिन स्वर्णिम दिन है. इस फैसले के बाद हम 2100 रुपये समर्थन मूल्य तक आ गए हैं.मक्का का समर्थन मूल्य 1400 से बढ़ाकर 1700 कर दिया गया. देश के 12 करोड़ किसानों को सीधा लाभ पहुचेगा. केंद्र के बजट में 12 हजार करोड़ का असर होगा. किसानों के पास पैसा जाएगा तो किसान और उत्साहित होंगे और क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा. किसानों की हमदर्द कोई सरकार है तो बीजेपी सरकार है. जो वादा किया था उसे आज पूरा किया है. छत्तीसगढ़ में हम इसे उत्सव के रुप में मनाएंगे. गांव-गांव में कार्यक्रम होंगे. मोदी जी को धन्यवाद देंगे. छत्तीसगढ़ में हमने टारगेट को पा लिया है. बिना मांगे मोदी जी ने मांग पूरी की है. ये हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है.कृषि राज्यमंत्री कृष्णा राज छत्तीसगढ़ आ रही है. प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किसानों से बात करेंगी. छत्तीसगढ़ के धान उत्पादकों के लिए इससे बढ़कर ख़ुशी की कोई बात नहीं.डॉ. रमन सिंह ने कहा- आज का दिन किसानों के लिए दीवाली भी है होली भी है.
छत्तीसगढ़ में पुलिस विभाग की विभागीय परीक्षा में नकल का मामला सामने आया है। इस दौरान चार डीएसपी नकल करते पकड़े गए हैं। मजेदार बात यह है कि इनमें से तीन महिला परीक्षार्थी हैं। खबरों के मुताबिक पुलिस मुख्यालय के परीक्षा निरीक्षक ने उन्हें नकल करते पकड़ा।सूत्रों के अनुसार 2016 बैच के डीएसपी स्तर के अधिकारियों की अकादमी में ट्रेनिंग चल रही है। फर्स्ट फेज की लिखित परीक्षा में यह प्रकरण सामने आया। परीक्षा नियंत्रकों ने तत्काल नकल प्रकरण बनाकर उच्चाधिकारियों के पास इसकी जानकारी भेज दी है। डीआईजी आरएस नायक ने नकल पकड़े जाने की पुष्टि की है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ से मानसरोवर यात्रा पर गए 13 तीर्थयात्री खराब मौसम के चलते फंस गए हैं। सभी तीर्थयात्री जिला बलौदाबाजार-भाटापारा के तिल्दा नेवरा ब्लॉक के हैं। बताया जा रहा है कि सभी तीर्थयात्री मानसरोवर की यात्रा पूरी कर वापस लौट रहे थे। तभी खराब मौसम के चलते वे नेपाल-तिब्बत सीमा पर फंसे हुए हैं। तीर्थयात्रियों में 5 महिलाएं भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी तीर्थयात्री 24 जून रविवार को दिल्ली होकर काठमांडू पहुंचे थे। मानसरोवर यात्रा पूरी कर वे रविवार एक जुलाई को वापस काठमांडू के लिए निकले थे, लेकिन मौसम खराब होने के कारण वे वहीं फंस गए। हालांकि यात्रियों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था की गई है, लेकिन उनकी वापसी के लिए फिलहाल कोई इंतजाम नहीं हो पाया है। तिल्दा से मानसरोवर की यात्रा पर गए प्रदीप अग्रवाल, मीरा अग्रवाल, अशोक पटेल, संतोष शर्मा के मुताबिक उन्होंने मानसरोवर की यात्रा तो पूरी कर ली है, लेकिन वापसी में ये लोग पिछले तीन दिनों से तिब्बत और नेपाल की पहाडिय़ों के बीच हिल्सा में रुके हुए हैं। खाने-पीने की व्यवस्था तो सरकार ने की है, लेकिन उनको वहां से निकालने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे वे काफी परेशान हैं। सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि यात्रियों की मदद के लिए 11 हेलीकॉप्टर भेजे गए हैं, लेकिन वहां एक भी हेलीकॉप्टर नहीं पहुंचा है। एक बारह सीटर प्लेन को जरूर भेजा गया है, लेकिन मौसम खराब होने के कारण वो उड़ान नहीं भर पा रहा है।
प्रदेश में 14 माह में हत्या, दुर्घटना, आत्महत्या से मरने वालों के बेहद ही चैकाने वाले आकड़े सामने आये हैै। आकड़ों की बात की जाये तो छत्तीसगढ़ 14 माह में 4770 महिला पुरुष की मौत हुई है. वहीँ अगर प्रति दिन की बात की जाये तो रोजाना 11 लोगों की मौत हो रही हैं, जिनमें महिला, पुरूष दोनों शामिल है। विधानसभा में कांग्रेस विधायक धनेेंद्र साहू ने गृहमंत्री से पूछे गये सवाल में जानकारी दी है.
सर्वाधिक मौतों की बात करे तो राजधानी रायपुर टाॅप पर है। रायपुर में प्रतिदिन 3 लोगों की मृत्यु हो रही है। वहीं दूसरे पर बिलासपुर है यहां पर भी लगभग 3 लोगों की मृत्यु हर रोज हो रही है। दुर्ग की बात करे तो यहां पर हर रोज 2 लोगों की मृत्यु हो रही है। वहीं रायगढ़, राजनांदगांव में प्रति दिन 1 व्यक्ति की मृत्यु किसी न किसी कारण से हो रही है।
आइये जानते है कि 2017-2018 से 30 मई तक हत्या, दुर्घटना, आत्महत्या से अब तक कितने लोगों की मौते हुई है…..
राजधानी में हत्या से इन 14 महीनों में 25 महिला की मौत हुई है, तो वहीं 48 पुरूष की हत्या हुई है। दुर्घटना से 107 महिलाएं, 512 पुरूषो की मौत हुई है, तो वहीं आत्महत्या से 492 पुरूष और 187 महिलाओं ने जान गंवायी है।
दुर्ग में 17 महिलाओं की हत्या हुई है, तो वहीं 30 पुरूष की हत्या हुई है। दुर्घटना से 64 महिलाएं, 223 पुरूषों की जान गयी है, जबकि आत्महत्या 209 महिलाएं और 332 पुरूष, ने की है।
रायगढ़ में 34 महिला की हत्या तो वहीं 38 पुरूषों का मर्डर हुआ है। दुर्घटना से 41 महिलाएं, 274 पुरूषो की जान गयी, जबकि 112 महिलाएं और 291 पुरूष ने आत्महत्या कर अपनी जान दी।
अब अगर राजनांदगांव की बात की जाये तो 14 माह में हत्या से 9 महिला की मौत हुई है, तो वहीं 31 पुरूष की हत्या से मौत हुई है। दुर्घटना से 26 महिलाएं, 242 पुरूषों की मौत हुई है। तो वहीं आत्महत्या की बात की जाये तो 116 महिलाएं और 259 पुरूष ने आत्महत्या की है।
राजनांदगांव। बीमा कंपनी ने खरीफ फसल के दौरान सेटेलाइट इमेज ली थी और इस आधार पर 50 करोड़ रुपए का क्लेम तैयार किया था। हमने तुरंत विरोध जताया और इस मामले को बीमा से संबंधित टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी के समक्ष रखा। एडवाइजरी कमेटी को तर्क दिया कि बीमा कंपनी को फसल कटाई प्रयोग का शेड्यूल दिया गया था और वे मौके पर उपस्थित रहकर सत्यापन के लिए स्वतंत्र थे। कमेटी ने तर्क को सही माना और फैसला हमारे पक्ष में आया, इसके बाद एसल कटाई प्रयोग के आधार पर बीमा मिला और 466 करोड़ रुपए का क्लेम तैयार हुआ। यह बात सांसद अभिषेक सिंह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक में किसानों से कही।
उन्होंने कहा कि किसानों को शासकीय योजनाओं का पूरा लाभ मिले, इसके लिए हम प्रतिबद्ध है। राजनांदगांव के किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का पूरा लाभ उठायें, इसके लिए ही व्यापक तौर पर ग्रामसभा का आयोजन किया गया और किसानों को फसल बीमा के लिए तैयार किया गया। इसका अच्छा परिणाम हुआ और डेढ़ लाख किसानों को फसल बीमा का भुगतान हुआ है और 466 करोड़ रुपए का आबंटन जिले को हुआ है। बैठक में अपर कलेक्टर जे.के. ध्रुव, ओंकार यदु और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। साथ ही पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दिनेश गांधी, भरत वर्मा एवं सांसद प्रतिनिधि रवींद्र सिंह भी उपस्थित थे।
00 दस दिनों में पूरी होगी जांच :
सांसद ने कहा कि कुछ गांवों में किसान भाइयों ने बीमा का लाभ नहीं मिलने की बात कही है। ऐसा किस परिस्थिति में हुआ, इसके संबंध में इन गांवों में जांचदल भेजा जाएगा, जांच में त्रुटि पाई गई तो इसे निराकरण के लिए बीमा कंपनी के पास भेजा जाएगा। कलेक्टर भीम सिंह ने कहा कि दस दिनों के भीतर यह जांच पूरी हो जाएगी। जांच में मुख्य रूप से यह देखा जाएगा कि किसान को सिंचित या असिचिंत श्रेणी में रखने का क्या आधार माना गया। फसल कटाई चिन्हांकित खसरा नंबर पर ही की गई या नहीं। फसल कटाई प्रयोग के पश्चात मिंजाई या तौल की गई या नहीं।
00 हर ग्राम पंचायत में रखी जाएगी फसल बीमा की गाइडलाइन :
कलेक्टर भीम सिंह ने बताया कि फसल बीमा के संबंध में किसानों की जागरूकता बढ़ाने एवं इसकी पूरी प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए हर ग्राम पंचायत में ग्रामसभा का आयोजन किया जाएगा। साथ ही हर ग्राम पंचायत में इसकी गाइडलाइन भी रखी जाएगी, इसमें सरल भाषा में बीमा के नियमों की संक्षिप्त जानकारी दी जाएगी ताकि किसान बीमा की प्रक्रिया पूरी समझकर इससे अधिकतम लाभ उठा सकें। इसके साथ ही कलेक्ट्रेट में भी फसल बीमा एवं खेती-किसानी से संबंधित अन्य जानकारी देने एक स्थायी सेल का निर्माण भी किया जाएगा ताकि किसान भाइयों को अपनी दुविधा का समाधान करने स्थायी रूप से एक विशेषज्ञ की सहायता मिल जाए।
बैठक के बीच सांसद ने बताया सरकार ने बढ़ाया
चर्चा के दौरान सांसद सिंह ने किसानों को बताया कि शासन ने धान का समर्थन मूल्य 200 रुपए बढ़ा दिया है। आज ही कैबिनेट समिति (आर्थिक मामले) ने आज धान का समर्थन मूल्य 200 रूपए बढ़ाने का निर्णय लिया है।
रायपुर- बीते 15 सालों में जो विधानसभा ने नहीं देखा, वह आज देखने को मिला. छत्तीसगढ़ विधानसभा ने ऐसी तस्वीर पहले कभी नहीं देखी थी. दरअसल मुख्यमंत्री डाॅ.रमन सिंह पहली बार अपने किसी मंत्री के कमरे में जा पहुंचे. हुआ कुछ यूं कि सेंट्रल हाॅल में मीडिया प्रतिनिधियों के साथ ग्रुप फोटो में शामिल होने के बाद विधानसभा परिसर स्थित अपने कमरे में लौट रहे थे, अचानक वे संसदीय कार्यमंत्री अजय चंद्राकर के कमरे में जा पहुंचे.संसदीय कार्यमंत्री के कमरे में मुख्यमंत्री के पहुंचने की खबर सुनकर करीब के कमरे में बैठे मंत्री बृजमोहन अग्रवाल और प्रेमप्रकाश पांडेय भी वहां पहुंच गए. कमरे में सिर्फ मुख्यमंत्री डाॅ.रमन सिंह और तीनों मंत्रियों के अलावा कोई और नहीं था. अधिकारियों के साथ-साथ सुरक्षा में लगे जवाब भी कमरे के बाहर ही खड़े रहे. मुख्यमंत्री आधा घंटे से ज्यादा समय तक अपने कद्दावर मंत्रियों के साथ रायशुमारी करते रहे. इस पल की सामने आई तस्वीरें बताती हैं कि इस बैठक के दौरान अट्टाहास का दौर भी चला, तो गंभीर राजनीतिक मुद्दों पर भी गहन चर्चा की गई. मंत्रीगणों से चर्चा के बाद बाहर निकले मुख्यमंत्री से पूछा कि तीन बार की सरकार में यह पहला मौका देखने को मिला, जब सत्र की कार्यवाही के दिनों में आप मंत्री लाॅबी की ओर आए. संसदीय कार्यमंत्री के कमरे में लंबे समय तक बैठे? इस सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने हंसते हुए कहा कि-चाय पीने की इच्छा हो रही थी. इसलिए संसदीय कार्यमंत्री के कमरे में आ गया.चाय पीने की इच्छा हो रही थी. इसलिए संसदीय कार्यमंत्री के कमरे में आ गया.मुख्यमंत्री का मंत्री लाॅबी स्थित संसदीय कार्यमंत्री अजय चंद्राकर के कमरे में आना भले ही यूं ही हो गया हो, लेकिन इस दौरान कई अहम मुद्दों पर भी चर्चा की खबर है. संसदीय कार्यमंत्री अजय चंद्राकर ने बातचीत में कहा कि-मुख्यमंत्री जी के साथ सामान्य चर्चा हुई है. उनके आने की खबर सुनकर बृजमोहन अग्रवाल और प्रेमप्रकाश पांडेय जी भी कमरे में आए. राजनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई. सदन में कांग्रेस ने अविश्वास प्रस्ताव लाया है, लिहाजा इसे लेकर भी हमारे बीच कुछ चर्चाएं हुई है.मुख्यमंत्री जी के साथ सामान्य चर्चा हुई है. उनके आने की खबर सुनकर बृजमोहन अग्रवाल और प्रेमप्रकाश पांडेय जी भी कमरे में आए. राजनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई. सदन में कांग्रेस ने अविश्वास प्रस्ताव लाया है, लिहाजा इसे लेकर भी हमारे बीच कुछ चर्चाएं हुई है.