रायगढ़। पुलिस नियंत्रण कक्ष में आज पुलिस जांचकर्ताओं और कर्मचारियों के लिए आईटी एक्ट और साइबर फ्रॉड पर विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। एसपी दिव्यांग पटेल के निर्देशन में प्रत्येक शनिवार को विभिन्न विषयों पर कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य जांच और विवेचना की गुणवत्ता में सुधार लाना है ताकि अपराधियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके।
गत सप्ताह एनडीपीएस एक्ट पर कार्यशाला आयोजित की गई थी, जबकि इस सप्ताह आईटी एक्ट और साइबर अपराधों से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई। कार्यशाला के दौरान आईटी एक्ट और साइबर फ्रॉड से जुड़े न्यायालयीन निर्णयों (केस डायरी) पर विस्तृत चर्चा हुई, साथ ही विवेचना में सामने आने वाली खामियों और उत्कृष्ट विवेचना के मानकों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
इस कार्यशाला में साइबर सेल डीएसपी अनिल विश्वकर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में आईटी एक्ट, साइबर अपराधों और उनकी रोकथाम पर जानकारी दी। उन्होंने पुलिस विवेचना में पाई जाने वाली त्रुटियों और उनके निराकरण के उपायों पर प्रकाश डाला। साथ ही, आईटी एक्ट के तहत साइबर अपराधों में लागू कानूनी धाराओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने बताया कि ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायत प्राप्त होने पर सबसे पहले साइबर पुलिस पोर्टल पर कम्प्लेन दर्ज करानी चाहिए। इस प्रक्रिया को समझाने के लिए पुलिसकर्मियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया। उन्होंने साइबर जागरूकता के तहत यह भी बताया कि लोग लालच में न पड़ें, अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अज्ञात कॉल्स व संदेशों से सतर्क रहें और किसी भी वित्तीय लेन-देन से पहले पूरी जांच करें।
इस अवसर पर एडिशनल एसपी आकाश मरकाम, डीएसपी उन्नति ठाकुर, उत्तम प्रताप सिंह सहित शहर के सभी थाना प्रभारियों ने अपने विवेचकों के साथ सहभागिता की, जबकि अन्य राजपत्रित अधिकारी और तहसील के थाना प्रभारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े। कार्यशाला को अत्यंत लाभकारी बताया गया, जिससे साइबर अपराधों की जांच को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
रायगढ़। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के अवसर पर 30 मार्च को रायगढ़ जिले में पीएम आवास हितग्राहियों के महागृह प्रवेश का कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है। जिसमें रायगढ़ जिले के 21 हजार आवासों का महा गृह प्रवेश किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअल रूप से इन आवासों के गृह प्रवेश कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस अवसर पर 6 हजार हितग्राहियों को प्रथम किस्त की राशि भी जारी जाएगी। साथ ही 3 हजार नए हितग्राहियों के लिए आवास निर्माण को स्वीकृति भी प्रदान की जा रही है। उल्लेखनीय है कि 30 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिलासपुर के मोहभट्ठा में आयोजित महा गृह प्रवेश उत्सव के भव्य आयोजन में शामिल होंगे। इस दौरान प्रदेश के लाखों ग्रामीण परिवारों को उनके नए नव निर्मित प्रधानमंत्री आवास में गृह प्रवेश कराएँगे तथा नए हितग्राहियों को आवास स्वीकृत का प्रमाण पत्र भेंट करेंगे।
ग्रामीण परिवारों के खुद के पक्के मकान के सपने को पूरा करने के लिए सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। आवास निर्माण को स्वीकृति प्रदान करने के साथ ही राशि जारी करते हुए हितग्राहियों के मकानों को पूरा करवाने का काम किया जा रहा है। रायगढ़ जिले में कलेक्टर कार्तिकेया गोयल और सीईओ जिला पंचायत जितेन्द्र यादव द्वारा आवास निर्माण का काम पूरी तेजी से पूर्ण करवाने नियमित रूप से समीक्षा कर फील्ड स्तर पर हो रहे कार्यों की मॉनिटरिंग की जा रही है। दिसंबर 2023 से अब तक की बात करें तो रायगढ़ जिले में करीब 21 हजार मकान पूर्ण कर लिए गए हैं। जो कि पूरे प्रदेश में सर्वाधिक है।
पीएम आवास निर्माण गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राहत पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पीएम आवास निर्माण हेतु हितग्राहियों के लिए वित्तीय सहायता से हितग्राहियों को बड़ी सहूलियत है। वहीं खुद का पक्का मकान बनने से उन्हें कच्चे मकान से होने वाली परेशानियों से छुटकारा मिलने के साथ ही एक स्वच्छ वातावरण में रहने का अवसर मिलता है। हितग्राही के जीवन स्तर में सुधार देखने को मिल रहा है।
रायगढ़। रायगढ़ जिले में दिसंबर 2023 से अब तक करीब 21 हजार आवासों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। जिसका महा गृह प्रवेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में होने जा रहा है। वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने सभी हितग्राहियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
वित्त मंत्री चौधरी के प्रयासों से रायगढ़ जिले ने यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने नियमित रूप से पीएम आवास निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवासों को जल्द पूरा करने पर जोर दिया। जिसका परिणाम रहा कि रायगढ़ जिले में 21 हजार आवासों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। जो कि पूरे राज्य में सर्वाधिक है। आवास निर्माण के मामले में रायगढ़ प्रदेश में टॉप पर है।
वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने कहा कि जरूरतमंद परिवारों के लिए पीएम आवास निर्माण की स्वीकृति और उसे पूरा करना यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रहा है। कैबिनेट की पहली बैठक में 18 लाख आवास निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई। आवास निर्माण के लिए राशि जारी कर मकानों को जल्द पूरा करवाने के निर्देश दिए गए। रायगढ़ में जिला प्रशासन द्वारा नियमित रूप से आवास निर्माण की समीक्षा की गई। अधिकारी फील्ड में जाकर हितग्राहियों के संपर्क कर काम की प्रगति की मॉनिटरिंग करते रहे। जिसका परिणाम रहा कि पिछले सवा सालों में 21 हजार से अधिक परिवारों को उनका अपना पक्का मकान मिला है।
वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने रायगढ़ जिले के 21 हजार हितग्राही जिनके मकान पूरे हो चुके उन्हें बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आपके जीवन की नई शुरुआत होगी। उन्होंने कहा कि स्वीकृत अन्य आवास के निर्माण को जल्द पूरा करवाने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे आगामी बारिश के पहले अधिक से अधिक हितग्राहियों के आवास पूरे हो सकें।
सारंगढ़ बिलाईगढ़। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है और तकनीकी सशक्तिकरण के माध्यम से शासकीय प्रक्रियाओं को और अधिक सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाने हेतु निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में वाणिज्यिक कर (पंजीयन) मंत्री ओ. पी. चौधरी के स्पष्ट निर्देश पर जनसुविधा को सर्वाेपरि रखते हुए महानिरीक्षक पंजीयन एवं मुद्रांक पुष्पेन्द्र कुमार मीणा द्वारा सभी जिलों के कलेक्टरों को पत्र जारी कर यह निर्देशित किया गया है कि मार्च माह के सार्वजनिक अवकाश के दिनों 30 एवं 31 मार्च को भी सभी रजिस्ट्री कार्यालय खुले रहेंगे, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अतिरिक्त, नागरिकों की सुविधा हेतु रजिस्ट्री के लिए अपॉइंटमेंट का समय सायं 5 बजे से बढ़ाकर सायं 7 बजे तक कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि एन.जी.डी.आर.एस. सॉफ्टवेयर का संचालन राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी), पुणे और एनआईसी रायपुर की तकनीकी टीम द्वारा ऐसी कोई तकनीकी बाधा उत्पन्न न हो, इसके लिए लगातार तकनीकी समन्वय सुनिश्चित किया जा रहा है।
सारंगढ़ बिलाईगढ़। कलेक्टर धर्मेश कुमार साहू के निर्देश पर सीएमएचओ डॉ एफ आर निराला ने जिले में आम जन को लू (हिट स्ट्रोक) के बचाव के संबंध में एडवाइजरी जारी की है। संपूर्ण विश्व में जलवायु परिवर्तन के कारण वैश्विक तापमान में औसत रूप में वृद्धि हुई है, जिसके कारण प्रदेश के साथ हमारे जिले में भी भीषण गर्मी पड़ने एवं लू चलने की संभावना है। गर्मी के कारण सामान्य जनमानस का प्रभावित होता है, जिससे लू लगना एवं अन्य जलजनित बीमारियों होने की होने की संभावना बढ़ जाती है। गर्मी के कारण लू से बचाव तथा जलजनित संक्रामक बीमारियों से बचाव रोकथाम एवं उपचार हेतु पूर्व से तैयारी किया जाना अतिआवश्यक है। इस परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए दिशा निर्देश जारी किए हैं।
लू के लक्षण
सिर में भारीपन एवं दर्द होना, तेज बुखार के साथ मुंह सुखाना, चक्कर व उल्टियां होना, कमजोरी के साथ शरीर में अत्यधिक दर्द होना, पसीना नहीं आना, अधिक प्यास लगना लेकिन पेशाब का कम होना, भूख कम लगना, घबराहट लगाना, बेचैनी होना, बेहोश हो जाना आदि लू के लक्षण है।
लू से बचाव के उपाय
लू लगने का प्रमुख कारण तेज धूप और गर्मी में ज्यादा देर तक रहने के कारण शरीर में पानी और लवण मुख्यत नमक की कमी हो जाना होता है। इससे बचाव के लिए बहुत जरूरी न हो तो घर से बाहर न जाए, घर से बाहर जाना ही हो तो, खाली पेट न जाए, धूप में निकलने से पहले सर व कान को मुलायम कपड़ों में अच्छी तरह से बांध ले तथा आंख में भी रंगीन चश्मा लगा ले, पानी साथ लेकर घर से निकले एवं बीच बीच में पानी पीते रहे, अधिक समय तक धूप में न रहे, गर्मी के दौरान नरम , मुलायम, सूती कपड़े पहनने चाहिए ताकि हवा और कपड़े पसीने को सोखते रहे, अधिक पसीना आने की स्थिति में ओआरएस की घोल पीएं। चक्कर आने ,मितली आने पर छायादार स्थान पर आराम करे तथा शीतल पेय जल अथवा उपलब्ध हो तो फल का रस ,लस्सी, मठा, आदि का सेवन करे। प्रारंभिक सलाह के लिए 104 आरोग्य सेवा केंद्र से भी निःशुल्क परामर्श लिया जा सकता है। उल्टी, सरदर्द, तेज बुखार की दशा में निकट के अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में जरूरी सलाह लिया जा सकता है
लू लगने पर प्रारंभिक उपचार
बुखार पीड़ित के सर पर ठंडे पानी की पट्टी लगावे। अधिक पानी व पेय पदार्थ जैसे कच्चे आम का जलजीरा आदि का सेवन करें। पीड़ित व्यक्ति को पंखे के नीचे हवा में लिटा देवे। शरीर पर ठंडे पानी का छिड़काव करते रहे। पीड़ित व्यक्ति को शीघ्र ही पास के अस्पताल में इलाज के लिए ले जाए। मितानिन या एएनएम से ओआरएस की पैकेट हेतु संपर्क करे।
अस्पतालों में व्यवस्था सीएमएचओ डॉ एफ आर निराला ने बताया कि जिले के सभी शासकीय अस्पतालों में लू प्रबंधन के लिए पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है। अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में ओआरएस एवं आईवी फ्ल्यूड की व्यवस्था कर ली गई और सभी आवश्यक जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए जा चुके हैं। जिले में एक कंट्रोल रूप की व्यवस्था बनाई जा रही है। उन्होंने जिले के सभी अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर और स्टाफ को निर्देशित किया है, जिसमें बाह्य रोग विभाग में बुखार आने पर लू कि लक्षण की जांच करावे। अस्पताल में कम से कम दो बिस्तर लू प्रभावितों के लिए आरक्षित रखे। वार्डो में कूलर की व्यवस्था हो। पीने के लिए ठंडे पेयजल की व्यवस्था हो लू से बचाव की पंपलेट पोस्टर वितरित करे।अस्पतालों में ओआरटी कॉर्नर बनावे।
सुकमा-रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है। शुक्रवार सुबह सुकमा के गोगुंडा पहाड़ी इलाके में हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने अब तक 16 नक्सलियों के शव बरामद किए हैं। इसके साथ ही मौके से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई है। जानकारी के मुताबिक, 28 मार्च 2025 को सुकमा के थाना केरलापाल क्षेत्र में माओवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद जिला रिजर्व गार्ड और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी। अभियान के दौरान 29 मार्च की सुबह करीब 8 बजे उपमपल्ली इलाके के गोगुंडा पहाड़ी में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई, जो कई घंटों तक चली। सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों को 16 नक्सलियों के शव मिले हैं। इसके साथ ही,एके-47, एसएलआर, इंसास राइफल, .303 राइफल, रॉकेट लॉन्चर और बीजीएल लॉन्चर समेत बड़ी संख्या में गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री भी जब्त की गई है। मुठभेड़ में दो जवानों को मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया है।